पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी विजयादशमी, 20 अक्टूबर से शुरू करेंगे "सनातन स्वाभिमान यात्रा"। यह पद यात्रा शिव धाम (महाकाल मंदिर, उज्जैन) से शुरू होकर राम धाम (राम लला मंदिर, अयोध्या) पर पूर्ण होगी। यात्रा विशुद्ध रूप से गैर राजनैतिक यात्रा होगी।
जय सियाराम। जय महाकाल
हम रामानंदी सम्प्रदाय के ���हान संत पीपा जी महाराज के वंशज हैं। हम पीढ़ियों से सनातन हिन्दू धर्म को जी रहे हैं।
: दिग्विजय सिंह जी
#SanatanSwabhimanYatra
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह जी 20 अक्टूबर 2026 विजयदशमी के पर्व पर शिव धाम उज्जैन से राम धाम अयोध्या तक सनातन स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत करेंगे।
#SanatanSwabhimanYatra
कदम तैयारी के…
संकल्प सनातन के स्वाभिमान का..!
शिव धाम से राम धाम तक, दिग्विजय सिंह जी के साथ हम सब भी तैयार हैं पदयात्रा के लिए।
#SanatanSwabhimanYatra
धर्म के नाम पर हो र���ी लूट के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी।
20 अक्टूबर 2026, विजयदशमी से शिवधाम, उज्जैन से रामधाम, अयोध्या तक करेंगे "सनातन स्वाभिमान यात्रा" ।
#जयसियाराम #SanatanSwabhimanYatra
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आज समझ में आया कि "छात्रों की गूंज" का क्या मतलब है जब राहुल जी के सामने कही गई रणजीत तुम्हारी आवाज़ पूरे देश में गूंज रही है और सिस्टम से सीधे सवाल कर रही है।
राहुल गांधी जी बधाई के पात्र हैं उनकी ये पहल निश्चित ही छात्र-छात्राओं के लिए आशा की किरण बन कर उभर रही है।
#ChatronKiGoonj
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��ंजीत जो तुमने अपने संघर्ष की पूरी कहानी आज राहुल जी के सामने रखी, ये सिर्फ तुम्हारी अकेले की नहीं है बल्कि पूरे देश के लाखों बेरोजगार युवा इसी तरह से रोजगार पाने के लिए सिस्टम से जूझ रहे हैं।
#ChhatronKiGoonj
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बहुत खूब तनय, तुमने अपनी बात राहुल जी के समक्ष बहुत अच्छे तरीके से रखी। मैं तुम्हारे संघर्ष में पहले भी साथ था और हमेशा साथ रहूंगा, बस कभी न झुकना और न कभी रुकना..!
#ChhatronKiGoonj
पूर्व मुख्यमंत्री माननीय श्री @digvijaya_28 जी ने आज अपने भोपाल स्थित निवास पर परस्पर स��नेह, सद्भाव एवं सामाजिक समरसता के प्रतीक पर्व "होली" के पावन अवसर पर सभी को गुलाल लगाकर व होली की पारंपरिक मिठाई "गुजिया" खिलाकर हर्षौल्लास के साथ मनाई होली।
"अहंकार सत्ता का हो या सौंदर्य का, शक्ति का हो या भक्ति का, धन का हो या धर्म का ये बड़े से बड़े विश्वविजेता को नष्ट कर देता है"
सुनिए रावण की भूमिका निभा ��हे प्रिय आशुतोष राना द्वारा "हमारे राम" महानाट्य में भगवान श्रीराम के अनुज श्री लक्ष्मण जी को दिया उपदेश...!
28 फरवरी : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद माननीय श्री दिग्विजय सिंह जी के जन्म दिवस पर विशेष लेख।
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राजनीति के पुरोधा दिग्विजय सिंह जी, जमीनी संघर्ष और जन सेवा के पर्याय हैं।
मध्यप्रदेश की ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति में उन विरले नेताओं के नामों को उंगलियों पर गिना जा सकता है जिनका जुड़ाव सीधे जमीन और आम कार्यकर्ताओं से है। इस फेहरिस्त में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। वे जितने कद काठी से मजबूत हैं उतने ही बौद्धिक रूप से ज��हीन और सुलझे हुए राजनेता हैं। उनकी विलक्षण स्मरण शक्ति का तो पूरा देश कायल है। दशकों पुराने मिलने वालों को नाम से पुकारना उनकी विशि��्ट पहचान है।
दिग्विजय सिंह जी ने संपन्न व राजसी पृष्ठभूमि होने के बावजूद वैभव के स्थान पर संघर्ष को प्राथमिकता दी। उनकी राजनीति विशुद्ध जमीनी और जन सेवा को समर्पित रहती है। इसीलिए तो उन्हें जमीनी राजनीति का पुरोधा कहा जाता है। उन्होंने सत्ता और संगठन में संगठन को सर्वोपरि रखा। दिग्विजय सिंह जी ने संगठन के कार्यों में उनकी रुचि से जुड़ा एक बड़ा रोचक वाक्या सुनाया। उन्होंने बताया कि राज��व गांधी जी ने पूरे देश में सक्रिय युवा नेतृत्व की खोज के लिए टैलेंट हंट का आयोजन किया था जिसकी जिम्मेदारी तरुण गोगोई जी को दी गई थी। जिसमें देश भर से युवाओं का चयन किया गया उनमें से एक वे भी थे। वे बताते हैं कि उस वक्त उनका इंटरव्यू राजीव गांधी जी ने स्वयं लिया था। राजीव जी ने इंटरव्यू के दौरान दिग्विजय सिंह जी से पूछा कि "आप क्या करना चाहते हो तो उन्होंने कहा कि मैं आपके साथ काम करना चाहता हूं। राजीव जी ने कहा कि मेरे साथ काम करने के लिए आपको मंत्री पद छोड़ना पड़ेगा, तब दिग्विजय सिंह जी न कहा कि आप कहें तो मैं आज रात को भोपाल पहुंचकर इस्तीफा दे देता हूं। हालांकि राजीव जी न उनका इस्तीफा उस वक्त नहीं लिया। और बाद में राजीव गांधी जी ने उन्हें मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में मनोनीत किया।
