लोग जंतर-मंतर न पहुँच सकें, इसके लिए बड़े पैमाने पर बैरिकेडिंग कर दी , कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही सीमित कर दी है और राजीव चौक, पटेल चौक, जनपथ व केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के Entry -Exit भी बंद कर दिए ।
अगर लोगों की नाराज़गी और दर्द को देखने की हिम्मत है नहीं आप में और समस्याएँ ख़त्म नहीं करनी और नहीं कुर्सी छोड़नी है - तो ये कैसा लोकतंत्र है कि जनता के आप तक पहुँचने के रास्ते बंद करना जानते है आप।
बुज़दिल और डरपोक है ।
शांतिपूर्ण विरोध हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लोगो को बैरिकेड से रोका जा सकता है, लेकिन उनके आवाज,सवालों को कब तक रोक लोगे ?
पूरा देश देख रहा है। न्यायपालिका भी देख रही है। इतिहास भी गवाह रहेगा कि छात्रों के सवालों का जवाब में संवाद तक नहीं किया गया ।।
यदि ये खाली पद #MPPSC के माध्यम से भरे जाते हैं, तो प्रदेश के सभी प्रतिभाशाली और योग्य युवाओं को समान अवसर मिलेगा।
लेकिन यदि यूनिवर्सिटियाँ खुद भर्ती कराती हैं, तो वहाँ रिश्तेदारों, नेताओं के करीबियों, चाटुकारों और संगठनों से जुड़े लोगों की भरमार हो जाती है।
नतीजा वही होता है जो अब तक होता आया है—
शिक्षा व्यवस्था की सुनियोजित बर्बादी और गुणवत्ता का पतन।
कल राज्य सभा मे sc/st के प्रमोशन मे आरक्षण,sc/st/obc,छात्रों के साथ हो रहे अन्याय के साथ साथ मध्य प्रदेश मे ओबीसी के 27%आरक्षण की माँग संसद मे की.इसके अलावा दिल्ली(54 लोग डेली )मध्य प्रदेश(48000)मे लापता हो रही लड़कियों की आवाज भी उठाई गयी.यह खबर मीडिया के द्वारा प्रकशित भी है.
आज अगर प्रधानमंत्री संसद में आते हैं, तो मैं उन्हें एक किताब भेंट करूंगा।
यह किताब किसी विपक्षी नेता की नहीं है।
यह किताब किसी विदेशी लेखक की नहीं है।
यह किताब है देश के पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की - और हैरानी की बात यह है कि यह किताब कैबिनेट मंत्रियों के हिसाब से मौजूद ही नहीं है।
इस किताब में साफ़ लिखा है कि जब चीनी सेना हमारी सीमा में घुस आई थी, ऐसी नाज़ुक घड़ी में सेना प्रमुख को इंतजार करवाया।
और जब निर्णय लेने का वक़्त आया, तो प्रधानमंत्री ने बस इतना कहा - “जो आपको उचित लगे, वो कीजिए।”
यानी देश की सुरक्षा के सबसे गंभीर संकट में, मोदी जी ने राजनीतिक ज़िम्मेदारी से हाथ खड़े कर लिए।
जनरल नरवणे खुद लिखते हैं कि उस समय उन्हें महसूस हुआ कि राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को अकेला छोड़ दिया।
यही वह सच्चाई है जिसे बोलने से मुझे संसद में रोका जा रहा है।
देश सवाल पूछ रहा है और सरकार जवाब देने से भाग रही है।
@narendramodi भारत पर अमेरिका का टैरिफ खेल
पहले 50% तक टैरिफ → भारी चोट।
अब थोड़ी कटौती → “जीत” का प्रचार।
रूस से सस्ता तेल रोकना, व्यापारिक रियायतें चुकाई गई।
आज तमाम शिक्षक जब सरकार की मंशा या नीतियो पे सवाल कर ले तो इतने लोग ये ज्ञान देने चले आते है कि आप अपना काम करो ।
बात एक दम ठीक है - सबको अपना ही काम करना चाहिए । में आपसे बस इतना पूछना चाहता हूँ कि सरकारों ने अपना काम ठीक से किया । क्या यहाँ शिक्षा मंत्री से लेकर रेलमंत्री किसने अपना काम किया ?
