प्रतिभाएं किसी की मोहताज नहीं होती
जो ठान लेते हैं वह विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लिए राह आसान करते हैं
उतेन्द्र प्रताप सिंह ने जी एडवांस 2026 में ऑल इंडिया sc सम्वर्ग में 314वी रैंक लाकर एटा का नाम रोशन कर दिया
SCSTBSM की तरफ से हार्दिक मंगलकामनाएं
@DalitOnLine
गवर्नर के काफिले की आवाजाही के कारण ओल्ड एयरपोर्ट रोड पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसके चलते अपनी गर्भवती पत्नी के साथ सफर कर रहे एक व्यक्ति का सब्र जवाब दे गया। घंटों तक सड़क पर फंसे रहने के बाद उसने विरोध जताते हुए बीच सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है, जहां लोग वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम नागरिकों को होने वाली परेशानियों पर सवाल उठा रहे हैं।
#TrafficJam #VIPConvoy #RoadProtest #ATReel
यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षा मंत्री का काम भी प्रधानमंत्री को करना पड़ेगा।
यदि ऐसा ही है, तो प्रधानमंत्री जी शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान का त्यागपत्र क्यों नहीं माँग लेते?
इतिहास की किताबों में अक्सर बड़े-बड़े युद्धों और संधियों का जिक्र होता है, लेकिन कुछ ऐसी परम सत्य घटनाएं समय की धूल में दब जाती हैं, जो आज के महान निर्णयों की जननी होती हैं।
🕶️🕶️
नीट रीटेस्ट के पेपर अब सीधे वायुसेना के लड़ाकू विमानों से भेजे जाएंगे और खुद प्रधानमंत्री जी दूरबीन लगाकर आसमान से इसकी निगरानी करेंगे।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि वायुसेना, रडार और परीक्षा के प्रश्न-पत्रों का यह त्रिकोणीय महा-संगम अचानक नहीं हुआ?
इसके पीछे बड़बड़नगर के उस तालाब और नाले की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है, जहां हमारे नन्हे घोचेंद्र ने बचपन में विज्ञान के नियमों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। आज पहली बार, शत-प्रतिशत प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर, उस दुर्लभ और गुप्त अध्याय से पर्दा उठाया जा रहा है।
🕶️🕶️
बात उन दिनों की है जब बड़बड़नगर में हमारे नन्हे घोचेंद्र का मन सिर्फ किताबों में नहीं रमता था, उनका असली विजन तो प्रकृति की प्रयोगशाला में खुलता था।
रोज दोपहर को जब पूरा कस्बा सो जाता था, तब दूरदर्शी बालक घोचेंद्र सीधे बड़बड़नगर के बड़े तालाब पर पहुंच जाते थे।
वहां उनके तीन सबसे घनिष्ठ और बुद्धिमान मित्र रहते थे,
पहला था मग्रू मगरमच्छ, जो तालाब का चीफ लॉजिस्टिक्स ऑफिसर था,
दूसरा था फुफकारनाथ नाग,
जो सुरक्षा विभाग का मुखिया था,
और तीसरा था हटेला बादल, जो सिर्फ घोचेंद्र से गपशप करने के लिए आसमान से उतरकर तालाब के पानी पर तैरता रहता था।
🕶️🕶️
एक दिन स्कूल में छमाही परीक्षा होनी थी।
हेडमास्टर साहब ने पेपर एक बक्से में बंद करके तालाब के पार एक सुरक्षित कमरे में रखवा दिया था। लेकिन आधी रात को बड़बड़नगर के पेपर लीक गैंग के कुछ शरारती तत्वों ने उस बक्से को चुराने की योजना बनाई।
नटखट घोचेंद्र को अपनी आंतरिक दिव्य शक्तियों से इस बात का आभास तुरंत हो गया।
घोचेंद्र ने तुरंत मग्रू मगरमच्छ की पीठ पर छलांग लगाई। मग्रू ने अपनी पूंछ को प्रोपेलर की तरह घुमाया और ध्वनि की गति से पानी को चीरते हुए आगे बढ़ा।
तभी अचानक आसमान में घने काले बादलों ने सूरज को ढक लिया। चारों तरफ इतना अंधेरा हो गया कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। पेपर लीक गैंग के लोग नाव लेकर पेपर चुराने बढ़ रहे थे।
तभी नन्हे घोचेंद्र के दिमाग की बत्ती जली। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस घने अंधकार का बेनिफिट लिया जाए?
