बीते 51 वर्षो में रेलवे गैंगमैन के रोस्टर बहुत बदलाव हो गया है जिन कर्मचारियों से पहले 7.30घँटे प्रतिदिन ड्यूटी लिया जाता था आज उनसे उसी ADEN/PNP उपमंडल में प्रतिदिन बिना किसी ओवरटाइम के 12 घँटे ड्यूटी लिया जा रहा है। श्रम मंत्रालय के अधिकारियों द्वारा भी नही ली जा रही सूद।
साथियों, आँखें खोलने वाला एक कड़वा सच!
आज से 51 साल पहले, 24 सितंबर 1975 को पानीपत ADEN ऑफिस द्वारा जारी यह ऐतिहासिक 'ड्यूटी रोस्टर' देखिए*
1975 में: ट्रैकमेन (गैंग-ए) की ड्यूटी दिन में केवल 7½ घंटे (सुबह 9:30 से शाम 5:00 बजे तक) होती थी हफ्ते में सिर्फ 45 घंटे काम लिया जाता था
आज देशभर में लाखों मजदूर और किसान अपने हक़ की आवाज़ बुलंद करने सड़कों पर हैं।
मजदूरों को डर है कि चार श्रम संहिताएँ उनके अधिकारों को कमजोर कर देंगी।
किसानों को आशंका है कि व्यापार समझौता उनकी आजीविका पर चोट करेगा।
और मनरेगा को कमजोर या खत्म करने से गांवों का आख़िरी सहारा भी छिन सकता है।
जब उनके भविष्य से जुड़े फैसले लिए गए, उनकी आवाज़ को नज़रअंदाज़ किया गया।
क्या मोदीजी अब सुनेंगे? या उन पर किसी “grip” की पकड़ बहुत मज़बूत है? मैं मजदूरों और किसानों के मुद्दों और उनके संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा हूँ।
@AshwiniVaishnaw@drm_dli@GM_NRly@RailMinIndia Sr.DSO/DLI के आदेशों के बाद भी PWI/SMQL(श्री संजय शर्मा) द्वारा रामवीर TM को GM अवॉर्ड के लिए कार्यमुक्त नही किया गया। अतः PWI की द्वेषभावना के कारण ननौता गैंग में कार्यरत श्री रामवीर सिंह ट्रैकमैन को नही मिल पाया GM अवॉर्ड।
#OPSFORCAPF
सभी से विनम्र निवेदन है कि आप लोग इस पोस्ट को लाइक न करके सिर्फ एक रिट्रीट कर दीजिए रिट्वीट करके #OPSFORCAPF लिख दीजिए आप लोग का यह बहुत बड़ा हम लोगों पर एहसान होगा