@facebook एक फेसबुक फेज की वीडियो को बार बार शेयर करके मेरी छवि को धूमिल किया जा रहा है कृपया वीडियो हटाने का कष्ट करे विडियो का लिंक नीचे दे रहा हूं
नोट - जिस मामले में यह वीडियो डाली गई है वह माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश पर निरस्त किया जा चुका है निरस्त आदेश भी
संबंधित अधिकारियों ���ो सूचित किया जा रहा है। @drmprayagrajnc
हम आपसे अनुरोध करते हैं कि कृपया यात्रा विवरण (पीएनआर / यूटीएस नंबर) और मोबाइल नंबर वैकल्पिक रूप से DM के माध्यम से हमारे साथ साझा करें। आप अपनी शिकायत सीधे https://t.co/5ciNTT26j2 पर भी शीघ्र निवारण के लिए रजिस्टर कर सकते हैं या शीघ्र निवारण के लिए 139 डायल कर सकते हैं।
https://t.co/xU20bSg7Rx
उ०प्र० विद्युत नियामक आयोग (UPERC) की विद्युत आपूर्ति संहिता-2005 तथा टैरिफ आदेश, वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रावधानों के अनुसार, दिनांक 01.04.2025 से 31.03.2026 की बिलिंग अवधि के दौरान जिन उपभोक्ताओं ने तीन बार स्वीकृत भार का उल्लंघन किया है। उन उपभोक्ताओं के द्वारा प्रयोग की गई तीन अधिकतम मांग (Maximum Demand) रीडिंगों में से न्यूनतम अधिकतम मा��ग के आधार पर उपभोक्ता के स्वीकृत भार (Sanctioned Load) का पुनर्निर्धारण (Regularisation) किया गया है। भार वृद्धि के उपरान्त उपभोक्ताओं को सूचना दिया जाना प्रावधानित है जबकि पहले भार वृद्धि के पूर्व सूचना दिये जाने का प्रावधान था। इसके लिए एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ताओं को सूचना भेजी ��ा रही है।
वर्तमान टैरिफ प्रावधानों के अनुसार, स्वीकृत भार से अधिक भार प्रयोग करने पर Excess Demand Charges (अधिक मांग प्रभार) देय हैं। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए यह 100% तथा घरेलू श्रेणी के अतिरिक्त अन्य उपभोक्ताओं के लिए 200% की दर से देय हैं।
जब उपभोक्ता का स्वीकृत भार नियमानुसार पुनर्निर्धारित (Regularise) हो जाता है, तब स्वीकृत भार के भीतर भार प्रयोग पर Demand penalty (अधिक मांग प्रभार) नहीं लगेगी।
स्वीकृत भार सही ���ोगा तो विद्युत नेटवर्क( लाईन एवं ट्रांसफार्मर) को डिस्काम भार के अनुरूप विकसित कर पायेंगे। इससे विद्युत नेटवर्क में कम फाल्ट होंगे एवं ट्रांसफार्मर कम क्षतिग्रस्त होंगे। उपभोक्ताओं को बेहतर विद्युत आपूर्ति की जा सकेगी।
@CMOfficeUP
@EMofficeUP
@aksharmaBharat
@mduppcl
#मुजफ्फरनगर - जनपद के ग्राम पंचायत दधेडु में लगातार हो रहे हादसों से भी अभी तक #पी_डब्ल्यू_डी विभाग की नींद नहीं खुली है लगातार हो रहे हादसों में जान गवां रहे ग्रामवासी भी इस आस में है की कब पी डब्ल्यू डी विभाग यहां स्पीड ब्रेकर लगाने का काम करेगा या किसी ओर हादसे का इंतजार करेगा
@CMOfficeUP@UPGovt
#इंस्टा पर तुरंत बंद हो #चाइल्ड_एब्यूज_विज्ञापन , #मेटा को सरकार का #नोटिस..
भारत सरकार ने इंस्टाग्राम पर Child Sexual Exploitative and Abuse Material (CSEAM) से जुड़े पेड विज्ञापनों के मामले में मेटा (Meta) के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. सूत्रों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने मेटा को नोटिस जारी किया है. जिसमें उसे इंस्टाग्राम पर ऐसे सभी विज्ञापनों और कंटेंट को तुरंत हटाने का निर्देश दिया है, जो बाल यौन शोषण सामग्री तक पहुंच को बढ़ावा देते हैं ��ा उसे उपलब्ध कराने में मदद करते हैं.सूत्रों के मुताबिक सरकार ने मेटा से इस मामले में विस्तृत स्पष्टीकरण भी मांगा है. सरकार ने स्पष्टीकरण देने के लिए सात दिनों का समय दिया है. मंत्रालय यह जानना चाहता है कि इंस्टाग्राम जैसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापन कैसे दिखाई दिए, उन्हें रोकने के लिए कौन से सुरक्षा उपाय लागू थे और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कंपनी क्या कदम उठाएगी. अब निगाहें इस बात पर हैं कि META सरकार के सवालों का क्या जवाब देती है और कंपनी अपनी विज्ञापन समीक्षा प्रणाली में किस तरह के सुधारों की घोषणा करती है.
अश्लील कंटेंट को लेकर सरकार नाराज
दरअसल Instagram पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है. हाल ही में केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को Meta को तलब करने के निर्देश दिए थे. केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को भारत में बाल यौन शोषण सामग्री को बढ़ावा देने वाले इंस्टाग्राम विज्ञापनों के मामले में Meta को तलब करने का निर्देश दिया था. सरकार को बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और प्लेटफॉर्म की जवाबदेही को लेकर चिंता है.
@DMuzaffarnagar #instagram #भारत_सरकार
#muzaffarnagar - 11 हजार की लाइन टूट कर गिरी नीचे ,चरथावल देहात के जे ई ओर एस डी ओ कर रहे है किसी बड़े हादसे का इंतजार ,अगर कोई जनहानि हुई तो एस डी ओ चरथावल ओर चरथावल देहात जे ई होंगे जिम्मेदार ,चरथावल देहात क्षेत्र में लगातार लाइन टूटने की हो रही है घटनाएं जिनको रोकने में नाकाम हुए एस डी ओ चरथावल ओर चरथावल देहात जे ई
@UPPCLLKO@MdPvvnl@PVVNLHQ@pvvnlmuzafarngr