मॉनेटाइजेशन और इंप्रेशन
बहुत लोग इसको लेकर बहुत कन्फ्यूज है । इसलिए मैं उनके प्रश्नों का इस पोस्ट में जवाब दे रहा हूं।
1. मॉनिटाइजेशन क्या है ?
➡️ आप हम या कोई ट्विटर चला रहा तो ट्विटर को इसके बदले पैसा मिलता है । बड़ी बड़ी विश्व की कंपनिया इस प्लेटफार्म पर अपना प्रचार करती है जिसके बदले ट्विटर पैसा देता है । ट्विटर ने नियम बनाया कि कुछ शर्तों को पूरा करने के बाद वो इस रेवेन्यू का कुछ हिस्सा यूजर को भी देगा । जिस अकाउंट को इस रेवेन्यू का हिस्सा मिलने लगता है उसका अकाउंट monetize हो जाता है ।
2. Monetize कोई अकाउंट कब होता है
➡️ अकाउंट monetize होने के लिए निम्न शर्ते हैं -
a. आपका अकाउंट तीन महीने पुराना हो और एक्टिव हो ।
b. आपके कम से कम 500 फॉलोअर हो
c. आपके अकाउंट पर ब्लू टिक हो । मतलब प्रीमियम के मेंबर हो ।
d. आपके लास्ट तीन महीने के इंप्रेशन /view 5m या 50 लाख होने चाहिए ।
e. आप 18 साल के ऊपर हो ।
3. View ब्लू टिक लेने के बाद काउंट होगा या पहले का भी ।
➡️ आपका अकाउंट monetize होने के लिए उपर की शर्तें पूरी होनी चाहिए । आप बिना ब्लू टिक के भी 50 लाख पूरे कर को तो भी को दिक्कत नही है । हालाकि बिना ब्लू टिक के वो होना मुश्किल है ।
ऊपर की शर्तों का कोई क्रम नही है कि पहले ब्लू टिक हो तभी monetize होगा । आप पहले ब्लू टिक लेकर उसके बाद 50 लाख पूरे कर सकते हो या पहले 50 लाख पूरे करके उसके बाद ब्लू टिक ले सकते हो ।
4. प्लान कौन सा लिया जाए ।
➡️ आप बेसिक को छोड़कर कोई भी प्लान ले सकते हो ।
5. प्लान कहा से खरीदे ।
➡️ प्लान ट्विटर की साइट से खरीदिए । वो आपको सस्ता पड़ेगा । लेकिन वहा पर visa कार्ड होना जरूरी है । अगर आपके पास visa कार्ड नही है तो x के app से खरीद सकते है लेकिन वो प्लान मंहगा पड़ रहा है और अभी लोग��� को दिक्कत हो रही है वहा से खरीदने पर ।
6. पेमेंट कैसे करें ?
➡️ पेमेंट depend करता है आप प्लान कहा से खरीद रहे , अगर ट्वीटर वेबसाइट से खरीद रहे तो आप के पास वीजा कार्ड होना जरुरी है और उसमे इंटरनेशनल ट्रांजक्शन और डोमेस्टिक ट्रांजक्शन दोनों on रहना चाहिए |
और अगर app से खरीद रहे तो थोडा ज्यादा चार्ज लगेगा लेकिन आप किसी भी मोड से पेमेंट कर सकते हैं |
7 . क्या वेबसाइट से खरीदा गया प्लान app पर काम करेगा ?
➡️ बि��्कुल काम करेगा । कॉन्सेप्ट सीधा है । ट्विटर को पैसा चाहिए आपसे । वो आप डायरेक���ट ट्विटर को दीजिए या किसी बिचौलिए के जरिए दीजिए । ये आप पर डिपेंड करता है । बिचौलिया गूगल है । अगर बिचौलिए के जरिए देंगे तो पैसा कमिशन के कारण ज्यादा देना पड़ेगा । बस यही अंतर है ।.
