#HappyBdayPMModi
Happy 75th Birthday to an inspirational leader, PM Modi! Your life’s journey and leadership have motivated millions to contribute to the growth and progress of our nation.
via NaMo App
@jitanrmanjhi ऐसा एक आदेश उत्तर प्रदेश में तत्कालीन इलाहाबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ बेंच ने पारित किया था, परंतु सरकार की तरफ से कोई कार्यवाही नहीं हुई।
Today's Supreme Court verdict on the abrogation of Article 370 is historic and constitutionally upholds the decision taken by the Parliament of India on 5th August 2019; it is a resounding declaration of hope, progress and unity for our sisters and brothers in Jammu, Kashmir and Ladakh. The Court, in its profound wisdom, has fortified the very essence of unity that we, as Indians, hold dear and cherish above all else.
I want to assure the resilient people of Jammu, Kashmir and Ladakh that our commitment to fulfilling your dreams remains unwavering. We are determined to ensure that the fruits of progress not only reach you but also extend their benefits to the most vulnerable and marginalised sections of our society who suffered due to Article 370.
The verdict today is not just a legal judgment; it is a beacon of hope, a promise of a brighter future and a testament to our collective resolve to build a stronger, more united India. #NayaJammuKashmir
Those rejoicing over the Hon'ble SC decision on the ED case are delusional for various reasons:
The amendments to the CVC Act, which were duly passed by the Parliament, have been upheld.
Powers of the ED to strike at those who are corrupt and on the wrong side of the law remain the same.
ED is an institution which rises beyond any one individual and is focused on achieving its core objective - i.e. to investigate offences of money laundering and violations of foreign exchange laws.
Thus, who the ED director is - that is not important because whoever assumes this role will take note of the rampant corruption of a cozy club of entitled dynasts who have an anti-development mindset.
समाचार 2
सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से पूछा कि उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेद भाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाया।
मेरा कन्फ्यूजन ये है कि दोनों ही बातें देश में जाति आधारति आरक्षण का विरोध करती है और दोनों ही संस्थाएं इसका समर्थन करती हैं!🤔🤔
आज दो कन्फ्यूजिंग समाचार दिखा।
बिहार सरकार के मंत्री ने बाबू जगजीवन राम स्मृति व्याख्यान के क्रम में कहा कि एक देश एक कानून लाने से पहले देश में एक जाति होनी चाहिए। सरकार को पहले जाति भेद मिटाना/रोकना चाहिए। ..जारी..
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सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी से पूछा कि उन्होंने उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति के आधार पर होने वाले भेद भाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाया।
मेरा कन्फ्यूजन ये है कि दोनों ही बातें देश में जाति आधारति आरक्षण का विरोध करती है और दोनों ही संस्थाएं इसका समर्थन करती हैं!🤔🤔
आज दो कन्फ्यूजिंग समाचार दिखा।
बिहार सरकार के मंत्री ने बाबू जगजीवन राम स्मृति व्याख्यान के क्रम में कहा कि एक देश एक कानून लाने से पहले देश में एक जाति होनी चाहिए। सरकार को पहले जाति भेद मिटाना/रोकना चाहिए। ..जारी..
@PMOIndia@narendramodi
भ्र्ष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस देश और जनता के लिए अत्यावश्यक है, परन्तु जांच की धीमी गति से भ्रष्टाचारी का मनोबल बढ़ता है।
कृपया जांच एजेंसियों के संसाधन, मानव बल एवं तकनीकी की क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव वृद्धि और आवश्यक बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
@PMOIndia@narendramodi
भ्र्ष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस देश और जनता के लिए अत्यावश्यक है, परन्तु जांच की धीमी गति से भ्रष्टाचारी का मनोबल बढ़ता है।
कृपया जांच एजेंसियों के संसाधन, मानव बल एवं तकनीकी की क्वांटिटेटिव और क्वालिटेटिव वृद्धि और आवश्यक बजट की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
आज के भौतिकवादी युग में यह सम्भव नहीं है कि सरकारी चिकित्सक बिना किसी इंसेंटिव के गांव के अस्पताल में रह कर चौबीसों घण्टे सेवा के लिए तत्पर रहे।
6 घण्टे की ड्यूटी के बाद प्राइवेट प्रैक्टिस कर वह लगातार सेवा दे सकता है।
डॉक्टर अब प्रैक्टिस के लिए स्वैच्छिक निवृत्ति ले रहे हैं।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है आपके सरकार की ताकि जनता को अधिक प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध हों। विडम्बना ही है कि गाँव के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक को आप प्राइवेट प्रैक्टिस बैन कर 6 घण्टे की ड्यूटी के बाद छुट्टी दे देते हैं।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है आपके सरकार की ताकि जनता को अधिक प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध हों। विडम्बना ही है कि गाँव के सरकारी अस्पताल के चिकित्सक को आप प्राइवेट प्रैक्टिस बैन कर 6 घण्टे की ड्यूटी के बाद छुट्टी दे देते हैं।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
लाख कोशिश कर के भी सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस करने से रोका नहीं जा सका है।
आज से 60 वर्ष पहले शहर के सबसे बड़े डॉक्टर मेडिकल कॉलेज या जिला चिकित्सालय के ही हुआ करते थे, क्योकि तब प्राइवेट प्रैक्टिस बैन नहीं था।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
लाख कोशिश कर के भी सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस करने से रोका नहीं जा सका है।
आज से 60 वर्ष पहले शहर के सबसे बड़े डॉक्टर मेडिकल कॉलेज या जिला चिकित्सालय के ही हुआ करते थे, क्योकि तब प्राइवेट प्रैक्टिस बैन नहीं था।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति के लाभ-
1 जनता को दोगुने प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
2 नैतिक क्षरण से डॉक्टर का बचाव होगा जिससे वे अधिक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
3 नॉन प्रैक्टिसिंग भत्ता पर खर्च बचेगा और चिकित्सक अधिक आय कर देंगे।
@mansukhmandviya@OfficeOf_MM
सरकारी डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस की अनुमति के लाभ-
1 जनता को दोगुने प्रशिक्षित चिकित्सक उपलब्ध होंगे।
2 नैतिक क्षरण से डॉक्टर का बचाव होगा जिससे वे अधिक जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
3 नॉन प्रैक्टिसिंग भत्ता पर खर्च बचेगा और चिकित्सक अधिक आय कर देंगे।