अमेरिका में फाड़ी गई कुरान 🔥🔥
ईसाईयों ने कहा मुसलमानों अमेरिका छोड़कर चले जाओ
न्यूयॉर्क सिटी के हार्लेम चर्च से ईसाई जेक लैंग ने कुरान फाड़ते हुए मुस्लिमों को अपशब्द कहें
वहां उपस्थित अमेरिकी ईसाई और पादरियो ने ताली बजाकर इनका समर्थन करते हुए मुस्लिमों के प्रति अपनी नाराज़गी जताई
शर्मिष्ठा पनोली को मुहम्मद पर सच्चाई बोलने के आरोप में पुलिस ने उठा लिया, निशु आजाद रामजी, दुर्गा माता और रामायण को मिथक बताकर गालियाँ दे रही है फिर भी आज़ाद घूम रही है।
पोस्ट में एक तरफ शर्मिष्ठा को पुलिस गाड़ी में घसीटते हुए दिखाया गया है, दूसरी तरफ निशु की तस्वीर फर्क साफ़ दिख रहा है कि किसके धर्म की भावनाएँ जल्दी आहत होती हैं।
यही है वोक सेकुलरिज्म का असली चेहरा हिन्दू देवताओं की बेइज्जती पर चुप्पी, इस्लाम पर सवाल उठाने पर तुरंत गिरफ्तारी। इस दोहरे मापदंड ने देश को खोखला कर दिया है।
"जाहरवीर" कब "जाहरपीर" हो गया
किसी अंधे नपुंसक को पता ही न चला.....
और जब रिद्धिमा @Ridhu417Sharma नाम की बहन ने इनका भांडा फोड़ दिया तो उसके खिलाफ FIR करा दी गयी...
Repost ✊ जबतक वीर गोगा जी
जन्मस्थान को जिहादी मुक्त न कर दिया जाए
Hello @BhajanlalBjp जी
FIR उस मौलवी के खिलाफ और इस बोर्ड को लगाने वाले के खिलाफ होनी चाहिए न कि रिद्धिमा के खिलाफ..
आपके एक्शन का इंतज़ार रहेगा ✍️
पाकिस्तान का वीडियो है
बच्ची सायद 11-12 साल की होगी
जिसे स्कूल में अलग कमरे में लेजाकर मारा जा रहा है...... प्लास्टिक के पाइप से..
बुरी तरह मारने वाला इसका ही टीचर है
जानते हैं इस बच्ची का अपराध क्या है
सिर्फ ये कि ये एक ईसाई बच्ची है पाकिस्तान में और स्कूल में गले में क्रॉस पहन कर चली गयी...
ये बात इसके टीचर को इतनी बुरी लगी कि उसने इसे अधमरा कर डाला...
जहाँ दीन का वर्चस्व वहाँ के अल्पसंख्यक का यही हाल मिलेगा आपको
पाकिस्तान, बांग्लादेश, सीरिया, ईराक, यमन, तुर्की..... हर जगह
🚨बड़ी खबर
बेंगलुरु में बजरंग दल नेता सुहास शेट्टी की सुनियोजित हत्या के मामले में एनआईए ने 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं।
पूर्व पीएफआई सदस्य अब्दुल सफवान सात इस्लामी आतंकवादियों का नेतृत्व कर रहा था, जिन्होंने दिनदहाड़े हुए आतंकी हमले में उसका पीछा किया, उसे टक्कर मारी, उसका पीछा किया और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया।
NIA ने अपने बयान में कहा कि यह कोई सामान्य हत्या नहीं थी, बल्कि एक टारगेटेड किलिंग थी. इसके जरिए हिंदू समाज में डर और दहशत का माहौल बनाना था।