@girirajsinghbjp माननीय सांसद साहब अपनी पहचान अपने काम ओर कर्म से बनाए असद औवेसी के ऊपर गलत टिप्पणी ओर बकवास बाते करके सस्ती शोहरत मत लीजिए, लोग काम से पहचानते हे बकवास करने से नहीं
@ShayarImran माननीय संसद साहब क्या पिछले इलेक्शन में कांग्रेस ने बंगाल में सभी सीटों के ऊपर चुनाव लडा था, ओर कितनी सीटे जीते, क्या ठगबंधन किया था
'न समझोगे तो मिट जाओगे' जैसी बातें डर पैदा करती हैं,
लेकिन देश समझ और संवाद से चलता है, डर और शक से नहीं।"
@AnilYadavmedia1@abuasimazmi सियासत ताक़त के आंकड़ों से नहीं,
नियत, नज़रिये और अवाम की आवाज़ से पहचानी जाती है।
सांसदों की गिनती से अगर इज़्ज़त तय होती,
तो इतिहास में कई बड़ी पार्टियाँ मिट्टी में न मिल जातीं।
एक सांसद हो या सैंतीस,मुद्दा ये है कि कौन मज़लूम के साथ खड़ा है
और कौन सिर्फ़ बयानबाज़ी में आगे है।
माननीय राज्य सभा सांसद साहब NRC का बिल फाड़ने से क्या होता हे तो कुछ नहीं होता सोया हुआ जमीर जाग जाता है। ओर सिर्फ दो मिसरे समाअत करने से क्या होता हे जिंदा जमीर लालच, मफ़ाद परस्त हो जाता है। पब्लिक इकट्ठी हो सकती, दिल कभी जोड़ नहीं सकते हो @ShayarImran@asadowaisi
@raviafc@singh_kikki जब आप के मुंह से नफरत वाली बाते ओर नफरत वाली पोस्ट आप जैसे अंध भक्तों को प्यारी लगती है तो अंध भक्त साहब हम तुम्हारी जैसी मनहूस ओर नफरती बाते नहीं करते
@nehraji77 चलती गाड़ियों के दरमियान कोई भी धर्म का इंसान ऐसी हरकत करे चाहे वह मियां हो या आप जैसे मनहूस इसको रोक कर इनके पास ही साफ कराए।
कपड़े से अच्छी तरह।ओर आप जैसे मनहूस ऐसा करे तो इन्हें पहले गोबर खिलाए फिर मूत्र पिलाए इसके बाद जुबान से चटवाए।
हर बात में नफरत, धर्म, की बाते
@Yadvkomal नफरत और गंदगी फैलाना, चाटना ये जानवरों का काम है, मोहब्बत, अमन, भाईचारे की बात करना ये इंसानों का काम हे । माफ करना आप को जानवर नहीं बताते मगर आप समझ भी मत लेना । ठीक हे
@Yadvkomal@grok ये अलग अल्ला नहीं हैं
ये तो अल्लाह को याद करने के अलगअलग तरीके के अल्फ़ाज़ हैं।वरना इंशाअल्लाह,माशाअल्लाह,सुबहानअल्लाह तीनों का मालिक तो एक ही है, बस बातें अलग हैं।ओर बाकी आगे कुछ इसलिए नही लिखते के दूसरों के धर्म को गलत ओर निचा देखना ये इंसान का काम नहीं जानवरो का काम है