8. 50 लाख इंप्रेशन कैसे पूरे करें ।
➡️ ये सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला प्रश्न है । इसका सीधा सा जवाब है कि इंप्रेशन पूरा करने के लिए आप किसी बड़े अकाउंट हैंडल जिसके view लाखों में आते है उसको फॉलो करिए । वो देशी विदेशी कोई ���ी हैंडल हो सकता है । फिर उसके नोटिफिकेशन ऑन कर लीजिए । इससे जब भी उनकी पोस्ट आयेगी आपको तुरन्त पता चल जाएगा ।
उसके बाद आप इनकी पोस्ट पर जल्दी से जल्दी एक या दो कमेंट कर दीजिए ।
ध्यान रहे एक पोस्ट पर ज्यादा कमेंट मत करिए नही तो स्पैम हो जाएगा और आपका अकाउंट सस्पेंड भी हो सकता है । एक पोस्ट पर एक दो कमेंट ही करिए ।
लोगो के 10 से 15 दिन में view पूरे हो जाते हैं
9. क्या कमेंट के view काउंट होते है ?
➡️ जी हा कमेंट के view काउंट होते है ।
10. दिन भर में कितना समय ट्विटर पर दें , कितनी पोस्ट करें ?
➡️ इसका कोई क्र��इटेरिया नही है । आपकी फुरसत पर डिपेंड करता है । पोस्ट आपकी खुद की होनी चाहिए । दुसरो की़ चुराने पर खासकर वीडियो पर कॉपीराइट लागू हो जाता है ।
इसलिए इसका कोई रिस्ट्रिक्शन नही है कि कितनी पोस्ट करें । बस आप कितना लोगो को आकर्षित करते है उस पर डिपेंड करता है ।
11. ब्लू टिक के बाद क्या न करें ।
➡️ ब्लू टिक अगर आपने monetize करने के लिए लिया है तो कभी भी जब तक 50 लाख view न पूरे हो जाए । फॉलोअर के चक्कर में मत पड़ि��� । अन्यथा आपकी रीच जा सकती है और फिर आपके view पूरे नही होंगे । और एक बार रीच जाने के बाद एक हफ्ते से एक महीने लग जाते है वापस आने में । इसलिए पहले 50 लाख view पर फोकस करें ।
12. कितना पैसा मिलता है ?
➡️ महीने में दो बार मिलता है , एक बार में 30 से 50 हजार मिलता है । हर आदमी का अलग अलग होता है । इसको कैलकुलेट करने का फार्मूला ट्विटर के पास ही है किसी को आइडिया नही है ।
13. ब्लू टिक से इंप्रेशन आते है ?
➡️ जी हा , ब्लू टिक से आपका कमेंट ऊपर दिखता है । गायब नही हो जाता इसलिए इससे आपके कॉमेंट के view काफी आते है । बिना ब्लू टिक के आपका कमेंट नीचे छिप जाता है ।
विशेष →और कुछ जानकारी चा��ए तो DM करे और पोस्ट को रिपोस्ट करे।
सभी प्रदेशवासियों को
भगवान श्री कृष्ण के जन्माष्टमी
और श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के
576वे जन्मोत्सव की ढेरों शुभकामनाएँ।
श्री कृष्ण जी और गुरु जम्भेश्वर भगवान
आप सब पर हमेशा कृपा दृष्टि बनाए रखें।
#karishna#जन्माष्टमी#कृष्णजन्माष्टमी
जिस इंसान की आँखों में आँस��� सिर्फ एक बेजुबान की मौत पर निकल आएं… उसके दिल में जीवों के लिए कितना प्रेम होगा, यह समझना मुश्किल नहीं। ❤️🩹
