बाबा साहेब के शिक्षा के क्षेत्र में “अतुलनीय योगदान” देखिए…
बिहार की एक सरकारी शिक्षिका इंटर प्रथम श्रेणी (First Division) से पास हैं। स्कूल निरीक्षण के दौरान जब उनसे अंग्रेज़ी के महीनों के नाम पूछे गए, तो उनका जवाब सुनकर शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति समझ आ जाएगी।
सचमुच, शिक्षा को “नई ऊँचाइयों” तक पहुँचाने का यह Reservation मॉडल अद्भुत है।
भारत को ऐसी “महान” शिक्षा व्यवस्था देने के लिए देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
🚨 अभिजीत दिपके को इस इंटरव्यू का पछतावा हो रहा होगा 🚨
रिपोर्टर – सर, झारखंड के छात्रों के मैसेज नहीं आ रहे? एक ST स्टूडेंट ने कहा था कि आप आएं और मदद करें।
अभिजीत – हां, बहुत मैसेज आ रहे हैं। जल्द देखेंगे। BJP ने अपने स्रोतों से मेरे पिता के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी, जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं। अभी उसी से निपट रहा हूं।
रिपोर्टर – सर, दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बच्चे भी टीवी पर रो रहे थे जब उनके पिता पिटकर अस्पताल पहुंचे। आपने उनकी बात नहीं की, लेकिन अपने पिता की FIR पर फोकस है। उन बच्चों का क्या हाल हुआ होगा, कभी सोचा?
अभिजीत – वो मेरे या मेरे प्रदर्शनकारियों ने नहीं किया, गुंडों ने किया।
रिपोर्टर – सर, आपके पिता की FIR भी BJP या मोदी ने नहीं दर्ज करवाई। फिर दोष BJP पर क्यों?
कोई जवाब नहीं… बस वही झुंझलाया हुआ चेहरा।
इस रिपोर्टर को प्रमोशन मिलना चाहिए 🙏
अपने दो मासूम बच्चों का पेट पालने के लिए ट्रेन में सामान बेच रही एक विधवा महिला के साथ जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया।
@RailMinIndia
बताया जा रहा है कि ट्रेन में सामान बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाली महिला के साथ कुछ लड़कों ने अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ की। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस आरोपी लड़कों की तलाश कर रही है।
रोजी-रोटी कमाने निकली किसी भी बेटी को डर नहीं, सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए। 💔
ये विडियो देख के कलेजा फट जाएगा 💔😢
पूरा पढ़े 👇
एक तरफ बेटा... दोनों आंखों से विकलांग मां को नमक-चावल और पानी खिला रहा है।
उसके लिए यही दुनिया है, यही जन्नत है। उसे 5 स्टार होटल नहीं चाहिए, बस मां का पेट भर जाए, यही काफी है।
दूसरी तरफ हमारे देश में लाखों ऐसे परिवार हैं
जो उन "25 करोड़" के आंकड़ों में कहीं नहीं आते।
जिन्हें "गरीबी रेखा से बाहर" बता दिया गया, पर उनकी थाली में आज भी सिर्फ नमक-चावल है।
ये है असली भारत,जहां 25 करोड़ के आंकड़े में ये बेटा और उसकी मां नहीं दिखेंगी...पर जहां बेटा मां के लिए भगवान बन जाता है..और जहां संघर्ष ही जिंदगी का नाम है।
सलाम है ऐसे बेटे को🙏
सोचिए... क्या हम वाकई आगे बढ़ रहे हैं?
#viralvideo #RealIndia #HumanityFirst #India
@Ayesha786Majid Ye subse bada dookha hai hr hyper market ka yhi haal hai,
Smart bazaar to isse bhi bada wala hain,
Waha to jo offer mai likha hota billing pe jane k baad wo hota hi nhi irriteting,
Bahut sari cheating hoti hai customer k sath
पुलिस को मारने पीटने का कोई अधिकार नहीं है? लेकिन आज कल के नए नवेले लोग वर्दी की आड़ में फुल गुंडई करते हैं।
अरे भाई बहुत मेहनत से मिलती है यह वर्दी, वर्दी मिलने से पहले का संघर्ष याद कर लिया करो कि अगर यह एक बार उतर गई तो क्या होगा?
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं
इंदौर (म.प्र.) के छोटा बेटमा गाँव की 29 वर्षीया विधवा वर्षाबाई पति के निधन के बाद अपने तीन बच्चों के साथ भीषण आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रही थीं। ऐसे कठिन समय में संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा मुहिम' के तहत इस असहाय परिवार को राशन व दैनिक सामग्री
महाराज के 'अन्नपूर्णा अभियान' के तहत सहायता पहुँचाते हुए आवश्यक खाद्य व राशन सामग्री प्रदान की गई।
या ताकत सै मेरे मैं
Annapurna Muhim By Sant RampalJi
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं
बैतूल जिले के सेहरा गाँव के दिव्यांग मसरू कुंभरे एक हाथ न होने के बावजूद ₹4,100 की अत्यंत सीमित मासिक आय में अपने 6 सदस्यों के परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। बिना ज़मीन व बचत के कच्चे मकान में रह रहे इस पीड़ित परिवार को संकट की घड़ी में संत रामपाल जी
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं
बैतूल (म.प्र.) के पराठना गाँव की बसंती धुर्वे जी 11 साल पहले पति के निधन के बाद से अपने दो बेटों का अकेले लालन-पालन कर रही हैं। कच्चे मकान में रहते हुए और स्कूल की रसोई में छोटा-मोटा काम करके वे बेहद कठिनाई में अपना जीवन-यापन कर रही हैं।
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं
बैतूल (म.प्र.) के ग्राम डांगरिया में 67 वर्षीय दृष्टिहीन बेटी के साथ रह रहे बुजुर्ग रामलाल जी का परिवार अत्यधिक गरीबी में जीवन यापन कर रहा था। आय का कोई साधन न होने और केवल ₹1200 पेंशन पर निर्भर इस बेबस परिवार के लिए संत रामपाल जी महाराज की 'अन्नपूर्णा
रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित अन्नपूर्णा मुहिम के तहत, 14 अप्रैल 2026 को इस परिवार को तीसरी बार राशन और आवश्यक सामग्री की सहायता दी गई, जिससे उनके दैनिक जीवन को बड़ा सहारा और राहत मिली है।
Annapurna Muhim By Sant RampalJi
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के केहलपुर गाँव का चौरसे परिवार (रामेश्वर चौरसे, पत्नी चंपा और 9 वर्षीय पुत्र आश) बिना स्थायी आय और घर के कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहा था। संत
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात् सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा बताएगा। सुबह पूर्ण परमात्मा की पूजा,