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Supreme Court lawyer Amita Sachdeva served legal notice to Kunal Kamra for insulting Hindu religion & lord Ram from Cockroach janta party protest stage 🔥
तलाक हो जाने के बाद पुरुष को तो दूसरी महिला मिल जाती है, पुरुष महिला के साथ नहीं जिंदगी की शुरुआत कर देता है।
लेकिन स्त्री हमेशा अपने बच्चों के साथ अकेली और साथ बिताए पल याद में भावनाएं अंदर रह जाती है, स्त्री के लिए तलाक सिर्फ कागज़ों में होता है।
सर्वदलीय बैठक बुलाने में भाजपा सरकार को कोई आपत्ति नहीं है। भाजपा वह कांग्रेस नहीं है जिसने लोकतंत्र की हत्या करते हुए संसदीय परंपराओं को कुचला और देश पर आपातकाल थोप दिया था।
भाजपा लोकतांत्रिक संवाद, संवैधानिक मूल्यों और संसदीय मर्यादाओं में विश्वास रखती है।
धर्मेंद्र प्रधान के ख़िलाफ़ जो व्यापक जनांदोलन चल रहा था, वो मुख्यतः UGC के नए नियमों को लेकर था। इतना तो तय है और सब मान रहे हैं कि कॉकरोच या वांगचुक इन नियमों के ख़िलाफ़ नहीं हैं।
इसका सीधा अर्थ है कि सोनाम वांगचुक फँस गए हैं। मंत्रिमंडल विस्तार की ख़बरें आईं, इन्होंने यकीन कर लिया। इनलोगों को लगा कि धर्मेंद्र प्रधान हटाए गए या फिर उनका विभाग भी बदला गया तो इसे वो लोग अपनी सफलता के रूप में प्रचारित करेंगे और इनका नाम हो जाएगा। लेकिन, मोदी सरकार इनसे एक नहीं बल्कि कई क़दम आगे निकली।
मंत्रिमंडल विस्तार की कोई योजना ही नहीं थी। राष्ट्रीय टीम भी आनी है, उसे लेकर सारी मंथन चल रही है। कॉकरोचों और वांगचुक को समझना चाहिए कि मोदी सरकार में जो भी होने वाला होता है वो मीडिया में आउट नहीं होता। जो आउट हो गया, वो होता ही नहीं है। जुलाई में मंत्रिमंडल विस्तार की ख़बर भी ऐसी ही थी, न ये हुआ न सोनम वांगचुक का अनशन टूटा।
कुल मिलाकर, बात ये है कि कोई किसी भी माध्यम से नरेंद्र मोदी या अमित शाह को ब्लैकमेल करने की शक्ति नहीं रखता है आज की तारीख़ में।
और हाँ, जिस दिन कॉकरोच-वांगचुक यूजीसी वाले नियमों के विरोध में बोल देंगे उसी दिन उनका समर्थन ख़त्म हो जाएगा। विरोध यूजीसी को लेकर था, लेकिन अभिजीत दीपके आंबेडकर की तस्वीर लेकर एयरपोर्ट से निकला जब वो भारत पहुँचा तो। यूजीसी के नए नियमों का विरोध और आंबेडकरवाद एक साथ नहीं चल सकता। कॉकरोचों ने 'जय भीम' को चुना, यूजीसी विरोधी पूरा आंदोलन भीमवाद के विरोध में ही था।
राहुल जी का जो देहरादून वाला कार्यक्रम है वो पहले 15 जुलाई को पटना में था..लेकिन वहाँ गैंग लीडर ख़ान सर फायरिंग और दबंगई के चक्कर में फँस गए थे इसलिए वक़्त रहते मोबिलाइज नहीं कर सके जिसके चलते आनन फ़ानन में देहरादून को चुना गया. आज जो नौटंकी अभिनय कर रहा है वो दो दिन पहले फैजल ख़ान को करनी थी.
Two different versions have emerged from different sources:
One section says Rohit Sharma is in no mood to throw in the towel and wants to continue pursuing his dream.
Another says he is troubled by the attitude of the selectors and head coach and may eventually give up, with the personal consolation that he would not be blocking a youngster's prospect. (Cricbuzz).
भाजपा की केंद्रीय कार्यकारिणी में शामिल होंगे राजस्थान के तीन नेता
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, सांसद सतीश पूनिया, अलका गुर्जर और सांसद सीपी जोशी का नाम सबसे आगे
तेजस्वी यादव विदेश में आराम फरमा रहे हैं, और इधर बिहार में खेला हो गया है।
पहले लालू जी के करीबी रहे मृत्यंजय तिवारी का इस्तीफ़ा आता है और उसके बाद 3 राजद सांसद को पाला बदलने कि न्यूज आ रही हैं, जो कि एकदम सही ख़बर हैं। जिनके नाम
अभय कुशवाहा
सुरेंद्र यादव
सुधाकर सिंह