कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश
(प्रेस विज्ञप्ति)
*सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक एवं निराधार खबर "ECI साफ्टवेयर मे मतदाताओं का नाम काटने हेतु बिना कारण 85,854 फार्म ऑटोजनरेट किये गये" के सम्बन्ध में सही सूचना*
लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026।
दिनांक 09-10-2026 को सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर "In UP SIR, ECI Software Auto-generated 85,854 Forms to Delete Voters Without a Reason" में यह भ्रम फैलाने का प्रयास किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण में ईसीआई सॉफ्टवेयर में से 85,854 मतदाताओं के नाम फार्म-7 ऑटो जेनरेट कर बिना समुचित कारण के विलोपित कर दिये गये हैं।
खबर के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता ���ै कि उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 का कार्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 और भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश दिनांक 27.10.2025 के अनुसार पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है। खबर में लगाए गए आरोप मिथ्या धारणाओं पर आधारित होने के कारण खारिज किये जाते हैं।
उत्तर प्रदेश में दिनांक 06-01-2026 को प्रकाशित आलेख्य मतदाता सूची में 12 करोड़ 55 लाख मतदाता सम्मिलित थे। इनमें से लगभग तीन करोड़ 26 लाख मतदाताओं को नो मैपिंग एवं तार्किक विसंगतियों के कारण नोटिस जारी की गयी थी। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के प्रावधानों के अन्तर्गत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को यह अधिकार है कि वह मतदाता सूची के पुनरीक्षण में किसी भी मतदाता के सम्बन्ध में स्वतः संज्ञान (Suo moto) जांच कर सकता है। अतः विहित प्रावधानों के अधीन ही इन 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस निर्गत करते हुए उन्हें प्राप्त कराया गया। नोटिस प्राप्त ऐसे मतदाताओं से यह अपेक्षा की गयी कि एक निश्चित अवधि में सुसंगत दस्तावेज़ों की सूची में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध करा दें। प्रदेश में नोटिस सुनवाई करते हुए उन पर निर्णय लिये जाने की अन्तिम तिथि 27-03-2026 थी। सुनवाई प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा इन नोटिस प्राप्त मतदाताओं के अर्ह (Eligible) अथवा अनर्ह (Ineligible) होने का निर्णय लिया गया।
जिन लोगों के संबंध में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा यह निर्णय लिया कि वे अर्ह (Eligible) हैं, उनका नाम अन्तिम मतदाता सूची में सम्मिलित कर लिया गया तथा जिन व्यक्तियों के सम्बन्ध में अनर्ह (Ineligible) होने का निर्णय लिया गया, उनका ना�� अन्तिम मतदाता सूची में सम्मिलित नहीं किया जाना था, इसलिए ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाने के लिये सॉफ्टवेयर में फॉर्म-7 जनरेट करने की व्यवस्था थी।
यह व्यवस्था इसलिये है कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यह पता चल सके कि किसी मतदाता का नाम मतदाता सूची से कब हटा और क्यूँ हटा। बिना फार्म-7 जनरेट किये यदि कोई नाम मतदाता सूची से सीधे हटा दिया जाये तो भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर यह पता लगाना मुश्किल ह��गा कि इस व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से कब और क्यों हटाया गया।
खबर में उल्लिखित 85,854 की संख्या उन्हीं मतदाताओं की है, जिनके बारे में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा स्वतः संज्ञान जांच की प्रक्रिया पूर्ण करते हुए यह निर्णय लिया गया कि वे अनर्ह (Ineligible) हैं।
तरबगंज एवं पीलीभीत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में एक आवदेक द्वारा अनेक मतदाताओं का नाम कटवा��े हेतु फार्म-7 भरने का उदाहरण देते हुये रिपोर्ट में यह कहा गया कि उत्तर प्रदेश के SIR-2026 के दौरान समुदाय विशेष के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने का प्रयास हुआ।
इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया जाता है कि उपर्युक्त दोनों विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में जिन प्रकरणों के उदाहरण रिपोर्ट में दिये गये हैं उन सभी में ऐसे समस्त फार्म-7 निरस्त किये गये थे। इस प्रकार Bulk में फार्म-7 भरने की कोशिश भी सफल नह��ं होने दी गयी।
यह खबर स्वयं बताती है कि हमारी वेबसाइट पर लाखों की संख्या में उपलब्ध फॉर्म-7 की सूचनाओं को अच्छी तरह से खंगालने के बाद मात्र 198 ऐसे मामले पाये गये जहाँ एक ही व्यक्ति द्वारा 10 से ज्यादा फार्म-7 भरे गये। रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे सभी प्रकरणों में कुल मिलाकर 4740 व्यक्तियों के नाम काटने का प्रयास हुआ। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में लाखों की संख्या में प्राप्त फार्म-7 में से केवल मात्र 198 ऐसे मामलों का पाया जाना, जहाँ बल्क में फार्म-7 दिये गये हों, इस बात का द्योतक है कि राज्य में बल्क में फार्म-7 सामान्यतः नहीं प्राप्त किये गये।
इस खबर में किया गया दावा कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण ��ी प्रक्रियाओं के संबंध में सार्वजनिक रूप से कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है, पूर्णतया असत्य है। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट (https://t.co/xCJSHeQNoB) पर Instructions Tab में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिनांक 27-10-2025 को जारी दिशा-निर्देश आज भी उपलब्ध है, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया सम्पादित की गयी थी।
ख़बर में यह भी उल्लिखित है कि "हमने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और सा�� ही साथ भारत निर्वाचन आयोग दिल्ली को विस्तृत प्रश्न भेजे थे। खबर छपने के समय तक उनके द्वारा कोई उत्तर नही दिया गया" (We sent detailed questions to UP Chief Electoral Officer Navdeep Rinwa as well as to the ECI in Delhi. They had not replied by the time of publication)
यहाँ स्पष्ट करना है कि दिनांक 08.10.2026 को अपराह्न 3:32 बजे इनके द्वारा ई-मेल के माध्यम से प्रश्नों को प्रेषित करते हुए उसी दिन सायं 07:00 बजे तक विस्तृत उत्तर की मांग की गई थी।
अपने ई-मेल में इनके द्वारा पूछे गये ��हज 3 प्रश्नों में उन आँकड़ों, तथ्यों एवं उदाहरणों का कोई उल्लेख नहीं किया गया जो इनके द्वारा प्रसारित ख़बर में प्रस्तुत किये गये। यह भी ध्यातव्य है कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में विधान परिषद की खण्ड स्नातक एवं खण्ड शिक्षक क्षेत्र का निर्वाचन चल रहा है। मात्र 3 घण्टे के समय में अपने तथाकथित विश्लेषण के संबंध में इनके द्वारा उत्तर मांगा जाना यह सिद्ध करता है कि इन्हें उत्तर प्राप्त किये जान��� या सत्यता जानने में कोई रूचि नहीं है। तत्पश्चात अगले दिन दिनांक-09.10.2026 को प्रातः 08:30 बजे ही इनके द्वारा सोशल मीडिया पर ख़बर भी प्रसारित कर दिया जाना यह दर्शाता है कि महज खानापूर्ति के लिए और आम जनमानस में भारत निर्वाचन आयोग की गलत छवि प्रस्तुत करने के उद्देश्य से अत्यन्त अल्प समय में विस्तृत उत्तर की मांग की गई।
इस प्रकार उपरोक्त प्रसारित खबर भ्रामक एवं निराधार है। यह आश्वस्त किया जाता है कि उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य पूर्णतया विधिक रूप से सम्पन्न किया गया है।
@ECISVEEP
@SpokespersonECI@ANINewsUP
@PTI_News
@ians_india
@DDNewsUP
@AIRNewsHindi
��ारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में विशेष अभियान के संबंध में आज समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के निर्देशों, अभियान की कार्ययोजना एवं आगामी कार्यवाही के संबंध में विस्तार से अवगत कराते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में सभी दलों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर श्री गांधी आश्रम, बन्नादेवी में आयोजित कार्��क्रम में प्रतिभाग कर दोनों महान विभूतियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
चरखा चलाकर स्वावलंबन, श्रम एवं स्वदेशी की भावना को आत्मसात करने का संदेश दिया। गांधी जी के सत्य, अहिंसा एवं सेवा तथा शास्त्री जी के सादगी, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रसेवा के आदर्श हम सभी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत हैं। इन महान मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।
