निजीकरण आधारित उद्योग, धंधे, कल कारखाने, बैंक का देश के विकास या देश के अर्थ ब्यवस्था बढ़ाने में कोई योगदान नही हैं, बल्कि देश को लूटने व अमानवीय प्रवृत्तियों को बढ़ावा दिया जा रहा है ।
फिरभी हम सारे निजीकरण को सही मान रहे हैं, तो जहर पी कर अमृत पीने का स्वांग कर रहे हैं ।
जो फार्म भरवाया जा रहा है जानकारी देने बाबत उसकी पहली शर्त है वह अंग्रेजी में भरा जाए कितने मजदूर वो प्रोबेशनरी अंग्रेजी जानते होंगे।
उसके बाद आपको कलेक्टर वगैराह से मंजूरी लेना है।
जहां जा रहें हैं उस राज्य सरकार की सहमति।
उफ्फ।
इसी हिन्दू ह्रदय सम्राट से
इसी की हिंदू हितैषी सरकार से आज अपने ही देश के हिन्दू मजदूर नहीं संभालें जा रहें
उन्हें घर वापसी के लिए ट्रेन से आने के लिए इतना जटिल टास्क दिया है कि इससे तो वे पैदल जाना चुन रहे।
🙏 मैं मोदी और वित्तमंत्री को चुनौती देता हूँ कि बिना किसी सहायता राहुल गांधी की तरह एक प्रेस मीट कर ले..गोबर का गोबर और गोमूत्र का गोमूत्र हो जाएगा..
7500₹ प्रतिमाह 60% गरीब भारतीयों का हक है..मोदी, याद रखना जनता माफ नही करेगी ये पाप.
गोदिमीडिया 24X7 राहुल गांधी को गाली देता है..पर राहुल की प्रेस मीट में सभ्यता के साथ बात करता है..क्योंकि गोदिमीडिया को भी मालूम है कि राहुल गांधी एक शिक्षित और सभ्य इंसान है..गाली देना मजबूरी और रोजगार है..
● राहुल के जवाब में एक रोडमैप था..इकॉनमी के "रिस्टार्टिंग पॉइंट" को परिभाषित किया..एक अर्धशिक्षित PM और कैंब्रिज के Mphil राहुल गांधी का फर्क विश्व के सामने है..
● राहुल ने अलग अलग सेक्टर को जोड़ कर जीडीपी का ब्लूप्रिंट बताया..अभी तक मोदी मंडली को ये अंदाजा भी नही है कि शुरुवात किस बिंदु से करनी है..दुर्भाग्यपूर्ण है!!!