विपक्ष को बवाल काटना नहीं आता।
अभी तक तो पूछ रहे हैं कि छात्रों पर Pellet Gun चलाने के निर्देश किसने दिए ? अगर सवाल थोडा बदल दिया जाए कि “हिन्दू छात्रों” पर Pellet Gun चलाने की अनुमति किसने दी ?
जिसने अकेले ही रोक दिया एक हाथ से जुल्म का सफ़र
नादान हैं जो सोचते हैं होगा ‘उस’ पर धमकियों का असर
रिया के साथ पूरा देश है।
शुक्रिया रिया!
#Shukriya_Riya#RiyaAhir#MumbaiPtotest#NEET
कुछ चैनल धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की व्याख्या करते हुए बार बार कहे हैं कि
धर्मेन्द्र प्रधान ने स्वेच्छा से इस्तीफा दे दिया .
धर्मेन्द्र प्रधान ने देश हित में इस्तीफा देकर अपनी जिम्मेदारी निभाई .
धर्मेन्द्र प्रधान को जब लगा कि अराजक तत्व देश को नुक़सान पहुंचा सकते थे तो उन्होंने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया .
धर्मेन्द्र प्रधान को लगा कि देश विरोधी ताकतें इस आंदोलन की आड़ में फायदा न उठा लें इसलिए इस्तीफा दिया .
इत्यादि ...इत्यादि
यानि जिस धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देने और मोदी को उनका इस्तीफा लेने को मजबूर कर दिया गया , उस धर्मेन्द्र प्रधान को ये चैनल वाले अभी भी कवर फायर देने में जुटे हैं . इतनी बेशर्मी कहां से लाते हो भाई ?
देश ने देखा है कि कैसे हजारों छात्रों ने दिल्ली में मोर्चेबंदी करके धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा लिया है .
शुभचिंतक होने के नाते बता रहा हूँ PM @narendramodi जी, ये गुंडे जितना बढ़ेंगे,और सरकार इन्हें संरक्षण देगी,आपकी सरकार का इक़बाल उतना कमज़ोर होता चला जाएगा।
Gen-Z बच्चों को आपने Friends बोला,उन्हें आतंकित करने वाला खुला घूम रहा। @DelhiPolice Show some spine‼️
देशभर के आंदोलनकारियों के सूचनार्थ!
भाजपा और उनके संगी-साथियों के दुर्व्यवहार, दुर्वचनों और हिंसा को सब देख लें। इनका दुस्साहस देखिए कि अभी युवाओं को वचन दिए हुए चंद घंटे भी नहीं हुए हैं और ये भाजपाई अपने इतिहास को दोहराते हुए फिर से धोखा दे रहे हैं। भाजपा के ये संस्कारी नेताजी अपने शीर्ष नेतृत्व के दिये गये आश्वासन की सरेआम धज्जियाँ उड़ा रहे हैं और वीडियो भी बना रहे हैं। अब क्या ये भी डबल इंजन की टकराहट के कारण हो रहा है।
तुरंत गिरफ़्तारी हो!
भाजपाई तो अपने वचन के भी सगे नहीं हैं।
भरोसे का विलोम भाजपा!
चैनलों और सोशल मीडिया के स्वनामधन्य उन पत्रकारों के आत्मचिंतन का समय है कि जो स्टूडियो और कमरें में बैठकर एकतरफा प्रलाप करते हैं .. जो जंतर मंतर नहीं गए या ना जा सके ..उन्हें जरूर सोचना चाहिेए .. ऐसे हालात क्यों और किसने पैदा किए..
धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे ने इतिहास रच दिया है . Gen Z ने मोदी को घुटनों के बल झुका दिया है .
इसके साथ ही सरकार को हमेशा कवर फायर देने न्यूज चैनलों का भी मुंह काला हुआ है .
बेशर्मी का लबादा ओढ़कर दिन रात मोदी की सत्ता की चाटुकारिता करने एडिटर, ऐंकर और रिपोर्टर इस प्रोटेस्ट के फ्लॉप होने का इंतज़ार कर रहे थे , इसे बदनाम करने की मुहिम में जुटे थे , वो सब आज सोने से पहले आईना में अपना चेहरा जरूर देखें
आज देश में जेन ज़ियाने का मौसम है। जेन ज़ी has done Gandhi ji proud. प्रधानमंत्री ने रील बनाना सीख लिया है। उन्हे एक ईमानदार सलाह दे रहा हूँ। गोदी मीडिया को विज्ञापन देना बंद कर दें। उस पैसे को महाराष्ट्र की महिलाओं के खाते में भेज दें।