क्या जो काम media का था सरकार से महँगाई बेरोजगारी पेपर लीक और किये गए वादे ना पूरे होने पर सवालों के कठघरे में खड़ा करना - वो उन्होंने नहीं किया । जब जिन लोगो के हाथ में देश की जिम्मेदारी दी गई और उन्होंने अपना काम नहीं किया जिनके ऊपर पूरे देश का भरोसा था उन्होंने सिवाय रेलियो के कितना ही किया ?
जब bollywood से लेकर भोजपुरी actor actress घटिया राजनीति कर रहे उनको भी कहिए कि अपना काम करिए ।।
आज ऐसा हो गया कि किसी बड़े आदमी को उसकी गलती बताओ लोग कहेंगे jealous हो रहे हो क्यूंकि बड़ा आदमी बनते ही आपको कुछ भी करने का लाइसेंस मिल जाता है ।
अगर सच में विकसित होना है तो विकसित हुए देशों से सीखना भी पड़ेगा और उनकी र|हो पर भी चलना पड़ेगा ।
आज कोई नहीं बोलता कि education का इतना commercialization हो चुका है कि कोर्स के साथ एक बच्चे को bag bottle सब बेचा जा रहा है और school से लेकर coachings सब यही कर रही है ।
किसी को तो बोलना पड़ेगा साहब - आज हर exam तमाम unfairness से गुज़र कर लाखो बच्चों के भविष्य को कुचल दे रहा है - कोई तो साथ दो ।।
में आप सबसे पूछना चाहता हूँ कि आप visionary है तो आप आगे आने वाला भारत कैसा देख रहे है ।
#saveyouth
#makeindia
#MPPSC की परीक्षाओं और इंटरव्यू पर बड़ा सवाल ❓
क्या यहाँ चयन योग्यता से होता है या मिलीभगत से?
अपनी पहली ही पोस्टिंग में 40 हज़ार की रिश्वत लेने के आरोपों से घिरी CMO नेहा शर्मा को 2021 की MPPSC परीक्षा के इंटरव्यू में 145 अंक दिए गए — जो असामान्य रूप से बहुत ज़्यादा हैं।
तो सवाल उठता है:
क्या इंटरव्यू में अंक ज्ञान, ईमानदारी और प्रशासनिक क्षमता देखकर दिए जाते हैं,
या फिर यह परखा जाता है कि कौन सिस्टम के लिए ज़्यादा “उपयोगी” और भ्रष्ट साबित होगा?
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2 के तहत हमने इंटरव्यू प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार के ठोस सुझाव दिए हैं।
अब देखना यह है कि सरकार को
✔️ योग्य, ईमानदार अधिकारी पसंद आते हैं
या
❌ वही पुराने भ्रष्ट और चाटुकार चेहरे!
मध्यप्रदेश से बड़ी खबर 🚨
करैरा में सवर्णों द्वारा OBC समाज की दुकानों में तोड़फोड़ 👇
दरअसल आज 1 फरवरी को सवर्ण आर्मी संगठन द्वारा करेरा में जबरदस्ती बंद का आवाहन करते हुए रैली निकाली गयी
बाजार में मौजूद दुकानों को जबरदस्ती बंद कराने का प्रयास किया पर दुकानदारों ने मना कर दिया। जिसके कारण उनके बीच हाथापाई हुई व उन्होंने जमकर आतंक मचाया।।
@DrMohanYadav51 इतना आतंक ठीक नहीं है, इसका खामियाजा हर हाल में चुनावों में भुगतना ही पड़ेगा याद रखना....!!