Heading to Delhi on 6th June to stand with @abhijeet_dipke and my Indians who genuinely care for our nation (Cockroaches …. I’m proud to be one)
Viksit Bharat isn’t a slogan for us…. it’s a calling.
We don’t want politicians engaging only in politics.
We want politicians with a VISION for our country.
We want a roadmap for Health, Education, Infrastructure, Jobs, real per capita growth.
In my request to our political class, the youth aren’t your adversaries, engage with them, listen to them, they ARE the future of the Viksit Bharat, you claim to build by 2047.
Please let it be Peaceful, Purposeful and Patriotic.
“With great power comes great responsibility”.
As a first step….. take responsibility.
Min. Dharmendra Pradhan should resign before 5th June.
Let genuine, hardworking students rise to the top.
Stop the paper leaks.
We don’t need the Air Force to secure an exam.
We need an Education Minister who actually cares about education.
Let the cause be Peaceful, Purposeful and Patriotic.
#SackDharmendraPradhan
Jai Hind 🙏🇮🇳
IF NOT US, WHO?
IF NOT NOW, WHEN !
I will be joining the CJP members in Delhi on 6th June if nothing changes by 5th June. Any self respecting Minister should resign if things go so wrong... Not to mention the effect on millions of young lives and in fact the future of India.
#CockroachJantaParty #CJP #SonamWangchuk
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जो पंजाब SAD-BJP के राज में स्कूली शिक्षा में 22वें नंबर पर था, और फिर कांग्रेस के राज में गिरकर 27वें नंबर पर पहुँच गया था, आज आम आदमी पार्टी की सरकार में वही पंजाब नंबर 1 बन चुका है।
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
श्रीमान @raghav_chadha भाई, उम्मीद है आप अच्छे होंगे। मैं विजय अक्षित, आप मुझे अच्छे से जानते होंगे। अंतिम बार आपसे मुलाक़ात दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई थी दो साल पहले। आशा है की आप समझेंगे। आपके साथ 2019 में मैंने आपके लिए प्रोफेशनल कैंपेन किया था जिसका पैसा मुझे आज तक एक रुपये भी नहीं मिला। मेरे से पहले गजेंद्र शर्मा काम करता था जो अब इस दुनिया में नहीं रहा। मैंने कई बार आपसे संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आपसे ह्वाट्सऐप पर कोई रिप्लाई नहीं मिला। न ही आपका PA कोई रिप्लाई दिया। मेरा 3 महीने का मेहनताना है जो उस समय 70 हज़ार के हिसाब से 2 लाख 10 हज़ार होता है। अब उस पैसे का 6 साल से ज़्यादा होने जा रहा है। तो बैंक के ब्याज से भी साढ़े 4 लाख होता है। आज तक आपसे पैसे नहीं लिया क्योंकि आप AAP में थे सोचा आज न कल देंगे ही। लेकिन अब आप ऐसी पार्टी में हैं जो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है और पैसे वाली पार्टी है , और आप उस पार्टी के सांसद हैं, तो आपसे निवेदन है की मेरा सिर्फ 2 लाख 10 हज़ार देने का कष्ट करे। आप बाक़ी समस्या बाद में संसद में सुलझाना, मेरा समस्या पहले सुलझा दो जो आपने खड़ा किया है , अगर मैं ग़लत कह रहा हूँ तो मेरे ऊपर मानहानि का केस करो , ग़लत नहीं कह रहा हूँ तो मेरा पैसा दे दो । आप या आपका आदमी मेरे से इनबॉक्स के द्वारा संपर्क कर सकता है। धन्यवाद।
I know you are desperately trying to hack the account but since you have failed to do so. Let me share the real data.
Why would you call 94% of Indian youth as Pakistanis?
🚨 Do you remember that America Kya Kehta Tha viral boy?
The one who was once a hardcore Modi supporter
is now a fan of Kejriwal
That’s Kejriwal’s impact. 🔥