‘अबतक मगर है बाक़ी नाम-ओ-निशाँ हमारा’
रिहाना और मियाँ ख़लीफ़ा जैसों की दिक़्क़त इसी अखंड भारत से है, जिसे आजतक कोई झुका न पाया। हमारे देश में वैमनस्य पैदा करने की साज़िश में लग गयी हैं विदेशी ताक़तें। पर उन्हें मालूम नहीं ये हिंदुस्तान है।#IndiaTogether#IndiaAgainstPropoganda