She Is Unstoppable : 🔥
Neha Bora stands strong even after ink was thrown at her during the Ranchi student protest by the alleged RSS member.
She refuses to be silenced.
सावित्री फातिमा आंबेडकर और भगत सिंह प्रेरणा देते हैं हमें।
ज़ुल्म ज्यादती खिलाफ़ खड़े होने और हक़ अधिकार के लिए लड़ जाने के लिए यही सिखाते हैं हमें।
: @neha_aisa (video: HNP News)
जब लोग पूछते हैं कि आप क्यों शिक्षक होने पर ऐसा गुमान करते हैं ? तो नेहा @neha_aisa की इस तक़रीर को सुनिए. हमें शिक्षक होने पर गुमान होता है क्यों ये प्रोफेशन हमने मौका देता है कि हम इस देश समाज को नेहा जैसे युवा तैयार कर दे सकें. हफ़्तों के अनशन और सरकारी दमन के बावजूद इस बहादुर लड़की को पता है कि इतिहास किसे कैसे दर्ज करेगा.
मोर पॉवर टू यू कॉमरेड ✊
सादे कपड़ों में दिल्ली पुलिस के संग यह कौन लोग थे?
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#cjpprotest#sansadmarch#sonamwangchuk#protest#delhipolice
IRAN के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली Khamenei के लिए सार्वजनिक विदाई समारोह शुरू हो गया है!
इस कार्यक्रम में लगभग 2 करोड़ लोगों के शामिल होने की उम्मीद है और यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा अंतिम संस्कार समारोह (Funeral) होगा!
हैदराबाद: “पुलिस के सामने मुझे पाकिस्तानी कहा, हिम्मत कैसे हुई, इंडियन हूं”
◆ एक अपार्टमेंट में हिंदू-मुस्लिम निवासियों के बीच तीखी बहस हुई,
◆ दरअसल, एक मुस्लिम युवक को 'पाकिस्तानी' कहा गया, जिसपर उसने कहा कि उसके दादा इंडियन आर्मी में थे
#Hyderabad | Hyderabad
कोई बताएगा कि उस पत्रकार को
कितने नंबर का चश्मा लगना चाहिए
जो बोल रहा था कि जंतर-मंतर दिल्ली में
आज़ कोकरोच जनता पार्टी के आंदोलन में
युवाओं की संख्या 40 से नीचे थी.....
ये दिल्ली के फरिश्ते हैं! इन्होंने 50 के क़रीब ज़िंदगियों को बचाया है। इनकी तस्वीरें दो रोज़ से वायरल हो रही हैं। इनकी सराहना की जा रही है। विडंबना यह है कि इंसानियत के लिए अदा किए गए इनके फर्ज़ की सराहना भी वही लोग कर रहे हैं, जो इस देश में नफ़रती एजेंडे और नफ़रत की सियासत के धुर विरोधी रहे हैं।
क्या इस देश के प्रधानमंत्री को इन सभी लोगों को अपने शासकीय आवास पर बुलाकर इनकी हौसला अफ़ज़ाई नहीं करनी चाहिए? क्या दिल्ली की मुख्यमंत्री और लेफ्टिनेंट गवर्नर को इन सभी फरिश्तों को बुलाकर इनकी हौसला अफ़ज़ाई नहीं करनी चाहिए? क्या राष्ट्रपति साहिबा को इन्हें राष्ट्रपति भवन बुलाकर सम्मानित नहीं करना चाहिए? इससे देश में एक संदेश जाएगा कि इंसानियत को बचाने वाले हर जगह सराहे जाते हैं, नफ़रत फैलाने वाले नहीं।