इस देश में जितने सत्याग्रह आज़ादी के लिए नहीं हुए, उससे ज़्यादा आंदोलन और सत्याग्रह सिर्फ़ मंदिर में प्रवेश को लेकर हुए है। कभी सुना है, एक ध���्म के दूसरे समुदाय को आंदोलन करने पड़े, क़ानून लाने पड़े अपने ही धार्मिक आराध्य के द���्शन करने के लिए।
काकी जी, पूरे देश में 50 से ज़्यादा लिखित रिकॉर्ड में आंदोलन है जो सिर्फ़ मंदिर प्रवेश के लिए हुए।
और ये काकी बोल रहीं है, कुछ सुना नहीं और कुछ देखा नहीं और कुछ पता नहीं….🤷♂️
अरे जब ऐसा नहीं था United Provinces Removal of Social Disabilities Act, 1947 ये क्यों लाना पड़ा था सरकार को ? मतलब धूर्तता की सीमा होती है एक …
मैं कुछ आंदोलन और सत्याग्रह बता रहा है, इसके अलावा बहुत सारे है। 👇
वायकोम सत्याग्रह - केरल में दलि��ों को मंदिर में प्रवेश को लेकर आंदोलन, वहाँ के मंदिर के आसपास के रास्ते में भी दलितों को चलने का अधिकार नहीं था। इस आंदोलन को महात्मा गांधी ने भी समर्थन किया।
अंबादेवी मंदिर सत्याग्रह- महाराष्ट्र ने मंदिर प्रवेश को लेकर बड़ा आंदोलन, डॉ अंबेडकर प्रेरणा स्त्रोत और प्र��ुख नेता इसके पंजाब राव देशमुख।
मदुरै मीनाक्षी मंदिर प्रवेश- दलितों और नादर समुदाय के लोगों को मीनाक्षी मंदिर में प्रवेश कराया गया। मद्रास प्रेसीडेंसी में बड़ा सफलतापूर्ण कदम माना गया।
नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर 1988- मंदिर की दीवार पर लिखा था “शूद्रों एवं विधर्मियों का प्रवेश वर्जित है”। कैलाश सत्यार्थी (नोबेल शांति पुरस्कार विजेता), स्वामी अग्निवेश और हरिजन कार्यकर्ता हजारीलाल जाटौ��िया। 2 अक्टूबर 1988 (गांधी जयंती) को लगभग 30 दलितों का जत्था लेकर मंदिर में प्रवेश किया। पंडों ने हमला किया, लेकिन प्रवेश हो गया और मनाही की परंपरा टूटी।
काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश), 1954- स्वतंत्रता के बाद United Provinces Removal of Social Disabilities Act, 1947 के बावजूद दलितों को मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। वे एक छोटी खिड़की से दर्शन कर सकते थे। 17 फरवरी 1954 को बेचन राम (कांग्रेस विधायक) के नेतृत्व में हरिजनों ने जुलूस निकालकर मुख्य द्वार से प्रवेश का प्रयास किया।
वैद्यनाथ मंदिर - सितंबर 1953 को जब विनोबा भावे कुछ हरिजनों और साथियों के साथ मंदिर में प्रवेश करने लगे, तो दूसरे पंडों ने उन पर लाठियों और जूतों से हमला कर दिया। “धर्म की जय” के नारे लगाए गए। ये सबसे बड़ी घटना बनी और पूरी दुनिया में पंडों की थू हुई, इसके बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री बाबू को भारी पुलिस और मंत्रियों को लेकर प्रवेश करवाना पड़ा।
इस देश में जितने सत्याग्रह आज़ादी के लिए नहीं हुए, उससे ज़्यादा आंदोलन और सत्याग्रह सिर्फ़ मंदिर में प्रवेश को लेकर हुए है। कभी सुना है, एक ध���्म के दूसरे समुदाय को आंदोलन करने पड़े, क़ानून लाने पड़े अपने ही धार्मिक आराध्य के द���्शन करने के लिए।
काकी जी, पूरे देश में 50 से ज़्यादा लिखित रिकॉर्ड में आंदोलन है जो सिर्फ़ मंदिर प्रवेश के लिए हुए।
और ये काकी बोल रहीं है, कुछ सुना नहीं और कुछ देखा नहीं और कुछ पता नहीं….🤷♂️
अरे जब ऐसा नहीं था United Provinces Removal of Social Disabilities Act, 1947 ये क्यों लाना पड़ा था सरकार को ? मतलब धूर्तता की सीमा होती है एक …
मैं कुछ आंदोलन और सत्याग्रह बता रहा है, इसके अलावा बहुत सारे है। 👇
वायकोम सत्याग्रह - केरल में दलि��ों को मंदिर में प्रवेश को लेकर आंदोलन, वहाँ के मंदिर के आसपास के रास्ते में भी दलितों को चलने का अधिकार नहीं था। इस आंदोलन को महात्मा गांधी ने भी समर्थन किया।
अंबादेवी मंदिर सत्याग्रह- महाराष्ट्र ने मंदिर प्रवेश को लेकर बड़ा आंदोलन, डॉ अंबेडकर प्रेरणा स्त्रोत और प्र��ुख नेता इसके पंजाब राव देशमुख।
मदुरै मीनाक्षी मंदिर प्रवेश- दलितों और नादर समुदाय के लोगों को मीनाक्षी मंदिर में प्रवेश कराया गया। मद्रास प्रेसीडेंसी में बड़ा सफलतापूर्ण कदम माना गया।
नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर 1988- मंदिर की दीवार पर लिखा था “शूद्रों एवं विधर्मियों का प्रवेश वर्जित है”। कैलाश सत्यार्थी (नोबेल शांति पुरस्कार विजेता), स्वामी अग्निवेश और हरिजन कार्यकर्ता हजारीलाल जाटौ��िया। 2 अक्टूबर 1988 (गांधी जयंती) को लगभग 30 दलितों का जत्था लेकर मंदिर में प्रवेश किया। पंडों ने हमला किया, लेकिन प्रवेश हो गया और मनाही की परंपरा टूटी।
काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी, उत्तर प्रदेश), 1954- स्वतंत्रता के बाद United Provinces Removal of Social Disabilities Act, 1947 के बावजूद दलितों को मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। वे एक छोटी खिड़की से दर्शन कर सकते थे। 17 फरवरी 1954 को बेचन राम (कांग्रेस विधायक) के नेतृत्व में हरिजनों ने जुलूस निकालकर मुख्य द्वार से प्रवेश का प्रयास किया।
वैद्यनाथ मंदिर - सितंबर 1953 को जब विनोबा भावे कुछ हरिजनों और साथियों के साथ मंदिर में प्रवेश करने लगे, तो दूसरे पंडों ने उन पर लाठियों और जूतों से हमला कर दिया। “धर्म की जय” के नारे लगाए गए। ये सबसे बड़ी घटना बनी और पूरी दुनिया में पंडों की थू हुई, इसके बाद भी तत्कालीन मुख्यमंत्री श्री बाबू को भारी पुलिस और मंत्रियों को लेकर प्रवेश करवाना पड़ा।
@infinitchy@jsaideepak@upword_ Thik hai jarur😂. Tab tak tu ye bata ki jab Ambedkar ne Mahad me talab se pani piya to unke logo ke saath violence kyo hua? Aur talab ka shuddhikaran kyo kiya gaya? Bata....
@infinitchy@jsaideepak@upword_ You are good at it with your friends like J Sai Deepak😂😂😂....hindilu religious leaders say jati and varna are governed by shastras..... You say jati is a western construct 😂😂😂... Whats a better stand-up joke than this?
@infinitchy@jsaideepak@upword_ Thank you for the candid reply! The truth comes out! Now don't call out Phule Periyar or Ambedkar for pointing out casteism in hinduism...
@infinitchy@jsaideepak@upword_ Religious leaders oppose intercaste marriage by calling them a menace to Sanatan. And then people like you and J Sai Deepak blame Phule Ambedkar Periyar for distorting history. WHY? Answer fast.
@infinitchy@jsaideepak@upword_ Religious leaders oppose intercaste marriage by calling them a menace to Sanatan. And then people like you and J Sai Deepak blame Phule Ambedkar Periyar for distorting history. WHY? Answer fast.
@infinitchy@jsaideepak@upword_ Okay. Now tell me are inter-varna marriages allowed? Is opposition to intervarna and intercaste marriage a western construct. How jati is a western construct?... And what are you and J Sai Deepak doing to normalize and legitimize intervarna marriages?
@infinitchy@jsaideepak@upword_ I want to know where does what this sadhu is saying come from. Please have a discussion on Varnasankarta. Please enlighten us on this topic.
Full video here (https://t.co/Z1oaAFqMAI)
Sheepak wants you to believe that Marathas were this anti British bloc which they absolutely weren't. In order to take hold of India, the British fought 3 Anglo mysore wars against Tipu Sultan, the ruler of Mysore.
As the video clip shows, the biggest allies of the British in these wars were the Marathas, who ransacked multiple territories in South India, breaking temples, r@ping women, killing men, destroying fields, causing widespread drought and starvation. The Marathas ruined plenty of South India, even the British accounts report this with horror btw!