यह कहानी है मांगीलाल नोखड़ा की…
लोग और पुलिस प्रशासन ने उन पर जिस तरह का दबाव बनाया, जिस तरह उनकी छवि को लेकर बातें कही गईं, वह अपनी जगह है। लेकिन मांगीलाल नोखड़ा को समझने के लिए सिर्फ आज की तस्वीर देखना काफी नहीं है।
वह बि��्नोई समाज से आते हैं—उस समाज से, जिसकी पहचान ही जीव-जंतुओं और पर्यावरण की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने की रही है।
मांगीलाल के घर में एक हिरण का बच्चा था। वह उसे प्यार से ‘गुलकी’ कहकर बुलाते थे। एक दिन जब मांगीलाल घर पर नहीं थे, तब गुलकी की मृत्यु हो गई।
जब मांगीलाल घर लौटे और उन्हें गुलकी के चले जाने की खबर मिली, तो उनकी आँखों से आँसू रुक नहीं पाए।
सोचिए…
जिस इंसान को दुनिया मजबू�� समझती है, जिसके सामने परिस्थितियाँ भी आसानी से नहीं झुका पातीं, वही इंसान एक बेजुबान जीव के जाने पर अपने आँसू नहीं रोक पाया।
क्योंकि गुलकी उसके लिए सिर्फ एक हिरण नहीं थी… वह परिवार का हिस्सा थी।
यही तो होता है जीवों के प्रति सच्चा प्रेम।
जिस मांगीलाल को लोग मजबूत और बेबाक इंसान के रूप में जानते हैं, उसके दिल का यह कोमल पक्ष शायद बहुत कम लोगों ने देखा होगा।
��ज भी जो इंसान जीव-जंतुओं की रक्षा, पर्यावरण संरक्षण और खेजड़ी बचाने के लिए दिन-रात मेहनत करता है, उसके भीतर इन बेजुबानों के लिए कितना दर्द होगा, यह उस एक घटना से समझा जा सकता है।
मांगीलाल नोखड़ा… भगवान ने आपको सच में अलग मिट्टी से बनाया है।
आपकी माता धन्य हैं, जिन्होंने ऐसे बेटे को जन्म दिया, जो अपने समाज को सर्वोपरि मानता है, जीवों से प्रेम करता है और न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं ��टता।
गुलकी चली गई…
लेकिन उसकी याद मांगीलाल की आँखों में छोड़ गई।
और शायद यही सच्चे प्रेम की पहचान है—
जिसके जाने के बाद भी आँखें उसे तलाशती रहें।
मांगीलाल भाई, बेजुबानों के लिए आपके दिल में जो प्रेम है, उसे सलाम। 🙏❤️
अगर यह कहानी आपके दिल को भी छू गई हो, तो इसे आगे जरूर साझा करें। शायद आपकी एक शेयर से किसी और को भी समझ आए कि मांगीलाल नोखड़ा के भीतर एक योद्धा के साथ-साथ बेजुबानों के लिए धड़कने वाला बेहद संवेदनशील दिल भी है।
✍🏻✍🏻 @Bhajan_jambhani
Mangilal Nokhra
#मांगीलाल_नोखड़ा #बिश्नोई #जीव_प्रेम #पर्यावरण_प्रेम #खेजड़ी #बेजुबान #जीव_रक्षा #बिश्नोई_समाज
अगर JNVU में सक्रिय छात्र नेता की बात की जाए तो एक अलग मिसाल अलग नाम और संघर्ष की प्रतिमूर्ति मोती सिंह जोधा के बारे में जरूर पढ़िए.....
