#छठ_पूजा_Reality#SundayMotivation
क्या कहती है पवित्र गीता मनमानी पूजा के बारे में?
जानने के लिएअवश्य पढ़ें पवित्र पुस्तक
हिन्दू साहेबान! नहीं समझे गीता, वेद, पुराण
*#छठ_पूजा_Reality*
लोगों का मानना है कि छठी मैया और सूर्य देव की पूजा करने से संतान सुख, दीर्घायु और सुख-समृद्ध की प्राप्ति होती है। जब कि छठ पूजा शास्त्र विरुद्ध साधना है। गीता अध्याय 16 श्लोक23,24 के अ��ुसार शास्त्रविधि अनुसार ��क्ति से ही लाभ(सुख, कार्यसिद्धि तथा मोक्ष) सम्भव है
#छठ_पूजा_Reality
छठ पूजा का विधान इतिहास के अलावा हमारे किसी भी धर्म के प्रमाणित पवित्र सद्ग्रंथों में नहीं है। इस दिन व्रत रखने की प्रथा है जो की श्रीमद्भागवत गीता अध्याय 6 श्लोक 16 के अनुसार व्यर्थ है।
#छठ_पूजा_Reality
लोगों का मानना है कि छठी मैया और सूर्य देव की पूजा करने से संतान सुख, दीर्घायु और सुख-समृद्ध की प्राप्ति होती है। जब कि छठ पूजा शास्त्र विरुद्ध साधना है। शास्त्रविरुद्ध
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 510 वे #दिव्य_धर्म_यज्ञ_दिवस के उपलक्ष्य में विशाल भंडारा, दहेज मुक्त विवाह, रक्तदान शिविर व निःशुल्क नाम दीक्षा का आयोजन 26-27-28 नवम्बर 2023 को किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सपरिवार सादर आमंत्र���त हैं।
#MiracleOfGodKabir_In_1513
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस सन् 1513 में कबीर परमेश्वर ने 18 लाख साधु संतों सहित कई लोगों को तीन दिन तक मोहन भोजन कराया था। वर्तमान में उन्हीं के अवतार जगतगुरु तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं।
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस
#छठ_पूजाको_वास्तविकता
के छठी मैंया र सुर्य देवकाे पूजा गरेर हाम्रा सन्तान सुखि, दिर्घायु र सम्पन्न हुन्छन् त ?
वास्तविक थाहा पाउनकाे लागि पढ्नुहाेस् पुस्तक ज्ञान गंगा ।
सन 1513 में 18 लाख लोगों को काशी में कबीर परमात्मा ने तीन दिन तक भोजन ���ंडारा कराया।
जिसमें 9 लाख बैल और एक लाख सेवादार सतलोक से आए थे। 9 लाख बैलों पर भंडारे की पूरी सामग्री लाए थे।
#MiracleOfGodKabir_In_1513
#KabirisGod
#MiracleOfGodKabir_In_1513
संत गरीबदास जी ने कहा है कि वह स्वच्छ पीने के पानी की धारा कहां से उतरी जो ऊपर से ट्यूबलवैल की तरह गिर रही थी। मटके भर-भरकर रखे जा रहे थे। उन्हीं से भण्डारे में पीने के लिए प्रयोग किया जा रहा था।
दिव्य धर्म यज्ञ दिवस
#MiracleOfGodKabir_In_1513
पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब जी ने आज से 510 वर्ष पहले काशी में तीन दिन तक सभी संप्रदाय के 18 लाख लोगों को बिना चिठ्ठी, बिना कोई नाम भंडारा कराया था। उसी दिव्य धर्म यज्ञ दिवस के उपलक्ष्य में आज वैसे ही बंदीछोड़ सतगुरु रामपाल जी महाराज जी द्वारा