उन्होंने फुफकारनाथ नाग को बुलाया। फुफकारनाथ ने अपनी जीभ बाहर निकाली और हवा में छोड़ दी।
घोचेंद्र ने बताया कि हवा में तैरते हुए पानी के कणों से जब फुफकारनाथ की फुफकार टकराकर वापस आएगी, तो दुश्मनों की सही लोकेशन का पता चल जाएगा।
विज्ञान में इसी घटना को बाद में रडार टेक्नोलॉजी कहा गया।
आधुनिक वैज्ञानिक झूठ बोलते हैं कि रडार किसी अंग्रेज ने बनाया, सच तो यह है कि वह फुफकारनाथ नाग की जीभ और घोचेंद्र के आत्मविश्वास का साझा आविष्कार था।
बिजली तारों में नहीं, घोचेंद्र के संकल्प में बह रही थी, जिसने फुफकारनाथ के फन को एक एंटीना में बदल दिया था।
शरारती बालक घोचेंद्र ने रडार के सिग्नल पकड़े और मग्रू मगरमच्छ को आदेश दिया "फुल स्पीड, टर्बो मोड ऑन"
🕶️🕶️
अब समस्या यह थी कि पेपर लीक गैंग के लोग बक्सा लेकर भागने ही वाले थे।
तभी घोचेंद्र ने तालाब के किनारे चर रही एक गाय की पूंछ से बंधी रस्सी खोली और उसे सीधे आसमान में तैर रहे हटेला बादल की तरफ फेंक दिया।
गुरुत्वाकर्षण बल ने जैसे ही घोचेंद्र का यह रौद्र रूप देखा, उसने तुरंत अपनी ड्यूटी से दो घंटे की कैजुअल लीव ले ली और चुपचाप एक कोने में जाकर बैठ गया।
रस्सी सीधे हटेला बादल में जाकर अटक गई।
असाधारण प्रतिभाशाली बालक घोचेंद्र ने रस्सी पकड़ी और बिना किसी घर्षण या खिंचाव के सीधे हवा में उड़ते हुए हटेला बादल की छाती पर जा बैठे।
उधर ज़मीन पर पेपर लीक गैंग पेपर के लिफाफे फाड़ने ही वाला था कि ऊपर से घोचेंद्र ने हटेला बादल को ज़ोर से दबाया।
हटेला बादल ने तुरंत मूसलाधार बारिश की जगह सीधे सुपरसोनिक एयर-प्रेशर का झोंका नीचे फेंका। हवा का दबाव इतना भयानक था कि पेपर के सारे पन्ने उड़कर सीधे आसमान में घोचेंद्र के हाथों में आ गए।
पेपर लीक गैंग नीचे हाथ मलता रह गया और ऊपर हवा में उड़ते हुए नन्हे घोचेंद्र ने सारे प्रश्न-पत्रों को अपने कपड़ों के भीतर सुरक्षित रख लिया।
🕶️🕶️
यह दुनिया का पहला एयर-ड्रॉप लॉजिस्टिक्स था, जिसने साबित कर दिया कि जब इरादे नेक हों, तो सुखोई और राफेल विमानों की ज़रूरत नहीं होती, सिर्फ एक वफादार बादल ही काफी होता है।
मल्टीटास्किंग और आपदा को अवसर में बदलने की कला का इससे जीवंत उदाहरण ब्रह्मांड के इतिहास में दूसरा नहीं मिलता।
जब घोचेंद्र सारे पेपर सुरक्षित लेकर सीधे स्कूल के मैदान में उतरे, तो पूरा बड़बड़नगर उनकी इस
(1/2)
मॉडल टाउन और मोहन पार्क में आज पांचवें दिन भी पानी नहीं आ रहा है! जलबोर्ड के अध्यक्ष, जलमंत्री और सरकार और जलबोर्ड के @Ceo_djb को कुछ सुनाई नहीं दे रहा है।
क्या केवल “कॉकरोच” के डर से ही सरकार से काम करेगी?