मोती सिंह जोधा—छात्रहित, संघर्ष और मित्रता की मिसाल
जेएनवीयू के छात्र ज��वन में कुछ नाम केवल चुनावी चर्चा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि छात्रों के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाने और धरातल पर सक्रिय रहने के कारण अपनी अलग पहचान बनाते हैं। मोती सिंह जोधा भी ऐसा ही एक नाम हैं।
सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने के कारण उन्होंने छात्र जीवन की उन परेशानियों को करीब से समझा है, जिनका सामना एक आम विद्यार्थी करता है। विश्वविद्यालय से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी सक्रियता और ��ात्रों के बीच लगातार मौजूदगी उनकी राजनीति की अलग पहचान रही है।
भुंगरा गैस त्रासदी के समय भी मोती सिंह जोधा पीड़ित परिवारों की आवाज के साथ खड़े दिखाई दिए। उन्होंने प्रभावित लोगों के बीच पहुंचकर उनकी पीड़ा को समझने और उनकी ��ात सामने रखने का प्रयास किया। इसी दौरान संसद में भुंगरा पीड़ितों की आवाज उठाने के लिए उन्होंने हनुमान बेनीवाल के प्रयास की सराहना भी की।
वक्तृत्व उनकी बड़ी ताकत
मोती सिंह जोधा की पहचान उनके बेबाक वक्तव्य और प्रभावी संवाद शैली से भी होती है। छात्रहित से जुड़े विषयों पर अपनी बात स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ रखना उनकी खासियत रही है। मंच हो या छात्रों के बीच संवाद—वे अपनी बात रखने से पीछ��� हटने वाले लोगों में नहीं हैं।
प्रकृति और पर्यावरण के प्रति जुड़ाव
मोती सिंह जोधा का पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ाव रहा है। खेजड़ली की ऐतिहासिक एवं पवित्र भूमि को राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा दिलाने की मांग जैसे विषयों को उन्होंने सार्वजनिक रूप से उठाया। बिश्नोई समाज की पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी विभिन्न मुहिमों में भी उनकी भागीदारी और समर्थन देखने को मिला है।
मित्रता निभाने का उदाहरण भ�� सामने आया
हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में हनुमान सिंह खांगटा के साथ उनकी मित्रता और साथ को भी लोगों ने करीब से देखा। ��रिस्थितियां कैसी भी रही हों, परिणाम उनके पक्ष में रहा हो या नहीं, मोती सिंह जोधा ने पहले दिन से लेकर आखिरी समय तक उनका साथ नहीं छोड़ा और सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट रखा।
राजनीति में विचार अलग हो सकते हैं, परिणाम बदल सकते हैं और परिस्थितियां भी बदलती रहती हैं, लेकिन कठिन समय में किसी साथी के साथ खड़े रहना अपने आप में एक अलग संदेश देता है।
मोती सिंह जोधा की पहचान को केवल किसी चुनाव या पद क��� दावेदारी तक सीमित करके देखना उचित नहीं होगा। छात्रहित, सामाजिक सरोकार, पर्यावरण के प्रति लगाव, प्रभावी वक्तृत्व और अपने साथियों के प्रति प्रतिबद्धता—ये वे पहलू हैं जिनके कारण उन्होंने छात्र राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
पद मिले या न मिले, चुनाव हो या न हो—किसी भी सार्वजनिक जीवन में व्यक्ति की असली पहचान उसके संघर्ष, विचार और मुश्किल समय में निभाए गए रिश्तों से होती है।
मोती सिंह ���ोधा के अब तक के छात्र एवं सामाजिक सफर की यही तस्वीर सामने आती है।
@Motijodha9 ♥️🫂
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विष्णु विष्णु 🙏
निवण प्रणाम सभी साथियों को।
विष्णु विष्णु तू भण रे प्राणी, पेंके लाख उपाजू।
रतन काया बैकुंठे वासो, तेरा जरा मरण भयं भाजू॥
🌿 जय बोलो श्री गुरु जंभेश्वर भगवान की ज���!
🙏 गुरु जंभेश्वर भगवान की असीम कृपा सभी पर बनी रहे।
इतिहास गवाह है… संघर्ष करने वालों को दबाने की कोशिश हमेशा हुई है!
जब भी किसी ने सत्य, समाज और अपनी बहन-बेटियों की रक्षा का बीड़ा उठाया है, सत्ता और प्रशासन ने उसे दबाने की पूरी ताकत झोंक दी है।
मांगीलाल नोखड़ा के अतीत को लेकर सवाल हो सकते हैं, लेकिन आज जब वह समाज की मुख्यधारा और बहन भंवरी के लिए सड़क पर लड़ाई लड़ रहे हैं, तो उन पर मुकदमों का जाल डालकर आवाज दबाने की कोशिश क्यों?
