एक और पेपर लीक।
एक और परीक्षा रद्द।
इस बार महाराष्ट्र का TET।
देश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को वसूली का सिस्टम बना दिया गया है, जिससे देश का हर युवा असुरक्षित है।
यह सिर्फ पेपर लीक नहीं,
यह युवाओं के भविष्य की चोरी है।
युवाओं को कॉकरोच कहे जाने पर शेखर सुमन ने शानदार , जबरदस्त धुलाई की है। 💥💥🔥🔥🫡🫡
"खाने में मिलावट है,सांस लेने में रुकावट है, चारों तरफ कूड़ा करकट है, सिस्टम में सड़ांध है" 💯💯🔥🔥
"इतना सब झेलने के बाद भी....अगर हम जिंदा है तो हम कॉकरोच ही है" 🪳🔥🪳🔥🪳🔥🪳
पेपर कैंसिल होने के बाद इस बच्चे का दर्द समझिए, जिन्होंने मेहनत की, कर्जा लेकर पढ़ाई की, मां बाप, भाई बहन से दूर रहे, घर परिवार छोड़ कर एक 10×10 के कमरे में रहे, कभी रुखा सूखा बना लिया कभी भूखे सो गए अगर उनके साथ ऐसा हो तो फिर रोने के अलावा क्या ही कर सकता है कोई?
CBSE परीक्षा परिणाम में भयंकर हेर-फेर हो गई जिससे देश के लाखों बच्चे और उनके माता-पिता सदमे में हैं।
और मोदी जी? हमेशा की तरह - न जवाब, न ज़िम्मेदारी, न शर्म।
जिस कंपनी COEMPT को यह ज़िम्मेदारी मिली, वह पहले Globarena के नाम से तेलंगाना में 2019 में यही कारनामे कर चुकी है।
नाम बदला - पर नीयत वही, फितरत वही।
इतिहास सबको पता था, फिर भी ठेका दिया गया। ऐसी कंपनी के हाथ में 18.5 लाख बच्चों का भविष्य सौंप दिया गया और किसी को फ़र्क़ नहीं पड़ा।
यह गलती नहीं - यह सोचा-समझा षड़यंत्र है।
कुछ ज़रूरी सवाल हैं:
- COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया?
- कौन-कौन से नियम और प्रक्रिया दरकिनार करके इस कंपनी को ये ठेका दिया गया?
- COEMPT पहले Globarena के नाम से विवादों में घिर चुकी है, ये CBSE को क्यों नहीं पता चला? Background checks क्यों नहीं किए गए?
- COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच आखिर क्या संबंध हैं?
हम मांग करते हैं कि इस पूरे घोटाले के असली दोषियों को सामने लाने के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच और SIT का गठन तत्काल किया जाए।
CBSE के Gen Z साथियों - आपकी मेहनत, आपका भविष्य, कोई चुरा नहीं पाएगा। हम इस साजिश की तह तक जाएंगे, और इस भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।