महात्मा गांधी जी और लाल बहादुर श��स्त्री जी का जीवन सत्य, अहिंसा, सादगी, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की अमूल्य प्रेरणा देता है। आइए, उनकी शिक्षाओं को आत्मसात कर जनसेवा और राष्ट्रहित के प्रति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने का संकल्प लें।
रामलीला एवं कृष्णलीला महोत्सव श्रद्धा, उल्लास और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वच्छता, विद्युत एवं अग्निसुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। आयोजकों के सहयोग से पर्वों को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराया जाएगा।
विधान परिषद आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक नि��्वाचन को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी प्रभारी अधिकारी अपने दायित्वों का समयबद्ध एवं पूरी जिम्मेदारी से निर्वहन सुनिश्चित करें।
अतिवृष्टि से प्रभावित फसलों का सर्वेक्षण प्राथमिकता पर कराया जा रह�� है। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र का निष्पक्ष एवं पारदर्शी स्थलीय आंकलन सुनिश्चित करें, कोई भी पात्र किसान सर्वेक्षण से वंचित न रहे। प्रभावित किसानों को शासन के निर्धारित मानकों के अनुरूप यथाशीघ्र राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
किसान दिवस में किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों की आय बढ़ाने के लिए अधिकारियों को कार्यव्यवहार में सुधार, उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और फसल बीमा का पात्र किसानों को समय से लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
आलू उत्पादकों की समस्याओं के समाधान, अतरौली में पीसीएफ सेंटर के पुनः संचालन एवं मंडी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी आवश्यक निर्देश दिए। पराली न जलाने और उसके उचित प्रबंधन के लिए किसानों से अपील की।
जिले की प्रतिभाओं को संसाधनों की कमी के कारण पीछे न रहना पड़े, यही हमारा प्रयास है।
आज से विद्यार्थियों को आईएएस-पीसीएस, नीट, जेईई एवं एस एस सी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी डिजिटल संसाधनों और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों से जोड़ने की पहल शुरू हुई है।
मेरा विश्वास है कि सही मार्गदर्श��, गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और निरंतर मेहनत से हमारे युवा अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
मा. गन्ना विकास एवं चीनी मिलें एवं जनपद प्रभारी मंत्री श्री लक्ष्मी नारायण चौधरी जी की अध्यक्षता में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्माणाधीन परियोजनाओं को समयबद्ध पूर्ण कराने, क्षतिग्रस्त सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश प्राप्त हुए। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है।
यूपी जल निगम (ग्रामीण) ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति योजनाओं के निर्माण से लेकर उनके संचालन एवं अनुरक्षण, जल गुणवत्ता की जाँच और शिकायतों के समाधान तक, हर स्तर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है।
आपके घर तक जल हमारी सेवा, हमारा संकल्प।
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उद्योग एवं व्यापार बंधु की बैठक में उद्यमियों एवं व्यापारियों की समस्याओं पर प्रभावी चर्चा हुई। सीएम ग्रिड के कार्यों में तेजी लाकर सुगम यातायात, इंडस्ट्रियल फीडर में निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा विद्युत अधिकारियों को फीडरवार लाइन लॉस का ब्यौरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में औद्योगिक विकास एवं व्यापारिक हितों ���े जुड़े विषयों के त्वरित निस्तारण पर जोर दिया गया।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 76वें जन्म दिवस पर सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उप्र द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में केंद्र एवं प्रदेश सरकार की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी नीतियों पर आधारित विकासोन्मुखी चित्र प्रदर्शनी की स्थापना की गई।