#NoTETbeforeRTEact
कुछ लोग टीईटी प्रकरण के जजमेंट को शिक्षामित्रों के जजमेंट से तुलना करते हैं तो उनको समझना चाहिए कि
"शिक्षामित्र साथियों का मामला और सेवारत शिक्षकों का मामला समान नहीं है। वहाँ प्रश्न तत्कालीन सरकार द्वारा दी गई स्पेशल नियुक्ति/भर्ती की वैधानिकता का था, यहाँ प्रश्न वर्षों से तत्कालीन नियुक्ति प्रक्रिया सेवा शर्तों को पूरा करते हुए वैध रूप से सेवा दे रहे शिक्षकों पर नई शर्तें थोपने का है।
मानता हूँ अनुभव पात्रता का विकल्प नहीं हो सकता, लेकिन वैध नियुक्ति के बाद किसी नए नियम को ले आना, प्राकृतिक न्याय के ख़िलाफ़ है।"
- विपिन उपाध्याय
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#NoTETbeforeRTEact
*IAS, IPS, IFS ,IRS,IES की exam यूपीएससी के माध्यम से भारत में आयोजित होती है। तो IMS (Indian Medical Services) के साथ-साथ IJS (Indian Judiciary Services) या IAS(J) की परीक्षा भी होनी चाहिए। जिससे सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ एक समान न्याय भी मिलें। और जो पूर्व से नियुक्त अधिकारीगण/ न्यायधीश इन परीक्षाओं को पास किए बिना नियुक्त हैं। उन्हें भी 2 वर्ष के भीतर इस परीक्षाओं को पास करना चाहिए। अन्यथा उन्हें भी शिक्षकों की भाँति अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी क्या?
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