Friends!
अगर किसी को बढ़िया भाषण देना या अपने शब्दों से प्रभावित करना न आता हो तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो एक अच्छा लीडर या संचालक नहीं हो सकता!
और इस आंदोलन की खूबसूरती ये है कि यहां लगभग GenZ हो या Millenial सब अपने आप में एक लीडर था।
@CJP_for_India
Careerwill का Promotion BJP ने अनचाहे ढंग से कर दिया...और ख़ुद दाग़ साफ़ भी कर लिया, और संस्था का भी सरकार को अनचाहे ढंग से समर्थन मिलने की संभावना बढ़ जाती है?
मेहनत रंग लाई, सपनों को मिली नई उड़ान! 🩺
NEET परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद सड़कों पर उतरा छात्रों का यह हुजूम सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, समर्पण और जुनून की जीत है!
ज्यादातर अभ्यर्थियों का सलेक्शन नहीं हुआ?
लेकिन जिन 12333 अभ्यर्थियों का सिलेक्शन हुआ है, कम से कम उन सबका score card सार्वजनिक करो और नॉर्मलाइजेशन डेटा का स्पष्टीकरण दो।
माननीय @myogiadityanath जी आप शुचिता और पारदर्शिता की बात करते रहते हैं और यहां भर्ती बोर्ड यानी @upprpb नॉर्मलाइजेशन का डेटा सार्वजनिक करने और स्कोर कार्ड जारी करना गोपनीयता का हनन मान रही है तो फिर आप ही बताइए @myogiadityanath जी तो क्या अभ्यर्थी ये भी जानने का कोई अधिकार नहीं है?
एक तो वेकेंसी 5 साल में एक बार आती है, जैसे कि ये UPSI की भर्ती न होकर चुनाव हो गया है?
निवेदन🙏🏻
शायद इनकी अपनी ही कोई ऐसी गोपनीयता है, जो पारदर्शिता आते ही भंग हो जाएगी। इसलिए अभ्यर्थियों को तथ्यों के बजाय शब्दों और संदर्भों के जाल में उलझाने का प्रयास किया जा रहा है, बस इतनी सी बात है।
अधिकांश भर्ती बोर्ड/आयोग कई मामलों में ऐसी भाषा का प्रयोग करते हैं कि न स्पष्ट उत्तर देना पड़े और न ही जवाबदेही तय हो सके। मानो उद्देश्य समस्या का समाधान नहीं, बल्कि अभ्यर्थियों को उलझाए रखना हो।
दुर्भाग्य से यह प्रवृत्ति वर्षों से चली आ रही है। एक तयशुदा प्रारूप बना लिया गया ह कि यह होगा तो यह कहना है, वह होगा तो वह कहना है। न समय की परिस्थितियों से कोई सरोकार, न बदलती आवश्यकताओं से कोई मतलब।
बस पूरा मामला रटे रटाए जवाबों और पूर्वनिर्धारित शब्दावली तक सीमित होकर रह गया है।
असल में नेता भी यही चाहते हैं कि ऐसी-वैसी पार्टियाँ बनती रहें, ताकि युवाओं का मन भी लगा रहे और entertainment का entertainment भी चलता रहे।
बस हमें, यानी युवाओं को, ख़ुद को जानना होगा और सत्य को समझना होगा।
क्योंकि कभी कुछ viral होगा, तो कभी कुछ और… और नेता भी यही virality चाहते हैं, ताकि लोग सरकार की नाकामियों, निरंकुशता और तानाशाही को भूलकर बस मज़े लेते रहें।
और अगर कोई सफल भी हो गया, तो आख़िरकार मेरी ही lobby में आ जाएगा, इसलिए नेता को किसी भी बात का डर, संशय या शंका नहीं है।
सफल हो गए, तो मेरे जैसे बन जाओगे…
और असफल हो गए, तो यूँ ही मरते रहोगे।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB)
आप बताइए तो सही आखिर Normalisation का वास्तविक आधार क्या है?
कैसे तय करते हैं कि कौन-सी शिफ्ट “टफ” थी और कौन-सी “आसान”?
अगर कोई शिफ्ट टफ थी, तो किस पैरामीटर पर?
और अगर आसान थी, तो उसका वैज्ञानिक प्रमाण क्या है?
प्रश्नों की कठिनाई, Attempt Ratio, Accuracy, Question Weightage, Candidate Performance, Shift Variation इन सबकी तुलना आखिर कैसे की गई?
यदि आपको यह तय करने का अधिकार है कि कौन-सी शिफ्ट कठिन थी, तो हमें अभ्यर्थियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि —
“कैसे?” और “क्यों?”
आपने 2.7 गुना यानी लगभग 12333 अभ्यर्थियों को DV/PST हेतु आमंत्रित किया है, तो सभी चयनित अभ्यर्थियों के —
• Raw Marks
• Scaled Marks
• Shift-wise Data
• Normalisation Formula
• Cutoff निर्धारण का आधार
सार्वजनिक क्यों नहीं किए जाते?
क्या इस प्रक्रिया के पीछे कोई सार्वजनिक वैज्ञानिक पैरामीटर, विशेषज्ञ समिति, या पारदर्शी रिपोर्ट मौजूद है?
जब तक पूरी प्रक्रिया, Formula, Raw Data, Shift-wise Analysis और Scaled Marks सार्वजनिक नहीं होंगे, तब तक “Normalization” सिर्फ़ एक शब्द नहीं…
अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ किया गया एक प्रयोग लगेगा।
पारदर्शिता के नाम पर छलावा मत कीजिए।
ये संघर्ष करते हुए बच्चे कोई भेड़-बकरी नहीं हैं…
इनके पीछे वर्षों की मेहनत, परिवार की उम्मीदें और टूटते हुए सपने खड़े हैं।
यदि प्रक्रिया निष्पक्ष है,
तो उसे सार्वजनिक करने में डर कैसा?
उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 के अन्तर्गत विज्ञप्ति / सूचना संख्याः पीआरपीबी-बी (आरक्षी पीएसी एवं अन्य संवर्ग)-07/2025 दिनांक 31-12-2025 के अनुक्रम में लिखित परीक्षा दिनांक 08-06-2026 (सोमवार) , 09-06-2026 (मंगलवार) एवं 10-06-2026 (बुधवार) को आयोजित की जायेगी। उक्त सभी तीन दिवसों को यह परीक्षा दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
विस्तृत विज्ञप्ति/सूचना के लिये बोर्ड की वेबसाइट- https://t.co/l2LtxSzfow का अवलोकन करें ।
-परीक्षा नियंत्रक
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड
लखनऊ ।
@CMOfficeUP@ChiefSecyUP@homeupgov@dgpup@Uppolice
ना कोई Question Mark,
और ना ही कोई Bench Mark!
कुछ गंजेरी कहेंगे “तुम नहीं जानते हो,
ये सब mainstream media की नीति होती है; सामने वाले देश/व्यक्ति के दिल में दहशत पैदा करना!” और ये शराबी मीडिया
और इनके चोर हुक्मरान सब जानते हैं!
दहशत 😁🙏🏻