@IndiaPostOffice@PMOIndia महोदय, बी. देवघर द्वारा सूचित किया गया था कि 3-4 कार्य दिवस के अंदर कुण्डहित so में ipo उपलब्ध करा दिया जायेगा, लेकिन अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है। ऐसा झूठा रिपोर्ट उपलब्ध कराने वाले अधिकारी के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाएं।
@DabaluGhosh महोदय, बी. देवघर डाक मंडल ने सूचित किया है कि 10 रुपये मूल्यवर्ग के IPO, कुंडाहित SO में 3-4 कार्यदिवस में उपलब्ध करा दिए जाएंगे. ग्राहकों को हुई असुविधा के लिए खेद है.
@IndiaPostOffice Dear India Post झारखंड सर्किल अंतर्ग�� उपडाकघर कुण्डहित (815359) में विगत कोई महिनों से ₹10/- (रुपए) मूल्यवर्ग का भारतीय पोस्टल ऑर्डर उपलब्ध नहीं होने से इस क्षेत्र के लोगों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, उक्त मामले पर संज्ञान लेने की कृपा करें।
केंद्रीय सूचना आयोग में सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े 40,000 से अ���िक मामले लंबित हैं, जबकि आयोग स्वीकृत कर्मचारियों की पूरी संख्या के साथ काम कर रहा है. सीआईसी पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों से यह जानकारी सामने आई है.
यहाँ पढ़ें: https://t.co/A3WN1O216L
@IndiaPostOffice dear India Post यह ��िर्फ गिरिडीह प्रधान डाकघर का समस्या नहीं है संपूर्ण झारखंड में जितने भी डाकघर है सब में यही हालत है, जो की उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की घोर उल्लंघन किया जा रहा है,उक्त मामले पर गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए यथाशीघ्र कार्रवाई करें।
गिरिडीह प्रधान डाकघर (झारखंड) में लगातार अपठनीय स्पीड पोस्ट रसीदें ���ारी की जा रही हैं। पूर्व में लिखित शिकायत देने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आम जनता के हित में दोषपूर्ण प्रिंटर को तत्काल बदलकर नई मशीन लगाई जाए।@IndiaPostOffice @JM_Scindia @IndiaPost @AshwiniVaishnaw
भूख हड़ताल का तीसरा दिन,सत्याग्रह का 11वाँ दिन।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हमारा यह संघर्ष उनके नाम समर्पित है।
��ारखंड के युवाओं का यह आंदोलन किसी पद या राजनीति के लिए नहीं, बल्कि निष्पक्ष, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती व्यवस्था के लिए है।
JPSC–JSSC भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती अभियान निरंतर जारी है।
"हेमंत सोरेन बात कीजिए या इस्तीफा दीजिए।"
#hungarstrick #satyagrah #JPSC #JSSC #devendranathmahto
@Wangchuk66 @JharkhandCMO @HemantSorenJMM @jhar_governor
DC जामताड़ा CP GRAMS पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण ढंग से नहीं किया जा रहा है, सिर्फ किसी तरह निस्तारण कर के शिकायत को बंद कर दिया जाता है जिसको लेकर संबंधित नोडल पदा���िकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देने कि कृपा करें। @dcjamtara @PMOIndia
DC जामताड़ा CP GRAMS पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्ण ढंग से नहीं किया ���ा रहा है, सिर्फ किसी तरह निस्तारण कर के शिकायत को बंद कर दिया जाता है जिसको लेकर संबंधित नोडल पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश देने कि कृपा करें। @dcjamtara @PMOIndia
आज कार्यालय प्रकोष्ठ में CP GRAMS पोर्टल में जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों से लंबित शिकायतों के निष्पादन को लेकर स��ीक्षा कर कुल, निष्पादित एवं प्रक्रियाधीन मामलों की जानकारी ली एवं बताया गया कि वर्तमान में कोई भी मामला लंबित नहीं है। वहीं बैठक के क्रम में संबंधित पदाधिकारी को पोर्टल में प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