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"मेरा जीवन वंचित वर्गों, अल्पसंख्यकों, दलितों, आदिवासियों के उत्थान के लिया समर्पित रहा। कांग्रेस और गाँधी परिवार की विचारधारा भी सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देने पर जोर देती है जो कि संविधान की मूल अवधारणा है।" : @digvijaya_28@INCIndia@INCMP@kharge@RahulGandhi@priyankagandhi@JVSinghINC
सही मायने में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के सच्चे अभिभावक ह��ं माननीय श्री दिग्विजय सिंह जी। उन्होंने भोपाल में किसान चौपाल में पधारे कार्यकर्ताओं के लिए अपने निवास पर भोजन और चाय की व्यवस्था कर रखी थी। अपने नेता के घर भोजन की व्यवस्था देख कार्यकर्ता खुश भी दिख रहे थे और भावुक भी। बहुत विरले नेता ही इस तरह अपने कार्यकर्ताओं की चिंता करते हैं। ये पहली बार नहीं है दिग्विजय सिंह जी हमेशा इसी तरह कार्यकर्ताओं का ध्यान रखते हैं। जब दिल्ली में मनरेगा बचा�� रैली थी तो वहां पर भी ��न्होंने अपने निवास पर भोजन की व्यवस्था कर रखी थी। कार्यकर्ताओं की इस तरह की सेवा से ये स्पष्ट दिखाई जान पड़ता है कि दिग्विजय सिंह जी का पार्टी के प्रति कितना जबरदस्त समर्पण है। उनका सेवा का जज्बा इसी तरह बना रहे, यही कामना है।
जय जगत।
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विधानसभा में बोले नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, दिग्विजय सिंह जी की महिमा अपरम्पार ��ै, की जमकर प्रशंसा।
मध्यप्रदेश विधानसभा में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी ने मध्यप्रदेश के स्थापना के 70 वर्ष पूरे होने पर आहूत की गई विशेष चर्चा में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद श्री दिग्विजय सिंह जी की कार्यशैली, योगदान और राजनीतिक सौजन्यता की खुले तौर पर सराहना की।
विधानसभा में अपने वक्तव्य के दौरान श्री विजयवर्गीय ने कहा कि वर्ष 1993 से 2003 तक मुख्यमंत्री के रूप में श्री दिग्विजय सिंह जी के कार्यकाल में राज्य के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उन्होंने कहा कि संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट, बांध सागर परियोजना को गति देना तथा कोलार जल परियोजना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इंदौर में आईआईएम की स्थापना के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने विशेष प्रयास किए, जिनके परिणामस्वरूप बाद में इंदौर में आईआईएम और आईआईटी दोनों संस्थान स्थापित हुए। श्री विजयवर्गीय ने कहा कि इंदौर देश का पहला ऐसा शहर है, जहाँ आईआईएम और आईआईटी दोनों मौजूद हैं, जिसमें अर्जुन सिंह जी, दिग्विजय सिंह जी तथा तत्कालीन नेतृत्व का बड़ा योगदान रहा।
श्री विजयवर्गीय ने सदन में यह भी कहा कि राजनीतिक सौजन्यता और मानवीय संवेदनाओं का पाठ उन्होंने दिग्विजय सिंह जी से सीखा है। उन्होंन�� एक व्यक्तिगत प्रसंग साझा करते हुए बताया कि जब उनके जबलपुर के कार्यकर्ता ओमकार तिवारी को अचानक स्वास्थ्य संकट आया, तब दिग्विजय सिंह जी ने तत्काल हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर उन्हें दिल्ली भिजवाया।
उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह जी का यह स्वभाव रहा है कि चाहे समर्थक हो या राजनीतिक विरोधी, यदि कोई सहायता के लिए उनके पास पहुँचे तो वे बिना भेदभाव मदद करते हैँ।
विधानसभा कार्यवाही के दौरान यह वक���तव्य सदन की कार्यवाही में रिकॉर्ड पर दर्ज किया गया।
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"सीएम राइज़" नहीं, "सीलन राइज़", बीजेपी विधायक बोले, मंगलवार को मुख्यमंत्री से करूंगा शिकायत।
राजगढ़ के नरसिंहगढ़ के सीएम राइज स्कूल भवन में 50 करोड़ की लागत पर घटिया निर्माण का आरोप।
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पूर्व शासन के निर्देश भी हैं जो आवासहीन गरीब परिवार शासकीय भूमि पर आवास बना कर रह रहे हैं उ���्हें वहीं विस्थापित कर उन्हें पट्टे दिए जायें। मेरा @Collector_Guna से अनुरोध है कि उन्हें वहीं आवास के पट्टे जारी किए जाएँ। यदि वह संभव नहीं है तो उन्हें जब तक वैकल्पिक भूमि आबंटित कर PMAY के अंतर्गत राशि आबंटित नहीं की जाती है तब तक उन्हें वहाँ से ना हटाया जाए। @INCMP @JVSinghINC
@BJP4MP @TribalArmy
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