मंत्री जी को संविधान की ताकत से सड़क से बाहर खदेड़ती एक महिला,
सिर्फ दो परसेंट लोग ऐसा करने लगें तो रोड से पोस्टरबाजी, फालतू की रैलियां, चुनावी प्रचार , नेताजी का काफिलाबाजी एक हफ्ते में बंद हो जाएगी
भारत के रूस से तेल आयात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ताज़ा बयान दिया है-
“वे (पीएम मोदी )मुझे खुश करना चाहते थे, मूल रूप से… प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वे अच्छे आदमी हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था। मुझे खुश रखना ज़रूरी था। वे व्यापार करते हैं, और हम उन पर बहुत तेज़ी से टैरिफ़ बढ़ा सकते हैं।”
मौजूदा वैश्विक भू-राजनीतिक हालात और वेनेज़ुएला पर की गई कार्रवाई के बाद जिस तरह पूरी दुनिया की प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं, उससे ट्रंप को यह एहसास हो चुका है कि उनकी महत्वाकांक्षी और मनमानी विदेश नीति को खुली चुनौती देने वाला फिलहाल कोई नहीं है।
भारत के नज़रिए से देखें तो यह बयान भारत-अमेरिका संबंधों में मौजूद असमान शक्ति-संतुलन और दबाव की राजनीति को दर्शाता है।
आज प्रधानमंत्री आ रहे है,हम मिलकर देश में वेलकम करेंगे जी उनका..
जहां 140 करोड़ बंदा रहता है वहां रहते नहीं..
जिस देश की आबादी 10 हजार है वहां जाते है और वहां का सबसे बड़ा अवॉर्ड ले आते है..!
अरावली पर सवाल उठ सकता है।
लोकतंत्र पर सवाल उठ सकता है।
लेकिन सुधीर चौधरी की वफादारी पर कोई सवाल नहीं उठा सकता🏌️🤡
ये महोदय प्रदूषण का कारण “लोकतंत्र” को बता रहे हैं
प्रदूषण का कारण लोकतंत्र है , इस दिव्य ज्ञान के लिए इनको taxpayer के पैसे से सरकारी चैनल पर 15 करोड़ की सैलरी मिल रही है ?
हसूँ या रोऊँ 🤔