अनिरुद्धाचार्य कहते हैं कि परमात्मा निराकार है जबकि यजुर्वेद अध्याय 5 के मंत्र 1 व अध्याय 7 के मंत्र 39 में लिखा है कि परमात्मा साकार है, मनुष्य जैसा है दर्शनीय है अर्थात देखने योग्य (साकार) है। इससे सिद्ध होता है कि #अनिरुद्धाचार्यको_कख_नहीं_पता और वह एक Fake Kathavachak हैं।
संत रामपाल जी महाराज इस श्लोक के आधार पर बताते हैं कि पितर पूजा से मोक्ष नहीं मिलता। इस प्रकार, अनिरुद्धाचार्य जी का यह उपदेश गीता के श्लोक के विपरीत है।
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Fake Kathavachak
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जबकि ऋग्वेद मण्डल 9 सूक्त 96 मंत्र 16-20, अथर्ववेद कांड 4 अनुवाक 1 मंत्र 7, यजुर्वेद अध्याय 40 मंत्र 8 व सामवेद मंत्र संख्या 30 स्पष्ट करता है कि कबीर जी ही सर्व सृष्टि को रचने वाले परमात्मा हैं।
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#सनातन_परम_धाम_कहां_है
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सतलोक जाने के बाद आत्मा का पूर्ण मोक्ष हो जाता है। जबकि स्वर्गलोक और ब्रह्मलोक में जाने के बाद आत्मा अस्थायी सुख को भोग कर वापिस धरती पर आ जाती है। फिर से नरक, 84 लाख योनियों में चक्कर काटने लगती है।
Satlok The Eteranl Place
#गंगा_ही_का_पानी_निर्मल_क्यों
गंगा नदी इस बात का जीता जागता उदाहरण है कि पृथ्वी से अन्य ऊपर एक अविनाशी लोक है जिसे सतलोक कहते हैं, हम सभी सतलोक के ही वासी हैं।
Secret Uncovered By Sant RampalJi
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गंगा नदी किसकी देन है ?
गंगा नदी वास्तव में कबीर परमेश्वर की देन है। क्योंकि गंगा नदी को सतलोक से कबीर परमेश्वर द्वारा ही काल निरंजन के लोक, विष्णु के लोक और शिव लोक से होते हुए पृथ्वी लोक पर भेजा गया था।
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मिथक - गंगा नदी भागीरथ की तपस्या से प्रसन्न होकर पृथ्वी पर आई।
तथ्य - पूर्ण परमेश्वर के विधि विधान के अनुसार गंगा पृथ्वी पर आई उस समय भागीरथ भी तपस्या कर रहे थे जिसका श्रेय उनका मिल गया जबकि गंगा को आना ही था।