Model Town and Mohan Park remains no more Model under the Delhi Govt!
No water for last four days! Delhi Jal Board @DelhiJalBoard seems to be sleeping in such a heat and extreme weather!
Wake Up!
ಇಂದು ಲೋಕಭವನಕ್ಕೆ ತೆರಳಿ ರಾಜ್ಯಪಾಲರ ಅನುಪಸ್ಥಿತಿಯಲ್ಲಿ ಅವರ ವಿಶೇಷ ಕಾರ್ಯದರ್ಶಿಗಳಿಗೆ ರಾಜ್ಯದ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಸ್ಥಾನಕ್ಕೆ ನನ್ನ ರಾಜೀನಾಮೆ ಪತ್ರವನ್ನು ಸಲ್ಲಿಸಿದ್ದೇನೆ.
ಹಳ್ಳಿಗಾಡಿನಲ್ಲಿ ಹುಟ್ಟಿಬೆಳೆದ ನಾನು ಮುಂದೊಂದು ದಿನ ಈ ರಾಜ್ಯದ ಶಾಸಕ, ಮಂತ್ರಿ, ವಿರೋಧ ಪಕ್ಷದ ನಾಯಕ, ಎರಡೆರಡು ಬಾರಿ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಯಾಗುತ್ತೇನೆ ಎಂಬ ಕನಸನ್ನು ಸಹ ಕಂಡಿರಲಿಲ್ಲ. ಇಂತದ್ದೊಂದು ದುಬಾರಿಯಾದ ಕನಸು ನನಸಾಗಿರುವುದು ಬಾಬಾ ಸಾಹೇಬ್ ಅಂಬೇಡ್ಕರ್ ಅವರ ಸಂವಿಧಾನದಿಂದ.
ಬುದ್ಧ, ಬಸವ, ಬಾಬಾ ಸಾಹೇಬರು, ಮಹಾತ್ಮ ಗಾಂಧಿಯವರೇ ನನ್ನ ಆದರ್ಶ. ನನ್ನ ನಲವತ್ತೆಂಟು ವರ್ಷಗಳ ರಾಜಕೀಯ ಜೀವನದಲ್ಲಿ ನಾಡಿನ ಅವಕಾಶ ವಂಚಿತ, ಶೋಷಿತ, ಬಡ ಜನರ ಪರವಾಗಿ ಪ್ರಾಮಾಣಿಕವಾಗಿ ದುಡಿದ ಸಂತೃಪ್ತಿಯಿದೆ.
ನನ್ನನ್ನು ಶಾಸಕಾಂಗ ಪಕ್ಷದ ನಾಯಕನಾಗಿ ಆರಿಸಿ, ಈ ವರೆಗೆ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿಯಾಗಿ ಜನಸೇವೆಗೆ ಅವಕಾಶ ಮಾಡಿಕೊಟ್ಟ ಪಕ್ಷದ ಶಾಸಕರಿಗೆ, ನನ್ನ ಹೆಗಲಿಗೆ ಹೆಗಲಾಗಿ ದುಡಿದ ಸಂಪುಟ ಸಹೋದ್ಯೋಗಿಗಳಿಗೆ, ಅವಕಾಶ ನೀಡಿದ ಪಕ್ಷದ ವರಿಷ್ಠರಾದ ಸೋನಿಯಾ ಗಾಂಧಿ, ರಾಹುಲ್ ಗಾಂಧಿ, ಎಐಸಿಸಿ ಅಧ್ಯಕ್ಷರಾದ ಮಲ್ಲಿಕಾರ್ಜುನ ಖರ್ಗೆ ಅವರಿಗೆ ಹಾಗೂ ನನ್ನ ರಾಜಕೀಯ ಬದುಕಿನುದ್ದಕ್ಕೂ ಪ್ರೀತಿ ತುಂಬಿದ, ಅಭಿಮಾನಿಸಿದ, ಇಲ್ಲಿಯ ತನಕ ಕೈಹಿಡಿದು ನಡೆಸಿದ ಹೃದಯವಂತ ಕನ್ನಡಿಗರಿಗೆ ನಾನು ಚಿರಋಣಿ.
