आर्या सिंह ने NEET का एग्जाम दिया
• OMR शीट के अनुसार 609 नंबर आने चाहिए
• रिजल्ट आने पर सिर्फ 540 नंबर आए
परिवार को भरोसा नहीं हो रहा था, वो बार-बार वेबसाइट चेक करे थे. इसी बीच रात 2 बजे अचानक से नंबर घटकर 167 हो गया.
जी हां, 540 नंबर, अपने आप 167 हो गया.
सुनिए 👇
Delhi Police is planning to crackdown on our protest during night or early hours of morning - silencing the voice of youth.
We request everyone to join us for night vigil at Jantar Mantar, so that together we can march to Sansad on 20th
“जो आज मेरी बेटी के साथ हुआ, मेरे साथ जो हुआ, वो किसी दूसरे के साथ ना हो…
मेरी बेटी के साथ और भी बच्चों ने अपनी जान दी है, उनके लिए श्रद्धांजलि का एक शब्द तक नहीं है?”
यह एक शोकाकुल पिता के शब्द नहीं, पूरे देश की अंतरात्मा की आवाज़ हैं। यह आवाज़ सड़कों से लेकर सदन तक गूंजनी चाहिए।
#ChhatronKiGoonj
रिया के पिता, राजेश जी बेटी को खोकर इस तरह टूटे कि उन्हें देखने वाले हर शख़्स की आँखें भर आईं।
यह सिर्फ़ एक परिवार का दर्द नहीं। पेपर लीक ने ऐसे कई परिवारों से उनका बच्चा छीन लिया।
हर नाम के पीछे एक माँ है, एक पिता है - जिनके लिए अब कोई कल नहीं।
इस System को नए सिरे से बनाना होगा - जहाँ बच्चों को तनाव नहीं, सुरक्षा मिले। और माँ-बाप को, उनके त्याग का फल मिले - आँसू नहीं।
आख़िर जनसंघ और भाजपा मोहम्मद अली जिन्ना के परिवार से पैसा लेकर अपनी पार्टी क्यों चलाती थी?
BJP के पुरखों ने जिन्ना की मुस्लिम लीग के साथ सरकार क्यों बनाई?
जनता बची नहीं है, जो थोड़ी बहुत है वह बचे होने का सबूत दिए जा रही है। दिल्ली में प्रदर्शन पर प्रहार है, दिल्ली से दूर के प्रदर्शन का तिरस्कार है। अच्छी बात है यह युवा लगातार कई दिनों से रिपोर्ट कर रहाहै। कोई नया चैनल मालूम होता है। भारत लोकतंत्र के नाम पर उसकी भावनाओं का बचा हुआ छोटा छोटा द्वीपसमूह बन कर रह गया है। बाकी सारे बडे़ मैदानों, पहाड़ों और नदियों को हर लिया गया है।
“हनुमानगढ़ी में कभी नमाज नहीं पढ़ी गई. ये गलत बात है.
जो लोग नमाज पढ़ने की बात करते हैं, उन्हें मालूम होना चाहिए कि हनुमानगढ़ी का निर्माण एक मुसलमान ने ही कराया था”
-बृजभूषण शरण सिंह
उत्तराखंड में 3 हजार से ज्यादा पेड़ों को काटकर विकास की इबारत लिखी जा रही है !!
फोरलेन हाईवे के लिए हरे पेड़ धड़ाधड़ कट रहे हैं। कई दिन से इसके खिलाफ आंदोलन जारी है। कई सोशल एक्टिविस्ट गिरफ्तार हो चुके हैं।
“उनकी तबीयत बिगड़ रही थी, इसलिए हमने उन्हें शांतिपूर्वक हटाया।”
केन-बेतवा आंदोलनकारियों को हटाने के बाद पुलिस ने बयान दिया।
सोनम जी के स्वास्थ्य की “चिंता” के कारण ही उन्हें भी “शांतिपूर्वक” हटाया गया?
शांति का चोला ओढ़ाकर लोकतंत्र का चीरहरण हो रहा है।
धर्मेन्द्र प्रधान को पद से हटाने के बजाए
मोदी सरकार के कहने पर,
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन हटा दिया !
डरपोक
कायर
बुजदिल
निकम्मी
नाकारा
संवेदनशून्य सरकार !
“… जब जनता जनार्दन जागती है तो इंदिरा गांधी की सत्ता भी नहीं रही थी… आपकी भी नहीं रहेगी…”
नरेंद्र मोदी, 2011
वैसे बात तो सही है… जनता कभी न कभी जागती है… किसी न किसी रूप में जागती है… ये सनातन सत्य है।