निशु आज़ाद और उसके पिता संजय आज़ाद पर देवी देवताओं को गाली देने पर FIR दर्ज करने की याचिका में कोर्ट ने पुलिस को नोटिस इशू कर दिया है और पूछा है कि क्या एक्शन लिया गया!
@SachdevaAmita ने कोर्ट में भगवान के अपमान पर दोनों के खिलाफ FIR की कार्यवाही की माँग की है।
दलित होने के नाते हिंदू देवी देवताओं के अपमान की छूट नहीं मिल जाती। अगर FIR हो जाती है तो यह केस नज़ीर बनेगा उन सभी लोगों के लिए जो सोशल मीडिया पर हिंदू धर्म और देवी देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं।
@KumarPriyaRan16 आप जब मुड़कर नीतियां और उठाए गए कदम देखेंगे तो सब समझ आयेगा कि मोदी की यह सोची समझी चाल है। यह विशुद्ध सकल हिंदू समाज के विरुद्ध की गई निम्न स्तर की राजनीति है।
सब भाजपा करवा रही है ताकि सवर्णों को यह चूरन दे सके कि देखो, हिन्दुत्व बिखर जाएगा यदि SC हमसे नाराज हो जाएँगे। वो आग लगा देंगे, हमें देश बचाना है।
इसका अनुवाद यह है कि GC अपनी भैंस चराए, हमें अपनी सत्ता बचाने के लिए चुप रह कर वोट देते रहो। अंतर केवल इतना है कि अब कोई भी यह चूरन चाट नहीं रहा।
@swatntra_anuj और वो टोपीबाज संघ का भागवत, वो तो बोल रहा है ना कि हमने कोई ठेका नहीं ले रखा, सवर्णों को बोल रहा रोटी बेटी का रिश्ता, ये सब साले दोमुंहे सांप है जहां दिखे वहां कुचलो
उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों का ठेका भाजपा में सासंद रवि किशन शुक्ला को मिला है, UGC और आरक्षण पर जिनके मुंह से कभी एक शब्द नहीं निकलता, SCSTACT के दुरूपयोग पर कभी एक शब्द नहीं निकलता? वह बोल रहे हैं कि मैं दावे के साथ कहता हूं कि ब्राह्मण कहीं नहीं जाएगा।
जैसे ब्राह्मण इनका गुलाम हो? इन्होंने ब्राह्मणों के ऊपर बहुत एहसान किए हैं?
कोई इस ब्राह्मणों के ठेकेदार से पूंछे कि इस ठेकेदार ने ब्राह्मणों के लिए आज क्या किया है? एक काम इस आदमी से ब्राह्मणों के लिए किया गया पूछ लीजिए?
उत्तर प्रदेश में इतनी ब्राह्मणों की हत्याएं हुई कभी इस आदमी के मुंह से दो शब्द निकले?
सवर्ण आयोग के लिए कभी सदन में मांग की?
सवर्ण सुरक्षा कानून की कभी मांग की?
आरक्षण सुधार की कभी मांग की?
SCSTACT के दुरुपयोग की कभी मांग की?
UGC के विरोध में बोला?
इससे अच्छा तो दलित पिछड़ों के सासंद विधायक हैं जो अपने समाज की दमदारी से बात तो करते हैं, वह कभी इस तरह की ठेकेदारी नहीं लेते हैं, बड़ा आया समाज का ठेकेदार बनने।
श्री बीड़ी कुमार बंडल जी ने, श्री अजीत भारती को ले कर इस वर्ष जो भी टिप्पणी की है, वह सब 'ऊपर से आए आदेश के कारण' X और फेसबुक से हटा दी है।
ऐसा नहीं करना चाहिए। यह इतिहास है। अब मेरे नाम वाली केवल एक पोस्ट है जो मनुस्मृति और अंबेडकर को ले कर है। किसी ने मुझे बताया तो मुझे दुख हुआ कि निम्नस्तरीय विचारकों से भी पोस्ट हटवाए जा रहे हैं!
Journalist: If the Rohith Vemula Bill is brought in Karnataka Legislative Assembly, would you oppose it or not?
BJP leader: Why would we oppose it?
And then they have the audacity to question us??????
आज गालियाँ दे रहे हो- कल जेल में बैठकर पछताओगे कि
जब SC/ST एक्ट के दुरुपयोग के खिलाफ आवाज़ उठी, तब प्रीत सिरोही के साथ क्यों नहीं खड़े हुए।
Stand against SC/ST Act misuse. RETWEET.
“दिल्ली ऐसे नहीं जाया जाता, दिल्ली जाने के लिए उसके पड़ोसी राज्यों के लोगों को साथ लेना पड़ता है।” — महिपाल मकराना
बात में दम है। अगर दिल्ली में प्रदर्शन करना है तो आधी-अधूरी तैयारी के साथ नहीं, पूरी ताकत और व्यापक भागीदारी के साथ करना चाहिए।
हर 2-3 दिन में UGC, आरक्षण में सुधार या SC/ST Act के खिलाफ “दिल्ली चलो” का नारा देकर 2-3 हजार लोगों की भीड़ जुटा लेना आंदोलन को मजबूत करने के बजाय उल्टा नुकसान कर सकता है।
बार-बार छोटे प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बनने के बजाय आंदोलनकारियों का ही मनोबल कमजोर पड़ सकता है।
दिल्ली चलो तो ऐसा चलो कि सरकार खुद आपके सामने पुलिस लगाने से पहले सोचे