कबिरा चिंता क्या करु, चिंता से क्या होय।
मेरी चिंता हरि करै, चिंता मोहि ना कोय।।
चिंता खा गई जगत को ,चिंता जग की पीर ।
जो चिंता को मेट दे ,ताका नाम कबीर ।।
गुमराहियत से हिदायत तक!
जब इंसान इब्लीस (शैतान) के वसवसों (भ्रम) में फंसता है, तो यमन और लीबिया जैसे हालात पैदा होते हैं। गुमराहियत से निकलकर हिदायत (सच्चे रास्ते) पर आने के लिए ज़रूर पढ़ें: "मुसलमान नहीं समझे ज्ञान क़ुरआन"।
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#फ्री_खाद_बीजदवाई_सेवाअभियान
संत रामपाल जी महाराज ने गांव
कोहला (सोनीपत) में दूसरी बार पहुंचाया तोहफा
पहले पाइप-मोटर से बाढ़ का स्थायी समाधान
अब 5 किसानों को 28 बैग यूरिया व 8 बैग डीएपी सहित कीटनाशक दवाइयां निशुल्क वितरित ।
माता-पिता नहीं, अपना घर नहीं… पांच मासूम बच्चे बूढ़ी दादी के साथ एक छोटे कमरे में भूख और बेबसी के बीच जीवन काट रहे थे।
गांव धनौरा जटान, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) में संत रामपाल जी महाराज ने सिर्फ 12 दिनों में नया पक्का घर, राशन, शिक्षा, कपड़े और पूरी गृहस्थी का सहारा दिया।
देखिए कैसे अनाथ बच्चों को मिला सम्मानपूर्ण नया जीवन।
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गरीब, ऐसा सतगुरु सेईये, शब्द समाना होय ।
भौ सागर में डूबते, पार लंघावै सोय।
भावार्थ :-
ऐसा सतगुरु कीजिए जो शब्द शक्ति वाला व अविनाशी हो भवसागर में 84 लाख योनियों में जाते को (डूबते को) संसार सागर से पार कर दे अर्थात् पूर्ण मोक्ष प्रदान कराए।
#GodMorningFriday