इसको कहते हैं उड़ता तीर लेना
@JmmJharkhand के @MithileshJMM ने
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़े ही तेवर के साथ घोषणा की थी, अगर ऐसे लोगों यानि कोचिंग माफिया के साथ हमारी कोई तस्वीर दिखा दे, तो हम राजनीति से इस्तीफा दे देंगे। खुद मिथलेश ठाकुर जिसकी तस्वीर दिखाकर वे दूसरों पर सवाल उठा रहे थे, वही कुणाल सिंह मुस्कुराते हुए खुद उनके ही बगल में खड़े दिखे।
अब चर्चा है कि अगर एक तस्वीर पर राजनीति से संन्यास और इस्तीफे की बात तय थी, तो इतनी सारी तस्वीरों के सामने आने के बाद क्या मिथलेश ठाकुर अकेले इस्तीफा देंगे या?
अब तो बयान देने वाले @MithileshJMM के पास चुप्पी ही एक सहारा बचती है।
@INCJharkhand_@DipikaPS@Rabindranathji@purnimaasingh@BhoktaSatyanand@RajeshThakurINC@JPSCreformanch
FIRs again!
After cheating students in negotiations, the JMM-Congress government is registering FIRs against them: simply for raising slogans, and wanting to burn effigies of CM Soren and Rahul Gandhi.
First, JMM party workers initiated physical altercations, and then the police booked everyone involved.
All the faces from the protest have been booked, namely:
Ravindra Paswan
Piyush Kumar
Kunal ji
Chandi Tiwari
15 named and many unnamed students are there.
Watch this for updates.
लगता है संविधान के Article 19(1)(a) और 19(1)(b) के अधिकार ही अब सवालों के घेरे में हैं!
हेमंत सोरेन जी को प्रदर्शनकारियों का विरोध बुरा लगा, यह समझ में आता है। लेकिन सवाल पुलिस से है, जब प्रदर्शनकारी निहत्थे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे, तो उन्हें विरोध प्रदर्शन से रोकने का आधार क्या था?
क्या शांतिपूर्ण विरोध की आवाज अब इतनी असहनीय हो गई है?
#Article19 #Constitution #HemantSoren #Jharkhand #Protest #Democracy
ये पियूष सिंह जी है @JPSCreformanch के छात्र नेता है इनका बयान सुनिए यह साफ-साफ कह रहे हैं की कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष सिंह, और छात्र नेता रविंद्र पासवान, एक ही समय एक ही तारिक को यह तीनों रांची और हजारीबाग दोनों जगह के कार्यक्रम पर कैसे हो सकते है..
रांची और हजारीबाग पुलिस यह साफ करें की यह तीनों फरिश्ता है या आप लोग फरिश्ता है। यदि गलती इन तीनों ने की है तो जरूर सजा दीजिये और नहीं की है तो रांची और हजारीबाग के CO को झूठा FIR दर्ज़ करने की क्या सजा मिलेगी..
किसी को भी यह विश्वास नहीं हो पा रहा है की एक आदमी एक समय-तारिक पर दो अलग अलग जगह जो की 100km के दुरी पर है उपस्थित कैसे रह सकता है।
@BJP4Jharkhand@yourBabulal@amarbauri@kunalpratap86@khurpenchh@YogendraaPratap@JharkhandPolice@ShahiPratap@irahulawasthi@pratulshahdeo@prakashpoddarjh
ये न्याय की प्रक्रिया है या पीड़ित को और परेशान करने का तरीका? 😡
अगर एक बच्ची को थाने में घंटों बैठना पड़े और मेडिकल के लिए जगह-जगह भटकना पड़े, तो जिम्मेदार अधिकारियों से सवाल पूछना लाज़मी है।
बच्ची को संवेदनशीलता चाहिए, टालमटोल नहीं।
न्याय चाहिए, खानापूर्ति नहीं।
प्रशासन पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब दे और कानून के मुताबिक तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे।
मामला किसी बच्ची की जिंदगी और सम्मान का है- इसे राजनीतिक या प्रशासनिक लापरवाही की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता। ✊
#Jharkhand #Ranchi #Justice #JPSC #JSSC
ये आवाज आपके कानों तक भी जरूर पहुँच रही होगी मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी,
हम तो आपको तब से आगाह करते आ रहे थे जब आपने अनुराग गुप्ता जैसे बेईमान, बदनाम और दागी आदमी को एकदम ही ग़ैर क़ानूनी तरीके से डीजीपी बनाने की तैयारी शुरू की थी। लेकिन आपने मेरी नहीं सुनी और ऐसे दागी आदमी को न सिर्फ ACB और CID जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील जगहों तैनात कर लूट मचवाये एवं ग़ैर क़ानूनी सारे काम करवाये बल्कि उसे डीजीपी बनाकर झारखंड पुलिस की विश्वसनीयता को ही समाप्त कर दिया।
हम फिर आपसे कह रहे हैं कि मेरी न सही इन छात्रों और झारखंड के आमलोगों की सुनिये। अनुराग गुप्ता द्वारा JSSC जांच में बरती गई अनियमितताओं एवं भयादोहन पर कड़ी कार्रवाई कीजिये। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजिए। ताकि पुलिस पर आमलोगों का भरोसा फिर से कायम हो सके साथ ही दूसरे बेईमान अफसरों में भी डर पैदा हो।
#Jharkhand #JPSC #JSSC #StudentProstestsJharkhand
@BJP4India@narendramodi@AmitShah@NitinNabin@blsanthosh@BJP4Jharkhand@ANI@PTI_News@ians_india
शानदार, जबरदस्त, जिंदाबाद
ये होसी है पत्रकारिता, ऑखो में आंख डालकर, शेोर की तरह दहाड़,
जब अन्याय के खिलाफ कलम तलवार बन जाय।
भारत मित्र को बहुत बहुत धन्यवाद। आप एक निर्दोष बच्ची के लिए
खड़े हुए हैं
JSSC-CGL समेत TDPL से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद छात्र आंदोलन के प्रवक्ता रविंद्र पासवान ने सरकार से बड़ा सवाल उठाया है—परीक्षाएं रद्द करने का आधार क्या है?
रविंद्र पासवान ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या CID की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षाएं रद्द की गई हैं? उनका कहना है कि फैसले का आधार स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि भविष्य में नियुक्त अभ्यर्थियों की ओर से कोर्ट में फैसले को चुनौती दिए जाने की स्थिति में सरकार अपना पक्ष मजबूती से रख सके।
#jssc #jssccgl #jssccglexam #ravindrapaswan #jharkhandstudentmovement #studentprotest #jharkhand #ranchi
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, ये हवा जब आपके पास जाती होगी, तो हम युवाओं का हाल तो बताती होगी... न हम लड़ाई कर रहे हैं, न गालियां दे रहे हैं, बस अपने हक की मांग कर रहे हैं। आप राज्य के राजा हैं, युवाओं के भविष्य का सौदा मत कीजिए।
झारखंड के युवाओं के अब तक के आंदोलन, सरकार से वार्ता और 10 अगस्त को विधानसभा मार्च पर Exams Fighters के कुणाल प्रताप सिंह को सुनिए।
JSSC CGL को लेकर जो चिंतित हैं, वो जरूर देखें।
@kunalpratap86