#GodMorningThursday
हम सुल्तानी नानक तारे,दादू को उपदेश दिया। जात जुलाहा भेद न पाया,काशी माहे कबीर हुआ।
सरलार्थ:-गरीब दास महाराज जी ने अपनी वाणी में कहा है कि परमेश्वर कबीर साहेब जी संत गरीबदास जी को 1727 में सतलोक से आकर मिले।अपना तत्बज्ञान बताया,नाम दिया तथा सतलोक दर्शन करवाया।
पूर्ण गुरु की पहचान
पूर्ण गुरु तीन प्रकार के मंत्रों (नाम) को तीन बार में उपदेश करेगा जिसका वर्णन कबीर सागर ग्रंथ पृष्ठ नं. 265 बोध सागर में मिलता है व गीता जी के अध्याय नं. 17 श्लोक 23 व सामवेद संख्या नं. 822 में मिलता है।#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज#SatGuru#Guru#गुरु
"नौ मन सूत उलझिया, ऋषि रहे झख मार।"
हजारों सालों से वेदों के जिस ज्ञान में ऋषि-मुनि उलझे थे, उसे आज दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया गया है! #पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज इस सदी के एकमात्र तत्वदर्शी संत हैं, जो अज्ञान का अंधकार मिटा रहे हैं। सत्य को जानें Sant Rampal Ji Maharaj
#GodMorningWednesday
कबीर, दण्डवत् गोविन्द गुरू, बन्दू अविजन सोय।
पहले भये प्रणाम तिन, नमो जो आगे होय।।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
Sant Rampal Ji Maharaj
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"Sant Rampal Ji Maharaj"
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
सतगुरू के बिना खालिक (परमात्मा) का विचार यानि यथार्थ ज्ञान नहीं मिलता।
जिस कारण से संसार के व्यक्ति चौरासी लाख प्रकार के प्राणियों के शरीरों को प्राप्त करते हैं क्योंकि वे सार नाम, मूल ज्ञान को नहीं पहचानते।
~ Sant Rampal Ji Maharaj
#GodMorningThursday
कबीर,सतगुरु के दरबार मे, जाइयो बारम्बार
भूली वस्तु लखा देवे, है सतगुरु दातार।
हमे सच्चे गुरु की शरण मे आकर बार बार उनके दर्शनार्थ जाना चाहिए और ज्ञान सुनना चाहिए।
Sant Rampal Ji Maharaj
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
पूर्ण सन्त उसी व्यक्ति को शिष्य बनाता है जो सदाचारी रहे। अभक्ष्य पदार्थों का सेवन व नशीली वस्तुओं का सेवन न करने का आश्वासन देता है। पूर्ण सन्त उसी से दान ग्रहण करता है जो उसका शिष्य बन जाता है फिर गुरू देव से दीक्षा प्राप्त करके फिर
क्या प्रारब्ध के कर्म और अकाल मौत कट सकते हैं? गुरु पूर्णिमा का सबसे बड़ा सत्य! "सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय।" आज वह सर्वशक्तिमान तत्वदर्शी संत #पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज के रूप में हमारे बीच है। जिनकी शरण में सूली की सजा कांटे में टलती है।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
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यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात् सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा बताएगा।
वर्तमान में धरती पर पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज जी हैं।
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#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
कबीर, सतगुरु शरण में आने से, आई टले बलाय।
जै मस्तिक में सूली हो वह कांटे में टल जाय।।
सतगुरु अथार्त् तत्वदर्शी संत से उपदेश लेकर मर्यादा में रहकर भक्ति करने से प्रारब्ध कर्म के पाप अनुसार यदि भाग्य में सजाए मौत हो तो वह पाप कर्म हल्का होकर
सामने आएगा।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
गुरु के समान कोई तीर्थ नहीं
श्री नानक देव जी ने श्री गुरु ग्रन्थ साहेब जी के पृष्ठ 437 पर कहा है:-
नानक गुरु समानि तीरथु नहीं कोई साचे गुरु गोपाल।
Sant Rampal Ji Maharaj
#सत_भक्ति_संदेश
पितर पूजा निषेध
किसी प्रकार की पितर पूजा, श्राद्ध निकालना आदि कुछ नहीं करना है। भगवान श्री कृष्ण जी ने भी इन पितरों की व भूतों की पूजा करने से साफ मना किया है।
प्रमाण गीता जी अध्याय नं. 9 के श्लोक नं. 25
अवश्य देखें साधना चैनल शाम07:30 बजे
#GodMorningTuesday
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
कबीर जी कहते हैं: सतगुरु की शरण में रहकर मर्यादा अनुसार भक्ति करने से बड़े से बड़ा प्रारब्ध कष्ट भी परमात्मा की कृपा से कम होकर छोटे कष्ट में बदल सकता है।
Sant Rampal Ji Maharaj
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
सतगुरु
सिद्ध तारै पिंड आपना, साधु तारै खंड। उसको सतगुरु जानियो, जो तार देवै ब्रह्मांड ।।
साधक अपना ही कल्याण कर सकता है। परमात्मा से परिचित जो संत हुए हैं वो कुछ डिवीजन, खंड को ही लाभ दे सकते हैं। और सतगुरु उसको जानना जो पूरे विश्व का कल्याण कर दे।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज
यजुर्वेद अध्याय 19 मंत्र 25, 26 में लिखा है कि जो वेदों के अधूरे वाक्यों अर्थात् सांकेतिक शब्दों व एक चौथाई श्लोकों को पूरा करके विस्तार से बताएगा व तीन समय की पूजा बताएगा।
आज पूरे विश्व में पूर्ण संत Sant Rampal Ji Maharaj जी है।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज🪕जो पूर्ण सतगुरु होगा उसमें चार मुख्य गुण होते हैं:-
गुरू के लक्षण चार बखाना, प्रथम वेद शास्त्र को ज्ञाना (ज्ञाता)।
दूजे हरि भक्ति मन कर्म बानी, तीसरे समदृष्टि कर जानी।
चौथे वेद विधि सब कर्मा, यह चार गुरु गुण जानो मर्म
Sant Rampal Ji Maharaj