दलित का अपमान बंद कमरे में हो या सड़क पर…
अपमान, अपमान होता है।
बाबा साहब अम्बेडकर ने संविधान में हमें सिर्फ जीने का नहीं, सम्मान से जीने का अधिकार दिया है।
अगर जातिसूचक गाली public view देखकर अपराध मानी जाएगी, तो सामाजिक न्याय का क्या होगा?
हम न्यायपालिका का सम्मान करते हैं,
लेकिन संविधान को बचाना के लिए आवाज उठाना भी लोकतंत्र का हिस्सा है।
जातिवाद की पीड़ा गवाह नहीं ढूँढती।
SC/ST Act को कमजोर मत करो।
मेरठ के भगवानपुर गाँव में डॉ. बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया जाना केवल एक महापुरुष का अपमान नहीं, बल्कि भारत के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला है।
महापुरुष किसी एक जाति या धर्म के नहीं होते, वे पूरे राष्ट्र की धरोहर होते हैं। ऐसी असामाजिक एवं दुर्भावनापूर्ण घटना समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
हम शासन-प्रशासन से मांग करते हैं कि दोषियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए तथा भारतीय कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह केवल एक प्रतिमा का अपमान नहीं, हम सबके स्वाभिमान और संविधान का अपमान है।
@meerutpolice@digrangemeerut@dgpup
प्रमाणित किया जाता है कि श्रद्धेय सतीश कुमार बौद्ध जी पूर्व झारखंड प्रभारी बसपा पुत्र श्रद्धेय दल सिंह जी पता:- गाजियाबाद उत्तर प्रदेश को समता मूलक संघ (SMS) के National Direction Committee(NDC) के Chairman अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाता है। हमें आपसे पूरी आशा और उम्मीद है की आप राष्ट्र के प्रति समर्पित सभी संतों, गुरुओं और महापुरुषों की विचारधारा का सच्ची निष्ठा, त्याग, संकल्प, समर्पण और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।
#समता_मूलक_संघ(SMS) जिन्दाबाद
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की ऐतिहासिक धरती पर जन आक्रोश महाआंदोलन की विशाल सभा को संबोधित करने का अवसर मिला।
IAS संतोष वर्मा के समर्थन में,
आरक्षण के समर्थन में,
संविधान की रक्षा और
बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सम्मान में
हज़ारों लोग एक साथ सड़कों पर उतरे।
यह सिर्फ़ एक सभा नहीं थी,
यह सामाजिक परिवर्तन का उद्घोष था।
ख़ास बात यह रही कि
हर पार्टी, हर संगठन के लोग वहाँ मौजूद थे।
कुर्सियाँ कुर्सियों से मिली हुई थीं,
और वही दृश्य यह सिखा रहा था कि,
अगर हाथ से हाथ और दिल से दिल मिल जाए,
तो शोषण अपने आप समाप्त हो जाएगा।
मुझे सुनने के लिए उमड़ी भारी भीड़ ने
यह साबित कर दिया कि
संविधान की आवाज़ को
किसी एक मंच या अनुमति की ज़रूरत नहीं होती।
कुछ लोगों को सशक्त आवाज़ें
अक्सर असहज कर देती हैं,
क्योंकि उन्हें पता होता है
जब सच बोला जाता है
तो जड़ें हिल जाती हैं।
आप सबके प्रेम, विश्वास और सम्मान का
मैं हमेशा ऋणी रहूँगा।
आभार भोपाल❤️
जय भीम….
चलो बुलन्दशहर खुर्जा…. चलो बुलन्दशहर खुर्जा…. चलो बुलन्दशहर खुर्जा….
समता मूलक संघ(SMS) के तत्वाधान में
समाजिक परिवर्तन संकल्प सभा एवं सामूहिक विवाह सम्मेलन
दिनांक:- 11 जनवरी दिन रविवार
श्याम फ़ार्म हाउस खुर्जा जंक्शन रोड,
गाँव कलन्दरगढ़ी, जनपद बुलन्दशहर उत्तरप्रदेश
आप सभी साथी ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में पहुँचे….
