#ThePlaceOfDevil
काल अपने तीनों पुत्रों को धोखे में रख कर अपने खाने के लिए जीवों की उत्पत्ति श्री ब्रह्मा जी द्वारा तथा स्थिति श्री विष्णु जी से तथा संहार श्री शिव जी द्वारा करवाता है।
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#ThePlaceOfDevil
Kaal keeps his three sons in deception and gets the creatures to eat for themselves by Shri Brahma Ji and the situation by Shri Vishnu and the destruction by Shri Shiva Ji.
- Jagatguru Tattvarshi Sant Rampal Ji Maharaj
#ThePlaceOfDevil
काल पुरुष को शापवश एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों के सूक्ष्म शरीर से मैल निकाल कर खाना होता है उसके लिए इक्कीसवें ब्रह्माण्ड में एक तप्तशिला है जो स्वतः गर्म रहती है, उस पर गर्म करके मैल पिंघला कर खाता है, जीव मरते नहीं परन्तु कष्ट असहनीय होता है,
#ThePlaceOfDevil
काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी है।
एक ब्रह्माण्ड में बने सर्वोपरि स्थान पर ब्रह्म स्वयं तीन गुप्त स्थानों की रचना करके ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव रूप में रहता है तथा अपनी पत्नी दुर्गाके सहयोग से तीन पुत्रों की उत्पत्ति उनके नाम ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव रखता है।
#ThePlaceOfDevil
पूर्णब्रह्म ने, ब्रह्म अर्थात् काल को पाँच वेद प्रदान किए थे। लेकिन ब्रह्म ने केवल चार वेदों को प्रकट किया। पाँचवां वेद छुपा दियाजो पूर्ण परमात्मा ने स्वयं प्रकट होकर कविर्गिर्भीः अर्थात् कविर्वाणी कबीर वाणीद्वारा लोकोक्तियों व दोहों के माध्यम से प्रकट किया है।
#ThePlaceOfDevil
हम जिस लोक में रह रहे हैं यह काल का लोक है। काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी (प्रभु) है। इसे क्षर पुरुष, ज्योति निरंजन आदि उपमा से जाना जाता है। यह तथा इसके सर्व ब्रह्माण्ड नाशवान हैं।
#ThePlaceOfDevil
हम जिस लोक में रह रहे हैं यह काल का लोक है। काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी (प्रभु) है। इसे क्षर पुरुष, ज्योति निरंजन आदि उपमा से जाना जाता है। यह तथा इसके सर्व ब्रह्माण्ड नाशवान हैं।
#ThePlaceOfDevil
काल पुरुष को शापवश एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों के सूक्ष्म शरीर से मैल निकाल कर खाना होता है उसके लिए इक्कीसवें ब्रह्माण्ड में एक तप्तशिला है जो स्वतः गर्म रहती है, उस पर गर्म करके मैल पिंघला कर खाता है, ।
#ThePlaceOfDevil
काल पुरुष को शापवश एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों के सूक्ष्म शरीर से मैल निकाल कर खाना होता है उसके लिए इक्कीसवें ब्रह्माण्ड में एक तप्तशिला है जो स्वतः गर्म रहती है, उस पर गर्म करके मैल पिंघला कर खाता है, ।
#ThePlaceOfDevil
हम जिस लोक में रह रहे हैं यह काल का लोक है। काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी (प्रभु) है। इसे क्षर पुरुष, ज्योति निरंजन आदि उपमा से जाना जाता है। यह तथा इसके सर्व ब्रह्माण्ड नाशवान हैं।
#ThePlaceOfDevil
हम जिस लोक में रह रहे हैं यह काल का लोक है। काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी (प्रभु) है। इसे क्षर पुरुष, ज्योति निरंजन आदि उपमा से जाना जाता है। यह तथा इसके सर्व ब्रह्माण्ड नाशवान हैं।
#ThePlaceOfDevil
पूर्णब्रह्म ने, ब्रह्म अर्थात् काल को पाँच वेद प्रदान किए थे। लेकिन ब्रह्म ने केवल चार वेदों को प्रकट किया। पाँचवां वेद छुपा दियाजो पूर्ण परमात्मा ने स्वयं प्रकट होकर कविर्गिर्भीः अर्थात् कविर्वाणी कबीर वाणीद्वारा लोकोक्तियों व दोहों के माध्यम से प्रकट किया है।
#ThePlaceOfDevil
काल इक्कीस ब्रह्माण्ड का स्वामी है।
एक ब्रह्माण्ड में बने सर्वोपरि स्थान पर ब्रह्म स्वयं तीन गुप्त स्थानों की रचना करके ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव रूप में रहता है तथा अपनी पत्नी दुर्गाके सहयोग से तीन पुत्रों की उत्पत्ति उनके नाम ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव रखता है।
#ThePlaceOfDevil
काल पुरुष को शापवश एक लाख मानव शरीर धारी प्राणियों के सूक्ष्म शरीर से मैल निकाल कर खाना होता है उसके लिए इक्कीसवें ब्रह्माण्ड में एक तप्तशिला है जो स्वतः गर्म रहती है, उस पर गर्म करके मैल पिंघला कर खाता है, जीव मरते नहीं परन्तु कष्ट असहनीय होता है,
#ThePlaceOfDevil
Kaal keeps his three sons in deception and gets the creatures to eat for themselves by Shri Brahma Ji and the situation by Shri Vishnu and the destruction by Shri Shiva Ji.
- Jagatguru Tattvarshi Sant Rampal Ji Maharaj
#ThePlaceOfDevil
काल अपने तीनों पुत्रों को धोखे में रख कर अपने खाने के लिए जीवों की उत्पत्ति श्री ब्रह्मा जी द्वारा तथा स्थिति श्री विष्णु जी से तथा संहार श्री शिव जी द्वारा करवाता है।
- जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज
#SolutionForDepression
वर्तमान हालातों में बहुतों ने अपने परिजनों को खोया और तनाव का शिकार हो गए और उस दुःख से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। अनमोल व निःशुल्क पुस्तक "जीने की राह" तनाव से मुक्ति तो दिलाएगी ही साथ में जीवन का उद्देश्य भी समझ आएगा।
#SolutionForDepression
तनाव से गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान होने लगते हैं। वर्तमान माहौल से लोगों के दिलों-दिमाग में डर बैठ गया है। अब हमारा क्या होगा? ऐसी परिस्थिति में एक उपाय है, जिससे बचा जा सकता है। पढ़ें अनमोल पुस्तक "जीने की राह"।
#SolutionForDepression
Stress causes severe mental and physical harm. The present atmosphere has scared the hearts and minds of the people. What will happen to us now? There is a remedy in such a situation, which can be avoided. Read the precious book "The Way to Live".
#SolutionForDepression
सूक्ष्म वेद में लिखा है भजन कर राम दुहाई रे, भजन कर राम दुहाई रे, जन्म अनमोला तुझे मिला नर देही पाई रे। यह मनुष्य जीवन बहुत अनमोल है। यह हमें सिर्फ सतभक्ति के लिए ही मिला है और इस मनुष्य जीवन में ही हम पूर्ण परमात्मा को प्राप्त कर सकते हैं।