गिरो... गिरो कि अभी गिरने की संभावनाएँ भरपूर हैं!
"गिरो" अब सिर्फ शब्द नहीं, हमारे समय की पहचान है।
राजेंद्र गुप्ता जी की आवाज़ में हूबनाथ पांडे की यह कविता बताती है, पतन भी एक कला है और कई लोग उसमें PhD कर चुके हैं।
जो गिर रहे हैं, उनके लिए यह कविता एक आईना है।
There is a reason why PM CARES is kept as a private fund and outside CAG Audit.
We will show you just one example. According to PM CARES statement, it gave ₹189.4 Cr to Indian Oil Corporation for buying Liquid Oxygen Equipment in 2021-22.
However if you see Indian Oil Corporations annual report, it received only ₹103.27 Cr from PM CARES.
Where did the remaining ₹86.1 Cr vanish? Swiss Banks?
All other expenditures of PM CARES requires further audit. There is a reason why this fund was created, when an existing Prime Minister's Disaster Relief fund existing from 1948.
This is nothing but Modi-Care fund, where private companies and public companies were forced to contribute including CSR funds.
And that's why it was kept private so that CAG will not catch the frauds done in daylight.
PM does not CARE: Public Authority Without Public Accountability?
PM CARES fund ended 2024–25 with ₹8,452 crore, yet spent just ₹87.85 lakh during the year, barely 0.01% of its closing balance.
The Prime Minister is its Chairman. The Defence, Home and Finance Ministers are its Trustees. It accepts CSR contributions and tax deductible donations.
Yet, no RTI scrutiny. No CAG audit. No Parliamentary accountability.
@narendramodi ji must answer -
1. Why does a Fund bearing the Prime Minister’s name remain beyond the ordinary mechanisms of public scrutiny?
2. What is the rationale of an emergency fund accumulating thousands of crores when barely 0.01% of its closing balance was spent in 2024–25?
As if one Shree Ram Mandir Trust was not enough for Chanda Chori... !
Remember, you, Modi ji announced both PMCARES fund and Ram Mandir Trust and both get donations under your oversight !
•यही वजह है कि नरेंद्र मोदी को इस देश का अब तक का सबसे कण्ट्रोवर्शियल राजनेता कहा जा रहा है
•दिल्ली ACB ने जल बोर्ड घोटाले के मामले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया है..यह घोटाला उस समय हुआ, जब वह ED के एक मामले में पहले से ही जेल में थे
•उस समय राघव चड्ढा जल बोर्ड के सक्रिय उपाध्यक्ष थे..चड्ढा मोदी की पार्टी में शामिल हो गए और खुद को बचा लिया
•जैन ने ऐसा करने से इनकार किया और उन्हें दोबारा जेल भेज दिया गया
•इससे ज्यादा खुला हुआ राजनीतिक पक्षपात शायद ही हो सकता है
•मोदी देश में भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा दे रहे हैं, क्योंकि इससे यह संदेश जाता है:
“आप लूटते रहिए या जो मन करे करते रहिए, जब तक मेरी पार्टी में शामिल हो जाएंगे, तब तक कोई आपको हाथ नहीं लगाएगा”
हर जीते हुए BJP राज्य में शिक्षा पर RSS एक तरह से कब्जा कर लेता है. तो Gen Z का पूरा प्रोटेस्ट दरअसल RSS के ख़िलाफ़ है. RSS लोकतंत्र को तबाह कर रहा है.
मोहन भागवत जब Gen Z की बात करते हैं, तो ऐसा दिखाते हैं कि वे इस पूरे मसले से बाहर खड़े होकर बात कर रहे हैं. लेकिन वे ही तो ऐसे व्यक्ति हैं, जो इस पूरे क़ब्ज़े के ज़िम्मेदार हैं, जिसने शिक्षा व्यवस्था को लगातार नीचे गिरा दिया है और उसका RSSकरण कर दिया है.
There was a dustbin installed in Patna, and people started doing Puja by offering fruits, flowers, and water to it.
What kind of joke is going on in this country? 🤡
शानदार जैन साहब।
बेहतरीन तंज़ माता कहकर आधा भारत बेच दिया🔥
बीजेपी बीजेपी आना नहीं... देश तोड़के.. जुमले छोड़ के... 🤣
देख लेना कुछ समय बाद यह भी बंद होगा?
इस देश की कम-से-कम 64 प्रतिशत आबादी नौजवान है। उनका मुद्दा वंदे मातरम् नहीं है।
उनका मुद्दा शिक्षा, रोज़गार और भविष्य की सुरक्षा है। उनका सवाल है: देश का भगोड़ा गृह मंत्री जब भी मुँह खोलता है, तो समाज में सिर्फ़ साम्प्रदायिकता और ध्रुवीकरण ही क्यों घोलता है ?
दिल्ली सरकार के अस्पतालों में दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद से जुड़ा करीब ₹700 करोड़ का मामला बेहद गंभीर है. ACB के मुताबिक, महँगे दामों पर खरीद, टेंडर प्रक्रिया में कथित मिलीभगत और भुगतान में गड़बड़ी के आरोप हैं. इससे भी ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि X-Ray मशीन, C-Arm और दूसरे सामानों की खरीद से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलें कथित तौर पर नष्ट कर दी गईं.
सरकारी अस्पतालों और मरीजों के लिए रखे पैसे में गड़बड़ी के आरोप हों और फिर उसी खरीद का रिकॉर्ड भी गायब हो जाए, तो सवाल सरकार से पूछे जाने चाहिए. आखिर किसने टेंडर की शर्तें तय कीं, किसने भुगतान मंजूर किया और महत्वपूर्ण फाइलें किसके आदेश पर नष्ट हुईं?
“आप हमको चाइनीज़ बोलने से बहुत गुस्सा होता है, बहुत दुखी होता है। प्लीज़ हमको ऐसे मत बोलो। हमको इंडिया बोलो इंडिया, हमको चाइनीज़ मत बोलो…”
- ईटानगर से प्यारी छोटी इंडियन की फ़रियाद
Health Scam 650 Cr
Cycle Scam 90 Cr
Rice Scam. Hundreds of crores
These are open & shut cases but Satyendra Ji has been arrested in a totally fake case.
ओ भाई इस उम्र में ऐसा ग़ुस्सा! वो भी ‘प्रधान’ के ख़िलाफ़… इनकी भाषा पर मत जाइए… स्कूल जाने में हर दिन उठाए जाने वाली तकलीफ़ को समझिए 🥲
हेडफ़ोन लगा कर सुनिए
•संदीप चौधरी: मैं वंदे मातरम् की कुछ पंक्तियाँ बोल रहा हूँ, आप मुझे उनका अर्थ बताइए
•VHP प्रवक्ता: क्या आप मेरा टेस्ट ले रहे हैं?
•संदीप चौधरी: हाँ 😂
•VHP प्रवक्ता: आप वंदे मातरम् का विरोध करने वालों से सवाल क्यों नहीं पूछते?
•संदीप चौधरी: पहले आप मेरे सवाल का जवाब दीजिए 😂
•VHP प्रवक्ता: आप कम्युनिस्ट मानसिकता दिखा रहे हैं।
•संदीप चौधरी: कोई बात नहीं, दूसरों का टेस्ट लेने की कला मैंने आप लोगों से ही सीखी है 😂
•VHP प्रवक्ता: मुझे आपकी आवाज़ सुनाई नहीं दे रही।
संदीप चौधरी: फिर आप वहाँ से मेरी बातों का जवाब कैसे दे रहे हैं? 😂