दलित माँ अपनी बेटी के साथ खेत पर जा रही थी…
रास्ता रोका गया, बेटी जबरन छीनी गई,
जातिसूचक गालियाँ दी गईं,
और फरसे से माँ का सिर फाड़ दिया गया।
इलाज के दौरान उस माँ ने दम तोड़ दिया।
अब वह माँ कभी इंसाफ़ की माँग नही कर पाएगी…
सिर्फ़ सवाल छोड़ गई है कि ऐसी घटनाओं की निरंतर पुनरावृति क्यों हो रही हैं और इन घटनाओं के लिये जिम्मेदार कौन? क्या मा. मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार तथा मा.केंद्रीय गृह मंत्री जी भारत सरकार के पास निरंतर घट रही अमानवीय अनैतिक शारीरिक शोषण, अन्याय, अत्याचार, बलात्कार, वीभत्स, क्रूर, भयावह, जघन्य, हृदयविदारक और जाति आधारित घटनाओं को शासन सत्ता द्वारा नही रोक पाना क्या सरकारों की नाकामी को नही दर्शाता है?
मेरठ की यह घटना रूह कंपा देने वाली है।
यह सिर्फ़ हत्या या अपहरण का मामला नहीं है सोची समझी साज़िश के तहत की गयी जातिगत हिंसा है, देश की बहुजन महिलाओं की अस्मिता की सुरक्षा नही कर पाना क्या योगी सरकार की पूर्ण नाकामी का वीभत्स चेहरा नही है?
अपराधियों की आँखों में कानून का कोई डर नहीं है क्यों? क्या ऐसे अपराधियों को सत्ता का संरक्षण नही माना जाना चाहिए?
अपराधियों को पता है, न व्यवस्था जागेगी, न शासन शर्मिंदा होगा।
जब माननीय गृह मंत्री जी और माननीय मुख्यमंत्री यूपी को सुरक्षित बताते हैं,
तो फिर ये खून, ये आँसू, ये टूटी हुई ज़िंदगियाँ किसकी हैं?
शासन-प्रशासन कहाँ था
जब एक दलित माँ को सरेआम मार डाला गया
और उसकी बेटी उठा ली गई?
आख़िर कब तक यह चलता रहेगा?
समता मूलक संघ (SMS) @SMSsangh और हम माँग करते हैं….
की माननीया/माननीय @rashtrapatibhvn@indSupremeCourt@India_NHRC@narendramodi@AmitShah@NCSC_GoI@myogiadityanath@GovernorofUp@dgpup@DmMeerut@digrangemeerut@meerutpolice
महोदया/महोदय जी
अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए
SC/ST (अत्याचार निवारण अधिनियम)के अन्तर्गत सख़्त से सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाये,
अपहृत बेटी की सुरक्षित बरामदगी
और पीड़ित परिवार को संविधान सम्मत सुरक्षा, आर्थिक सहायता व अविलम्ब न्याय मिले! हम राष्ट्रहित में अपराधियों को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करके त्वरित न्यायिक प्रक्रिया के द्वारा जुल्म को विशेष वीभत्स भयावह दुर्लभतम घटना की श्रेणी में मानकर माननीया महामहिम राष्ट्रपति महोदया जी से मा.न्यायपालिका तथा माननीय चैयरमैन राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से राष्ट्र व जनहित में स्वतः संज्ञान लेकर संविधान सम्मत कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने की अपेक्षा करते हैं। इसी आशा और विश्वास के साथ
अगर 24 घंटे में लड़की की बरामदगी और अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं होती है तो हम पूरी मजबूती से उस पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंचेंगे।
इतनी बेबसी से बुरा कुछ नहीं…. जब सरकार से उम्मीद ही मर जाए….
भारत के संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर जी के फोटो को अवांछित व अराजक तत्वों द्वारा सार्वजनिक उद्घोषणा करके बार-बार जलाना, प्रतिमाओं को खंडित किया जाना तथा जातिसूचक अपमानजनक अमर्यादित असंसदीय भाषा व अपशब्दों का प्रयोग किया जाना क्या राष्ट्र, राष्ट्रीयता मानवता नैतिकता व भारत के संविधान तथा संविधान निर्माता के प्रति एक संगीन,संज्ञेय,अक्षम्य व राष्ट्रद्रोही अपराध नही है? यह सिर्फ एक महापुरुष का अपमान नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की आत्मा, राष्ट्रीयता की भावना,देश की एकता, अखंडता और बंधुता को खंडित करके संघीय ढांचे को अपूर्णीय क्षति पहुंचाने वाला असंवैधानिक कुकृत्य है!
बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर जी किसी एक जाति, धर्म,वर्ण,वर्ग या विशेष के नहीं हैं। वह इस देश के संविधान निर्माता हैं, जिनकी बदौलत आजादी से पूर्व पशुवत जीवन यापन करने वाली महिलाओं को समान अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीने का हक मिला है।
आज डॉ. अम्बेड़कर जी का सरेआम अपमान किये जाने पर मध्य प्रदेश शासन व प्रशासन का मौन समर्थन केवल लापरवाही नहीं बल्कि संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण के प्रति असंवेदनहीनता के चरमोत्कर्ष की पराकाष्ठा को दर्शाता है।
भारत का संविधान किसी धर्म जाति व समुदाय विशेष का नहीं बल्कि प्रत्येक भारतवासी का है। जो लोग राष्ट्र निर्माता डॉ.अम्बेडकर जी का फोटो जलाते हैं क्या वह वास्तव में भारतीय संविधान के उच्च आदर्शो को जलाने का दुस्साहस नही कर रहे हैं? क्या ऐसे अराजक/अवांछित व असामाजिक तत्वों पर NSA व UAPA के अन्तर्गत संविधान सम्मत कठोरतम कार्रवाही की संतुति करके उदाहरणीय कार्यवाही सुनिश्चित किया जाना क्या राष्ट्रहित में नही हैं?
यदि भारत की एकता व अखंडता को अपूर्णीय हानि पहुंचाने वाले जघन्य संगीन व संज्ञेय राष्ट्रद्रोही कुकृत्य करने वाले अराजक व अवांछनीय तत्वों पर NSA व UAPA जैसे कड़े कानूनों के तहत उदाहरणीय कार्रवाई नहीं होती है तो क्या राष्ट्र में यह स्पष्ट संदेश नही जाएगा कि, "संविधान विरोधी अराजक व असामाजिक तत्वों को सत्ता का मौन समर्थन प्राप्त है" क्या यह स्थिति लोकतांत्रिक देश भारत के लिए अत्यंत घातक व राष्ट्र विरोधी नही है?
@GwaliorPolice@dmgwalior@CMMadhyaPradesh@MPPoliceDeptt
करोड़ों शोषित, वंचित, पीड़ितों के मसीहा हमारे रहबर भारत रत्न ही नहीं विश्वरत्न बोधिसत्व डॉ. बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर शत-शत नमन वो हमारी यादों में हमेशा अमर रहेंगे।
आज हम संकल्पित हैं की अपने जीवन का अंतिम क्षण भी बाबा साहब के सपने को साकार करने में लगा देंगे।
आप थे तो हम हैं बाबा साहब 🙏
#6_दिसम्बर_महापरिनिर्वाण_दिवस
6 दिसंबर करीब है, और इस दिन हम सब मिलकर स्मरण करेंगे
इस दिन भारत के संविधान निर्माता, समाज के महान नवनिर्माता
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी का महापरिनिर्वाण दिवस।
लेकिन साथियों,
इस बार एक बात बहुत स्पष्ट और बहुत गर्व से कहना है की
यह कार्यक्रम किसी राजनीतिक पार्टी किसी संगठन या
किसी विशेष समूह के बैनर तले नहीं है।
यह समाज का साझा आयोजन है, जो भी बाबा साहेब को मानते हैं। जो भी संविधान को अपने अधिकारों और अस्तित्व की नींव मानते हैं, वे किसी भी जाति, धर्म, पंथ या समुदाय से हों सबका स्वागत है, सबका अधिकार है, सबकी भागीदारी है।
6 दिसंबर को
दतिया में आयोजित
संविधान समर्थक महासम्मेलन एवं आदरांजलि सभा सिर्फ एक सभा नहीं, हम सभी की एकता, जागरूकता और बाबा साहेब के सपनों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी।
हम समाज से अपील करते हैं….
आईये पूरी मजबूती से 6 दिसंबर दोपहर 12 बजे न्यू जेल मैदान ग्राउंड, दतिया मध्यप्रदेश।
हम सब एक साझा आवाज़ के रूप में एकत्र होंगे।
आइए,
हम साथ चलें,
एक-दूसरे का हाथ थामें,
और दिखाएँ कि संविधान को मानने वाले
हम सब एक परिवार हैं
एक समाज हैं
एक शक्ति हैं।
आपका स्वागत है।
आपकी उपस्थिति की आवश्यकता है।
और आपकी एकता ही हमारी ताकत है।
जय भीम · जय संविधान · जय भाईचारा
राजस्थान के लाखों युवाओं की यह सिर्फ मांग नहीं, यह उनका हक़ है।
महंगाई आसमान छू रही है, खर्चे बढ़ रहे हैं, लेकिन वेतन आज भी पुराने हिसाब से?
युवा सिर्फ नौकरी नहीं, सम्मानजनक जीवन मांग रहे हैं। योग्यता भी दी, परिश्रम भी दिया अब सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाए।
युवाओं के भविष्य का सवाल है और ये माँग जायज है….
