हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में चल रहे छात्र आंदोलन पर नेशनल मीडिया आँख मूँदकर बैठा हुआ है.
पर पिछले 15 दिनों से छात्र ज़बरदस्त संघर्ष कर रहे.
आंदोलन की कुछ झलकियां
@mandeeppunia1 ये देखिए हॉस्टल वार्डन किसी डकैत की तरह बच्चियों के मोबाइल फोन पर झपटे मार रही है ।
क्या HAU का VC सरकार से बड़ा हो गया है ? जो सरकार की भी नहीं सुन रहा !
रोजाना तानाशाही के नए साक्ष्य आ रहे है ccshau hisar से 😢
हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने छात्र आंदोलन को क्रश करने के लिए छात्रों का खाना पीना पढ़ना और रहना किया बंद!
हॉस्टल और मेस बंद करने के साथ साथ लाइब्रेरी तक बंद करने का लिया फैसला.
पिछले लंबे समय से छात्र धरने पर बैठे हैं. प्रशासन उनकी बात सुनने की बजाय क्रूरता पर उतारू है.
पहले छात्रों के सर फोड़ दिए थे और अब मेस बंद कर उनको भूखा रखना चाह रहे. हॉस्टल बंद कर रहे ताकि लड़कियों को उनके माँ बाप घर ले जाएँ.
छात्रों की समस्याएं सुलझाने की बजाय यूनि प्रशासन ने उनके भोजन तक पर हमला करना चुना है. कोई वीसी को बताओ, खाना तो जेल भी दिया जाता है. हद है नीचता की. क्रूरता की.
@ChouhanShivraj एक माँ ने फोन पर कहा:
"बेटा, पढ़ने भेजा है, लड़ने नहीं। सिर पर पट्टी क्यों बंधी है?"
हमारे पास कोई जवाब नहीं था।
क्योंकि जो ज़ख्म हमें मिले, वो सिर्फ शरीर पर नहीं, आत्मा पर थे।
हमें इंसाफ चाहिए — अब।
@AgriGoI@PMOIndia@icarindia#JusticeForHAUstudents
Attempt to murder me (CHAKSHU, 2021A32BIV, ICAR admission) and my junior of 1st yr (DEEPANSHU KADYAN, 2021ABM04BIV) by CCSHAU AP Dr. Radhey Shyam, Sociology (COA, Bawal.
During a peaceful protest yesterday around 22:15 in HAU, Hisar.
@icarindia@DGPHaryana@Dattatreya@cmohry
हिसार स्थित हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) में छात्रवृत्ति कटौती के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर रात के अंधेरे में लाठीचार्ज करना न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि प्रजातंत्र पर सीधा प्रहार है।
यह छात्र सरकार से कुछ नया नहीं मांग रहे हैं, सिर्फ वही सहायता वापस चाहते हैं जो पहले दी जा रही थी। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि, सरकार और प्रशासन आज इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि संवाद की जगह लाठियों से प्रहार कर रहे हैं।
प्रजातंत्र में सरकार लाठियों और गोलियों से नहीं बल्कि जनभावना, संवाद और संवेदनशीलता के आधार पर चलती हैं।@RahulGandhi@HariprasadBK2@BhupinderShooda@UdaiBhan@DeependerSHooda
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU हिसार) में छात्रवृत्ति में कटौती के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे छात्रों पर रात 10 बजे लाठीचार्ज करवाया जाना सरकार की दमनकारी मानसिकता और युवा विरोधी रवैये का जीवंत प्रमाण है।
छात्र अपनी पीड़ा और न्यायोचित मांगों को लेकर खुले मंच पर बैठे थे, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन और हरियाणा सरकार ने संवाद के बजाय लाठियों का सहारा लिया। कुलपति से मिलने की बजाय छात्रों को डराया गया, पीटा गया — क्या यही अमृत काल में युवा भारत की तस्वीर है?
छात्रवृत्ति जैसी मूलभूत सुविधा में कटौती कर सरकार ने पहले से ही आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों की रीढ़ तोड़ दी, और अब जब वे अपने अधिकार की आवाज़ उठा रहे हैं, तो उन पर लाठीचार्ज कराकर लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंटा जा रहा है।
हम मांग करते हैं कि दोषी अधिकारियों पर तुरंत सख्त कार्रवाई हो, छात्रों से माफी मांगी जाए और छात्रवृत्ति की पुरानी व्यवस्था तुरंत बहाल की जाए। अन्यथा, युवा अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे — और इस बार उनकी आवाज़ को कोई लाठी नहीं रोक पाएगी।
@RahulGandhi@BhupinderShooda@DeependerSHooda@INCHaryana@nsuiharyana_@Haryana_YC
#hisar #HAU