इंसान कहूं या खान कहूं,
तुझे भारत का सम्मान कहूं.......
शिक्षा की जो आपने अलख जगाई,
जी करता है मैं आपको भगवान् कहूं..!!
:- खान सर के सम्मान में एक शिक्षक की लाइनें
Maths मेरे नाम में विषय नहीं, सोचने का तरीका,तर्क और विश्लेषण भी है। है।
जहाँ आँकड़े होंगे, वहाँ Maths होगी।
चाहे EXAM का Paper हो या देश की अर्थव्यवस्था।
लोग कहते हैं मेरे tweet Maths के syllabus से बाहर है।
मैं कहता हूँ बेरोज़गारी, GDP, बजट, महंगाई, टैक्स, शेयर बाज़ार - सब Numbers की भाषा हैं।
Maths सिर्फ़ HCF-LCM तक सीमित नहीं है।
देश की अर्थव्यवस्था से लेकर शेयर बाज़ार तक, पूरी दुनिया Numbers पर चलती है।
इसलिए Abhinay Maths नाम है, Abhinay Chapter-7 Exercise-3 नहीं।
MATHS = Mindset, Analysis, Truth, Humanity & Statistics
MATHS = Mindset And Thinking Handling Society
इसलिए सवाल चाहे परीक्षा का हो, अर्थव्यवस्था का हो या समाज का - चर्चा जारी रहेगी।
मुझे लग रहा है मीडिया ने गलत बंदा छेड़ दिया है,
अगर ये लड़ाई थोड़े दिन और चली तो, मीडिया में बहुत जल्द ही बदलाव देखने को मिलेगा।
अब गर्दा उड़ेगा भइया.....
आपको अंकित अवस्थी को पूरा सुनना पड़ेगा
आईआईटीयन, गोल्ड मेडलिस्ट और राजस्थान प्रशासनिक सेवा की नौकरी छोड़ने के बाद वे यूट्यूबर बने हैं।https://t.co/bmbgmPv9yT
Listen Vijender Chauhan...
Why did a mainstream journalist feel the need to attack the country's teachers in such offensive language?
One can understand his resentment toward independent journalists like Ravish Kumar or Ajit Anjum,
Because in the face of declining public credibility, such frustration mar seem natural.
But why this grudge against online teachers?
अंजना के ताजा ट्वीट पर सुमन मैम ने फिर से रेल दिया 🔥
ये अंजना है जो फिर से स्कूल जा रही है 🔥
अंजना: सेलिब्रिटी YouTube टीचर पेड वीडियो बना रहे हैं और स्टूडेंट्स के पेरेंट्स को लूट रहे हैं।
सुमन मैम 🎯: कौन पैसे देता है? क्या मेरा मार्कर किराए पर है? क्या मेरा माइक किराए पर है? क्या मेरा कैमरा किराए पर है?
अंजना: ये घटिया YouTuber टीचर स्टूडेंट्स की मेहनत पर दुकानें चलाते हैं।
सुमन मैम: हमने उन बच्चों के लिए पढ़ाई आसान कर दी जो शहरों में नहीं आ सकते थे। आप इसे धंधा कहते हैं?
अंजना: वे कोचिंग माफिया हैं।
सुमन मैम 🔥: अगर आपने अपनी जर्नलिज़्म ठीक से की होती, तो टीचर्स को ये वीडियो बनाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। हमारा असली स्टारडम तब होता है जब कोई गरीब गाँव का स्टूडेंट सेलेक्ट हो जाता है और उसका परिवार मुस्कुराता है।
तू भोर का पहला तारा है परिवर्तन का एक नारा है
ये अंधकार कुछ पल का है फिर सब कुछ तुम्हारा है
विवेक सर क्रांतिकारी है और एक क्रांतिकारी को।दबाना मतलब 100 क्रांतिकारी को और पैदा करने के बराबर होता है,
पूरा छात्र और पूरे अध्यापक विवेक सर के साथ है
अब एक और टीचर... काजल सिहाग मैम ने बहुत शानदार तरीक़े से जवाब दिया है। क़ायदे से सबक मिला है आज अंजना जी को...
#TeacherVsGodiMedia के इस मुद्दे पर आप किसकी तरफ़ से हैं ये आप तय कीजिये। https://t.co/EubXLQdsXr
अंजना ओम कश्यप जी आपको ऐसे शिक्षकों से शिकायत हैं जो एक सरकारी स्कूल की लाइब्रेरी को बच्चों की रिक्वेस्ट पर डिजिटल बना रहे हैं और बच्चों को मुफ्त में शिक्षा और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के लिए तैयार कर रहे हैं।
और आपको लगता है ये यूट्यूब वाले स्टार टीचर 2 कौड़ी का ज्ञान देते हैं, व्यूज बटोरने का काम करते हैं। @anjanaomkashyap
आप ही बताएं अपनी सैलरी के बेस पर कितने बच्चों की फीस दी है आपने आजतक?
शिक्षा में कितने बच्चों की मदद है?