वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ अग्निहोत्री जी ने इतिहास और जाति को लेकर कहा कि भारत के इतिहास में OBC और SC-ST समुदायों से आने वाले कम से कम 100 बड़े राजा हुए हैं।
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “‘हज़ारों साल से रोटी नहीं मिली’ जैसे दावे करने वाले पहले इतिहास पढ़ें। जब ये लोग राजा थे तो पानी कहाँ से पीते थे? राजा थे लेकिन पानी नहीं पीते थे? ये कैसा मजाक है!”
अग्निहोत्री जी ने कहा कि ऐसे झूठे दावों और पूर्वाग्रहों से पहले इतिहास समझिए, पढ़िए-लिखिए और बुद्धि के दरवाजे खुले रखकर बात कीजिए।
एक साधारण महिला यह समझ चुकी है कि समाज में क्या गलत हो रहा है, क्यों हो रहा है और इसके पीछे कौन है?
लेकिन विडंबना देखिए कि यही बात नीति-निर्माताओं को समझ नहीं आ रही है।
हो सकता है हमारे भी दो सांसद पहुँच जाएँ कल को। 50 विधायक पहुँच जाएँ। और सवर्ण केवल संख्या नहीं है, एक विधायक दस को प्रोत्साहित करता है।
अगर बात नहीं सुनेंगे, तो हम आगे बढ़ेंगे। मुझे राजनीति का कोई शौक नहीं है, लेकिन जिनको करना है, वो करें। मेरा पूर्ण समर्थन रहेगा।
तो क्या यहाँ से एक नई पॉलिटिकल पार्टी का आगाज हो सकता है?
पॉसिबिलिटी बिल्कुल है, और होना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण से संबंधित एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है। अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय के अनुसार, केंद्र की भाजपा सरकार ने इस याचिका का विरोध किया है।
-अश्विनी उपाध्याय, अधिवक्ता, सुप्रीम कोर्ट
मैसेज यही है कि आप जहाँ पर भी हैं, सबसे पहले स्वयं को इनफॉर्म कीजिए। Just talk about it.
जितने बिंदु मैंने बोले, इन पे मंथन कीजिए। RHA आंदोलन के जितने पेज हैं, इंस्टाग्राम पे, ट्विटर पे, बहुत सारे पेज हैं, मैं कहता हूँ सबको फॉलो करें। सिर्फ मेरा ही पेज फॉलो मत करो। एकता में बल होता है।
Talk with data कि IIT में SC की जीरो Fee है और एक सवर्ण जो निर्धन है, बारह लाख उसको देना पड़ता है।
वो लोन लेगा। लोन में भी एक सवर्ण को लोन मिलने में नाकों चने चबाने पड़ जाते हैं क्योंकि वो गरीब है, collateral क्या देगा लोन का, ज़मीन है नहीं।
और दलित को तुरंत लोन मिल जाता है। मतलब हर रास्ते पे सरकार ने घेरा हुआ है!
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मुहम्मद कैफ और सैफ ने टापरी वाले से चाय की डिमांड करी |
पिछला हिसाब किताब या कुछ और कारणवश दुकानदार ने चाय देने से मना करा | 😡
तो दोनों मजहबी गुंडों ने ऑन कैमरा दुकान में पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी | 😡
हिंदुओं हम बेशक इस टपरी वाले की मदद करने नहीं पहुंच सकते पर इस वीडियो को योगी महाराज तक जरूर पहुंचा सकते हैं | @myogioffice
एक मजदूर ने कुछ गलत काम कर दिया तो मालिक ने डाँट दिया। मजदूर " डिलीट" था, इसलिए वह "नीले गमछे" वालों को पकड़ लाया। अब "नीले गमछे" वाले मालिक को धमका रहे हैं और उसकी दुकान बंद कराने की धमकी भी दे रहे हैं। और यह सब पुलिस के सामने हो रहा है।
क्या इसके बाद यह मालिक किसी"डिलीट" को मजदूरी पर रखेगा?
बेगूसराय: कांवड़ियों पर लाठी चलाने वाले पुलिसकर्मी को एसपी ने किया निलंबित
बिहार के बेगूसराय जिले के गढ़पुरा स्थित प्रसिद्ध बाबा हरिगिरि धाम में सावन की तीसरी सोमवारी पर जलाभिषेक के दौरान कांवड़ियों पर पुलिसकर्मी द्वारा लाठी और पाइप चलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो में गढ़पुरा थाना के पुअनि किशन कुमार कांवड़ियों के साथ अमर्यादित व्यवहार करते और लाठी-पाइप से कार्रवाई करते साफ नजर आ रहे हैं। मौके पर नारंगी वस्त्र पहने कांवड़ियों की बड़ी भीड़ और त्योहार का माहौल दिख रहा है।
वीडियो वायरल होते ही बेगूसराय एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुअनि किशन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद उन्हें मुख्यालय पुलिस केंद्र, बेगूसराय भेज दिया गया है। घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए SDPO बखरी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ये तालिबान या ISIS की क्रूरता नहीं है, बल्कि ये सब बिहार में हुआ।
संतोष सिंह जी ने अंबेडकर को लेकर कोई टिप्पणी कर दी। जिसके बाद उन्हें बेरहमी से मारा। अर्धनग्न कर घुमाया।
ये उत्पीड़न अत्याचार बर्बरता और अन्याय नहीं तो क्या है? इस पर सब मौन क्यों है? मामला बिहार के सीवान का।