#StopWar
युद्ध के दुष्परिणाम सबसे ज्यादा अर्थ व्यवस्था पर होते हैं। महंगाई के रूप में इसके प्रभाव देखने को मिलते हैं। आयात और कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होता है क्योंकि अब अर्थ व्यवस्था वैश्विक है।
#StopWar
परमाणु बम जैसे हथियार बनाकर मानव समाज के विनाश की सामग्री तैयार कर ली।इतिहास गवाह है कि केवल संत रामपाल जी ही पूरा विश्व को उपदेश देकर मोक्ष प्राप्त करा सकते हैंअधिक जानकारी के लिए सतलोक आश्रम यूट्यूब चैनल पर विजिट करें। @DrKCPatel4@nvdamp
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
600 वर्ष पूर्व माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575 (सन् 1518) को कबीर साहिब जी मगहर शहर से सशरीर सतलोक गये थे। जिसका प्रमाण आज भी मगहर में विद्यमान है।
Satlok
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
मगहर से सशरीर सतलोक गमन
कबीर परमेश्वर माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रम संवत 1575 (सन 1518) को मगहर से सशरीर सतलोक गये तो उनके शरीर के बराबर सुगंधित फूल मिले। जिसे हिन्दू व मुसलमानों ने आपस में आधे - आधे बाँटकर
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
Satlok
कबीर परमेश्वर मगहर से सशरीर सतलोक गए।
उनके शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल पाए गए जो कबीर परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार दोनों धर्मों ने आपस में लेकर मगहर में 100 फुट के अंतर से एक-एक यादगार बनाई जो आज भी विद्यमान ह
*#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwasकीन्हा मगहर पियाना सतगुरु, कीन्हा मगहर पियाना हो।
दोनो दीन चले संग जाके, हिन्दू-मुसलमाना हो।।
माघ महीना शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि.सं.1575 सन् 1518 को अविनाशी परमात्मा कबीर साहेब मगहर से सशरीर सतलोक गये। उनके शरीर के स्थान पर केवल सुगन्धित पुष्प
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
कबीर परमेश्वर मगहर से सशरीर सतलोक गए।
उनके शरीर के स्थान पर सुगंधित फूल पाए गए जो कबीर परमेश्वर की आज्ञा के अनुसार दोनों धर्मों ने आपस में लेकर मगहर में 100 फुट के अंतर से एक-एक यादगार बनाई जो आज भी विद्यमान है।
Satlok
@lakshay_cop@Vikas73444468
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
पूर्ण परमात्माअविनाशी है वह सतलोक से सशरीर आते हैंऔर अनेकों लीलाएं करके सहशरीर चले जाते हैं जैसे मगहर से कबीर परमात्मा सहशरीर चले गए थे अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज यूट्यूब चैनल पर विजिट करें।
Satlok
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
माघ माह शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी विक्रम संवत 1575 (सन 1518) को कबीर साहेब ने एक चादर नीचे बिछाई और एक ऊपर ओढ़ ली। कुछ फूल कबीर साहेब के नीचे वाली चादर पर दो इंच मोटाई में बिछा दिये। थोड़ी देर में आकाशवाणी हुई कि मैं तो सतलोक जा रहा हूँ
Satlok
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
600 वर्ष पूर्व माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575 (सन् 1518) को कबीर साहिब जी मगहर शहर से सशरीर सतलोक गये थे। जिसका प्रमाण आज भी मगहर में विद्यमान है।
Satlok
अर्थात कबीर साहिब अविनाशी परमेश्वर हैं।
आज मोहे दर्शन दियो जी कबीर।
हिन्दू के तुम देव कहाये, मुसलमान के पीर।
दोनों दीन का झगड़ा छिड़ गया, टोहे ना पाये शरीर।। अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram YouTube Channel Visit करें। @sachin_rt@Kunshan_China@nvidia
Satlok
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
आदरणीय धर्मदास जी ने बताया कि जब परमेश्वर कबीर जी मगहर से सशरीर सतलोक गये तब हिन्दू मुसलमान आपस में कबीर साहेब के शरीर का अपनी धार्मिक रीति से अंतिम संस्कार करने के लिए लड़ने को तैयार थे लेकिन उन्हें वहां कबीर साहिब जी का शरीर नहीं मिला
#12Feb_GodKabir_PrasthanDiwas
जब नकली धर्मगुरु शास्त्रों के विरूद्ध भक्ति करवाने लग जाते हैं तब पूर्ण परमात्मा कबीर जी Satlok से सशरीर प्रकट होते हैं और स्वयं ही अपने अपने ज्ञान का प्रसार करते हैं और वापिस सशरीर अपने निज धाम चले जाते हैं!!
#RealGod_Is_Kabir
परमेश्वर का नाम कविर्देव अर्थात् कबीर परमेश्वर है, जिसने सर्व रचना की है। जो परमेश्वर अचल अर्थात् वास्तव में अविनाशी है।
- पवित्र अथर्ववेद काण्ड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7
@jagat_rudra
@ADITYAJAGTAPS
Sant Rampal Ji Maharaj
परमात्मा शिशु रूप में प्रकट होकर लीला करता है। तब उनकी परवरिश कंवारी गायों के दूध से होती है।
ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 1 मंत्र 9
यह लीला कबीर परमेश्वर ही आकर करते हैं।
#RealGod_Is_Kabir
Sant Rampal Ji Maharaj