विश्नोई सम���ज का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। यह वही समाज है जिसने पर्यावरण और अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने शीश तक कुर्बान कर दिए।
आज भी विश्नोई समाज की रगों में वही खून दौड़ रहा है।
सत्ता की ताकत बड़ी हो सकती है, लेकिन समाज की एकता और संघर्ष उससे भी बड़ा जवाब है।
आवाज दबाने से संघर्ष खत्म नहीं होता, बल्कि और मजबूत होता है। ✊🌿
✊ एकता की जीत, संघर्ष की जीत! 🌿
धोलासर में कल होने वाला धरना अब स्थगित कर दिया गया है।
विश्नोई समाज के साथ-साथ 36 कौम की एकता, पर्यावरण प्रेमियों के समर्थन और सभी के सामूहिक दबाव के चलते धरने से जुड़ी सभी मांगें बिना शर्त मान ली गई हैं।
यह जीत किसी एक व्यक्ति या समाज की नहीं, बल्कि 36 कौम की एकजुटता, पर्यावरण के प्रति समर्पण और शांतिपूर्ण संघर्ष के जज्बे की जीत है।
जब समाज एकजुट होकर अपनी बात मजबूती से रखता है, तो परिणाम जरूर सामने आता है।
सभी साथियों का दिल से आभार। 🙏🌿
एकता बनी रहे, पर्यावरण बचता रहे।
मांगें पूरी हुईं, इसलिए कल का धरना स्थगित किया गया है।
कड़वा सच :: पहले X पर बहुत कम लोग एक्टिव थे,अभी जितने है उससे आधे भी नही थे मेने पहला अकाउंट तो 2013 में बना रखा था लेकिन एक्टिव अप्रैल में हुआ था,मे���े भी उसी सोच से ज्वॉइन किया था जिस सोच से आप सब ने ज्वाइन किया मेरे जेसे तेसे 4K फॉलोअर हुए तो उसके बाद कुछ साथी और जुड़ गए फिर हम सब ने व्हाट्सअप पर ग्रुप बनाया,वहा हमने चर्चा की हमे भी स्पेस बनाना चाहिए शायद कुछ फायदा हो सके,सभी ने हामी भर दी,फिर हमने नियम बनाया की छोटे अकाउंट की हेल्प करनी है चाहे कैसे भी करे उस टाइम बहुत प्रमोशन वाली पोस्ट करते थे और स्पेस भी ठीक ठाक चलने लग गया,धीरे धीरे साथी जुड़ते गए स्पेस बड़ा होता गया,छोटे अकाउंट वाले DM व्हाट्सप्प पर मेसेज करने लगे की भाई स्पोर्ट कर दो,हम हमे��ा आपके साथ रहेंगे और जब हमारे कुछ फॉलोवर हो जायेगे तो हम भी आपकी तरह छोटे अकाउंट की हेल्प करेंगे,फिर कुछ और साथी जुड़ गए स्पेस को और बड़ा करने की चर्चा हुई नए आइडिया लगाया तो हम उसमे सफल हुए,आज वही स्पेस हमारा योद्धा परिवार के नाम से जाना जाता है जिसमे हर सदस्य भाई बहन की तरह जुड़े हुए है,इस दौरान 100 से ज्यादा अकाउंट 5K से ज्यादा हो गए और कुछ अकाउंट 10K के आस पास चले गए अब आती है मुद्दे की बात जितने भाईयो बहनों की हमसे हेल्प हुई हमने की ओर आगे भी करते रहेंगे,अब उन में से कुछ लोग बन गए VIP, जो कल तक 1K फॉलोवर के लिए तरस रहे थे,वो लोग इतने वीआईपी हो गए की छोटे अकाउंट पर कमेंट की छोड़ो लाइक भी नहीं करते,शायद वो खुद को अंबानी या रोनाल्ड समझ बैठे है,मुझे उनके लाइक कमेंट नहीं चाहिए लेकिन जिन छोटे अकाउंट ने