ಸಂವಿಧಾನವೇ ನನಗೆ ಧರ್ಮ, ಜನರೇ ನನ್ನ ಪಾಲಿನ ದೇವರು. ನನ್ನ ರಾಜೀನಾಮೆ ಮುಖ್ಯಮಂತ್ರಿ ಹುದ್ದೆಗೆ ಮಾತ್ರವೇ ಸೀಮಿತ, ಸಕ್ರಿಯ ರಾಜಕಾರಣಕ್ಕಲ್ಲ.
ನನ್ನ ಜೀವದ ಕೊನೆಯುಸಿರು ಇರುವ ವರೆಗೂ ಸಾಮಾಜಿಕ ನ್ಯಾಯಕ್ಕಾಗಿ ಮತ್ತು ಸಂವಿಧಾನ ವಿರೋಧಿ ಕೋಮುವಾದಿ ಶಕ್ತಿಗಳ ವಿರುದ್ಧ ಹೋರಾಟ ಮಾಡುತ್ತೇನೆ.
ಧನ್ಯವಾದ ❤
पूर्व मुख्य जस्टिस न्यायाधीश के वक्तव्य का कुल मिलाकर लब्बो-लबाब यही है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार है।
भाई, फिर सर्वोच्च न्यायालय ने @ncert की किताब से भ्रष्टाचार का चैप्टर क्यों हटवाया?
In Indian society, there is no caste or category which can be called as “General”. Categories are:
1. Savarna
2. EWS
3. OBC
4. SC
5. ST
General Category has been coined by Brahminical forces to camouflaged and control the power structure by Savarna.
@Navayan
General means Brahmins and Brahmin-aligned Oppressive Castes in Indian English
The five names recommended for elevation to the Supreme Court are all senior judges (mostly Chief Justices of High Courts) plus one senior advocate. None appears to belong to SC, ST, or OBC categories based on publicly known backgrounds.
Quick breakdown of the list:
Justice Sheel Nagu (CJ, Punjab & Haryana HC) – General category, from Madhya Pradesh High Court originally.
Justice Shree Chandrashekhar (CJ, Bombay HC) – General category.
Justice Sanjeev Sachdeva (CJ, Madhya Pradesh HC) – General category.
Justice Arun Palli (CJ, Jammu & Kashmir & Ladakh HC) – General category.
Mrs V. Mohana (Senior Advocate) – General category; a direct elevation from the Bar (rare for women; the last was Indu Malhotra).
We resolve to create an emancipatory system of Dalits and Adivasis that enable them for neither surrendering or succumbing before any leader, officer, Institution or government for their livelihood, rights & dignity.
Will you help, support and cooperate?
- Ashok Bharti | 26 May 26
हमीरपुर में दो मासूम दलित बच्चों को की निवस्त्र करके अमानवीय यातनाएं दी,उनके प्राइवेट पार्ट पर ब्लेड से वार किए,दोनों को कुएं में लटका दिया और यमुना नदी में डूबा डूबा कर पीटा! @hamirpurpolice ने इन आतंकियों का शांति भंग की धारा में चालान कर इति श्री कर दी @India_NHRC संज्ञान लें
Mr @dgpup
This is how a serious case being reduced and registered trivial fight.
Request you to kindly take urgent action in this case, including action against the erring police officials!
Thank you and regards
CC: @myogiadityanath