देश की 80% रेलें मध्यप्रदेश से होकर गुजरती हैं। लोको पायलट रनिंग स्टाफ अपने ग्रीवांस के लिए 1974 से 2026 तक लगातार तुलनात्मक रूप से कम वेतन पर रेल चलाने मजबूर है। चयनित जनप्रतिनिधि मुफ्त रेल लाभ लेते हैं। लोको पायलट के हित में विधानसभा में सकारात्मक निर्णय लें।
@CMMohanYad72560
संपूर्ण भारतीय रेल के लोको पायलट रनिंग स्टाफ और CLI कैडर आपको आपकी नीयत और आपके निर्णय को 12 वर्षों से देख रहे हैं।आज तक उनकी स्थापना नियमों से शासित जायज ग्रीवेंस संविधान सम्मत मांगों को पूरा नहीं किया गया है माननीय।
आप उदार होकर हमारी भी प्रार्थना निवेदन पर सकारात्मक न्याय करें
25% की जगह 14.33 की वृद्धि करवाने वाले महान AIRF नेतृत्व को विनम्र श्रद्धांजलि के सिवाय कोई विकल्प नहीं है। आपके सतत संघर्ष और मजबूत पहल से 14.33 का विकास पैदा हो गया।
अब क्या मुँह दिखाओगे रनिंग को
रेल लोको पायलट और CLI भी आपको बहुत स्नेह करते हैं। उनका भी पसीने की कमाई का पाई पाई सूद समेत चुकाएं माननीय प्रधान सेवक जी।
जब सारा देश करोना में घरों में घुसा था तब भी लोको पायलट क्रू अपनी जान खतरे में डालकर शहर दर शहर माल ढुलाई में सर्वस्व दांव पर लगा दिया था। @narendramodi
इस देश में केंद्रीय कर्मचारियों में लोको पायलट ही हैं जिन्हें पेशाब करने और खाना खाने से रोका जाता है। महामहिम राष्ट्रपति जी से अनुरोध है कि ऐसा आदेश जारी करने वाले बोर्ड अधिकारी को इसी आदेश के परिपालन हेतु लगातार पूरी नौकरी बाध्य करके परीक्षण करके रिव्यू करें।
@rashtrapatibhvn
रेल की बात करते हैं, पर रेल चलाने वाले लोको पायलट के स्थापना नियमों से शासित जायज ग्रीवांस प्रदाय करने संज्ञान तक नहीं लेते।हमें अपने परिवार का सदस्य कहते हैं पर हमारा शोषण नहीं ��ोक रहे। कृपया संविधान शपथ के आदर में हमारे ग्रीवांस तुरंत हल करने संज्ञान लेवें। @narendramodi
माननीय प्रधानमंत्री जी से अनुरोध है कि लोको पायलट के ग्रीवांस स्थापना नियमों से जायज मांगों को हल करा दीजिए। आपका बड़ा एहसान होगा मालिक। कृपया सकारात्मक हस्तक्षेप कीजिए। सादर अग्रिम धन्यवाद सहित शुभकामनाएं।
@narendramodi
लोको पायलट की जिंदगी जिल्लत और दूसरों की जलन की तपन से गुजरकर इंतजार है कि आपकी आंख में पानी होगा और हमारी( रनिंग स्टाफ की) जिल्लत के दिन खत्म होंगे और पूरा ग्रीवांस हल करेंगे। @AshwiniVaishnaw https://t.co/rxaRdEpZEU
लोको पायलट को 30%कम वेतन देना, माइलेज फार्मूले से न देना, माइलेज में टैक्स छूट न देना, मंहगाई और TA ट्रिपल के रेश्यो में माइलेज में बढ़ोत्तरी न करना, मुख्यालय में 16+30 का सप्ताहांत कॉन्सिक्यूटिव विश्राम न देना, नाइट ड्यूटी सीलिंग लगाना ये सब लोको पायलट से दुष्टता है। रोकें @cji
लोको पायलट रनिंग स्टाफ के 2006 से स्थापना नियमों से शासित जायज ग्रीवांस हल न करके पसीने की कमाई की पाई पाई रोकना क्रूरतम अपराध है। 30% वेतन रोककर रखना शोषण का अतिरेक है। कृपया तुरंत संज्ञान लें। आखिर रेलें ��ोको पायलट ही चलाते हैं। @rashtrapatibhvn @RailMinIndia @cji @MSJEGOI
रेल लोको पायलट क्रू को प्रति ड्यूटी अधिकतम एक रनिंग रूम के बाद 36 घंटे में मुख्यालय लाकर 16 घंटे रेस्ट सुनिश्चित कीजिए। सप्ताहांत फिक्स 7 वें दिन कॉन्सिक्यूटिव विश्राम 16 + 30 =46 घंटे दीजिए। अन्यथा दुर्घटनाओं पर लगाम नहीं लग सकती। मानव हैं,मशीन नहीं।
इंडिगो संकट के लिए मुद्दा पर बड़े बड़े लोग खुलकर कानून की बात किए, जबकि लोको पायलट अपनी 19 वर्षों से लंबित जायज ग्रीवांस को हल करने के लिए 2 से 4 दिसंबर को 48 घंटे भूखे रहकर गाड़ियों का गांधीवादी सत्याग्रह से संचालन किए तो किसी ने सपोर्ट नहीं किया।
क्या लोको पायलट मानव नहीं @cji
लोको पायलट क्रू की खराब हालत और ओवर बर्डन पर आप लोगों की कृपा हो तो इंडिगो से बड़े ��ने वाले रेल संकट से पहले ही ग्रीवांस हल कराने में मदद करें और पूर्ण वेकेंसी भरवाकर बेरोजगार नौजवानों को राहत दिलाएं।
@electronicmedia @
लोको पायलट का ड्यूटी चार्ट। परंतु इस तरह न तो ड्यूटी ली जा रही है और न ही रेस्ट और पीरियॉडिक रेस्ट दिया जा रहा है। sos यानी शॉर्टेज ऑफ स्टाफ के नाम पर 2018 से 7 साल बाद भी पूरी वेकेंसी नहीं भरना रेल की गलती है जिसके कारण लोको पायलट अत्यधिक अंडर रैस्ट काम कर रहे हैं। @cji@MSJEGOI
#लोकोपायलेट_के_साथ_अन्याय
तानाशाही सरकार द्वारा करवाई जा रही लोको पायलट की हत्या
15घण्टे लगातार ड्यूटी करवाई जा रही है रात और दिन
कही लोको पायलट को ट्रेन से उतार दिया जाता है जो ट्रेन चलाता है
उसके साथ प्रशासन द्वारा इतना बुरा बर्ताब
मानवता की हत्या
@RailMinIndia@PMOIndia