उनको फॉलो कर के बड़ा बनाया है तो बदले में सिर्फ लाइक ��मेंट ही तो मांग रहे है लेकिन नही उन वीआइपी के पास टाइम ही नहीं है,आज में उन वीआईपी यो को बता दू जिन फॉलोअर पर तुम घमंड कर रहे हो उनसे दूर भाग रहे हो अगर उन लोगो ने अनफॉलो करना चालू कर दिया ना तो मोए मोए होने में सिर्फ 10 मिनिट लगेंगे, छोटे अकाउंट के बिना X पर बड़े अकाउंट की कोई वेल्यू नही है आपको जो रिच लाइक कमेंट मिल रहे है वो भी छोटे अकाउंट की देन है जिस दिन छोटे अकाउंट वालो का दिमाग घूम गया तो वीआईपी वालो के 12 ब�� जायेंगे,मुझे वीआईपी वालो के लाइक कमेंट रिपोस्ट नही चाहिए,मेरे पास बहुत है हजारों भाई बहन ऐसे है जो हमेशा मेरे साथ रहते है लेकिन जो छोटे अकाउंट है उनकी हेल्प तो करनी चाहिए ना,में स्पेस के माध्यम से आज भी छोटे अकाउंट को प्राथमिकता देता हु क्युकी मुझे पता है इनको हमारी जरूरत है,आज हम छोटे अकाउंट वालो का साथ देंगे तो ये आपका साथ कभी नहीं छोड़ेगे,जो सिस्टम मेने शुरू से चलाया वो सिस्टम सभी चलाते तो आज बहुत भाई बहन जिनका अकाउंट जापान के चक्कर में गया है वो नही जाता रिच और मोनेटाइजेशन हमारे भारत में ही हो जाता, चलो फिर भी वीआईपी वालो को मेरी तरफ से शुभकामनाएं,कुछ और भी था जो मेने लिखना उचित नहीं समझा, फालतू में हम क्यों कंट्रोवर्सी करें, और अभी जो हमसे जुड़े हुए हमारे भाई बहन है उनको यह वाली पोस्ट अपने दिमाग में बिठा लेनी है की आने वाली टाइम में आपके कितने भी फॉलोअर हो जाए लेकिन वीआईपी वाला स���स्टम कभी नहीं अपनाना है🙏
जैसा की हम सबको पता ही है हर रव��वार को अपने @NFUofficial1 के सदस्यो को आपस मे जोड़ने का भण्डारा चलता है ताकि सभी का अकाउंट एक साथ मजबूत हो जाएं, इसके लिए इस ट्वीट को रिट्वीट करे और रिट्वीट करने वाले आपस मे एक-दूसरे को ईमानदारी से फोलो कर ले। 🎉💞 @SangitaBishnoi_
#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन
भारत की राजनीति के कोहिनूर, आधुनिक हरियाणा के निर्माता, जननायक, बिश्नोई रत्न, युगपुरुष, स्वर्गीय चौधरी श्री भजनलाल जी बिश्नोई को उनकी जयंती पर उन्हें कोटिशः नमन!
चो. भजनलाल बिश्नोई जी अमर रहे🙏
@bishnoikuldeep@bbhavyabishnoi#बिश्नोई_रत्न_चौ_भजनलाल#Bbnaijas9
भारतीय राजनीति के सिरमौर आधुनिक हरियाणा के निर्माता हरियाणा से 3 बार मुख्यमंत्री, भारतीय राजनीति के हर पद्द पर अपना जनकल्याण के समर्पित करने वाले दूरदर्शी युग पुरुष " बिश्नोई रत्न " चौधरी भजनलाल जी विश्नोई के जयंती पर कोटि कोटि वंदिश�� 💐❤️
#बिश्नोई_रत्न_चौ_भजनलाल
"इज्जत की और काम किया,
हरियाणा का ऊंचा नाम किया।"
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत��री रहे युगपुरुष 'बिश्नोई रत्न' चौ. भजन लाल जी की जयंती पर शत शत नमन।❤️🙏🏻