#चतुर्थ_श्रेणी_पद_70K_करो
आज एक दर्दनाक क्षण हमारे बहादुर पायलट की शहादत के साथ हमारे सामने आया, जब दुबई एयर शो के दौरान हमारी अपनी तकनीक, हमारी उड़ान संभावना, यानी #Tejas विमान जो देश की शक्ति व समर्पण का प्रतीक है जो #DubaiAirShow में इस प्रकार धराशाही हो गया जैसे ये हकीकत नहीं किसी फ़िल्म का scene हो….
लगभग ₹600 करोड़ का ये तेजस विमान सिर्फ़ कोई मशीन नहीं बल्कि हमारी मेहनत, हमारी उम्मीद और राष्ट्र की रक्षा-शक्ति का प्रतीक तथा देश का गौरव था….
और आज उस प्रतीक के साथ-साथ एक होनहार पायलट(योद्धा) को खोना हमारे लिए सिर्फ वित्तीय क्षति नही, बल्कि राष्ट्र के लिए अपूर्णीय क्षति है।
हम इस कठिन घड़ी में उस पायलट के परिवार के साथ खड़े हैं उस महान योद्धा को हमारा सलाम विनम्र आदरांजलि….
और हम सरकारों से ये माँग करते हैं, की उक्त घटना की पूरी, निष्पक्ष जांच हो, कारण सामने आएँ, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृति को रोका जा सके।
उन्हीं के मंच पर, उन्हीं की भीड़ के सामने, उन्हीं के माइक पर उन्हीं की तनी हुई भौंहों के सामने और उन्हीं की आँखों में देखते हुए, उनकी नफरत भरी विचारधारा को ललकार दिया….
ऐश्वर्या राय बच्चन ने बड़ी सादगी से कह दिया….
केवल एक जाति है, मानवता….
केवल एक धर्म है, प्रेम….
केवल एक भाषा है, दिल की भाषा….
और केवल एक ईश्वर है, जो सर्वत्र विद्यमान है।
इसके बाद क्या गुज़री होगी… बयाँ करना मुश्किल है!
#InternationalMensDay
इस तानाशाही हुकूमत को उखाड़ फेंकने और लोकतंत्र को बचाने के लिए….
माननीय बहन जी, आज देश की राजनीतिक स्थिति एक नए मोड़ पर खड़ी है। देश की बहुसंख्यक आबादी समानतावादी संविधान में आस्था रखती है और आज भी आपकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा करती है।
ऐसे समय में देश को एक अम्बेडकरवादी महागठबंधन की आवश्यकता है, एक ऐसा मोर्चा जो सामाजिक न्याय, बराबरी और संवैधानिक मूल्यों को केंद्र में रखे।
देश का शायद ही कोई अम्बेडकरवादी नेता होगा जो आपके आह्वान को ठुकराए।
2027 की यूपी विधानसभा चुनाव से लेकर 2029 की लोकसभा तक आपके नेतृत्व में न सिर्फ़ यूपी की, बल्कि पूरे देश की सियासत का कायापलट हो सकता है। बहनजी, आज भी आपकी राजनीतिक दृढ़ता और संगठनात्मक क्षमता का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
बस एक कदम…
एक पहल…
एक कॉल से पूरा अम्बेडकरवादी समाज एक मंच पर आ सकता है।
INDIA हो या NDA अम्बेडकरवादी महागठबंधन के आगे सब फीके पड़ेंगे।
समय की मांग है कि आप नेतृत्व करें, और हम सब आपके साथ खड़े हैं….
#अम्बेडकरवादी_नेता_साथ_आओ
प्रमाणित किया जाता है कि श्रद्धेय प्रताप सिंह अहिरवार संस्थापक सदस्य जी पुत्र श्रद्धेय दयाराम अहिरवार जी पता:- वार्ड न. 15 अम्बेडकर मोहल्ला बड़ा मल्हेरा जिला छतरपुर, मध्यप्रदेश को संस्थापक महोदय माननीय अभिषेक कुमार जाटव जी @abhijatav07 की संतुति पर समता मूलक संघ (SMS) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया जाता है। हमें आपसे पूरी आशा और उम्मीद है की आप राष्ट्र के प्रति समर्पित सभी संतों, गुरुओं और महापुरुषों की विचारधारा का सच्ची निष्ठा, त्याग, संकल्प, समर्पण और ईमानदारी से निर्वहन करेंगे हम आपके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है।
जय भीम, जय संविधान
#समता_मूलक_संघ जिन्दाबाद