@prdjharkhand
@JharkhandCMO
@AlokDubeyIAS
जंतर मंतर पर बच्चों के साथ हुई बर्बरता में सबसे बड़ा हाथ DG CRPF का है क्योंकि इन्होंने ही बच्चों पर लाठीचार्ज का आदेश दिया था।
DG ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
अगर आप मेरी बात से सहमत हैं तो पोस्ट को आगे बढ़ा दो।
#DG_CRPF_Must_Resign
झारखंड की जामताड़ा जिला में किस तरह RTI Act, 2005 की धज्जियां उड़ाई जा रही है देखिए। लोक सूचना पदाधिकारी पुलिस अधीक्षक, जामताड़ा को बनाए गई हैं और प्रथम अपीलीय प्राधिकार भी पुलिस अधीक्षक जामताड़ा को बनाई गई है। @dcjamtara@jamtarapolice@JharkhandCMO@sunny_sharad@The_FollowUp
छह साल बाद राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति: सुकून भी, सवाल भी…
शासन तथा प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने वाले सभी नागरिकों और RTI कार्यकर्ताओं के लिए निश्चित ही यह खबर सुकून देने वाली है कि छह वर्षों के लंबे इंतजार के बाद झारखंड राज्य सूचना आयोग में सूचना आयुक्त��ं की नियुक्ति हुई है। लेकिन इसके साथ कई गंभीर चुनौतियाँ भी सामने हैं, जिनका समाधान किए बिना सूचना का अधिकार प्रभावी नहीं हो सकता।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि मुख्य सूचना आयुक्त का पद अभी भी रिक्त है। सूचना का अधिकार अधिनियम में मुख्य सूचना आयुक्त की भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि आयोग के नेतृत्व, पीठों के गठन, मामलों के आवंटन और संस्थागत दिशा तय करने की होती है। ऐसे में बिना मुख्य सूचना आयुक्त के आयोग कितनी प्रभावी और सुचारु रूप से कार्य कर पाएगा, यह बड़ा सवाल है।
इसके अलावा आयोग के समक्ष 20 हजार से अधिक अपील और शिकायतें लंबित हैं। वर्षों ��े न्याय की प्रतीक्षा कर रहे आवेदकों को समयबद्ध सुनवाई कैसे मिलेगी, यह भी एक बड़ी चुनौती है।
राज्य सूचना आयोग की वार्षिक रिपोर्ट 2018 के बाद से लंबित है। जब आयोग ही अपनी वैधानिक रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत नहीं कर पा रहा है, तो पारदर्शिता और जवाबदेही का संदेश कमजोर पड़ता है।
ऑनलाइन RTI पोर्टल पर आज भी केवल 37 लोक प्राधिकरण सूचीबद्ध हैं, जबकि राज्य के अधिकांश विभाग और कार्यालय इससे बाहर हैं। इससे आम ना��रिकों के लिए सूचना प्राप्त करना अनावश्यक रूप से कठिन बना हुआ है।
सबसे महत्वपूर्ण चुनौती यह है कि RTI अधिनियम की धारा 4(1)(b) का पालन अधिकांश सरकारी कार्यालयों में नहीं हो रहा। यदि विभाग स्वप्रेरणा से अनिवार्य सूचनाएँ सार्वजनिक करें, तो न केवल RTI आवेदनों की संख्या घटेगी, बल्कि शासन में वास्तविक पारदर्शिता भी आएगी।
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन अब असली परीक्षा आयोग और सरका�� दोनों की है। केवल ��ियुक्तियाँ नहीं, बल्कि लंबित मामलों का निपटारा, वार्षिक रिपोर्ट का प्रकाशन, ऑनलाइन व्यवस्था का विस्तार, धारा 4 का अनुपालन और मुख्य सूचना आयुक्त की शीघ्र नियुक्ति ही सूचना के अधिकार को वास्तव में मजबूत बनाएगी।
आप इस विषय पर क्या सोचते हैं
#RTIAct
#jharkhand
#informationcomission
#Transperancy
#surenderapandey
@dcjamtara@JharkhandCMO DC जामताड़ा यह व्यक्ति कुण्डहित प्रखंड क�� ग्राम पंचायत बागडेहरी के जनार्दनपूर गांव के निवासी प्रभाकर मंडल है,उम्र लगभग 95 वर्ष है कुछ गंभीर बि��ारी के कारण दिव्यांग हो गया है।
अतःआपसे अनुरोध है कि इस दिव्यांग व्यक्ति को व्हील चेयर प्रदान करने की कृपा करें।