अधिवक्ता, स्वतंत्र पत्रकार व स्तंभकार🙏
किसी की भावनाओं को चोट पहुंचाना मेरा उद्देश्य नहीं है, इंसान बनकर इंसानियत की रक्षा करना मेरा धर्म है।
जय हिन्द जय भारत
"टीकाकरण तेज करने से तीसरी लहर से बचाव" शीर्षक से "दैनिक जागरण" समाचारपत्र में प्रकाशित मेरा आलेख, आलेख को प्रकाशित करने के लिए "दैनिक जागरण" के समस्त प्रबंधन व बड़े भाई श्री राजीव सचान जी का तहेदिल से बहुत-बहुत आभार एवं धन्यवाद।।
@RajeevKSachan@JagranNews#कोरोना#COVID19
वाहन मालिक तथा ड्राइविंग लाइसेंस-धारक ध्यान दें! अपने वाहन एवं ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित सेवाओं के लिए केवल सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध वेबसाइट अथवा लिंक से सावधान रहें। अधिक जानकारी के लिए https://t.co/h843TZOqa1 पर जाएं #Parivahan #DigitalIndia #TransportServices
श्री हनुमान जी महाराज जी की प्रातः कालीन शुभ मंगला श्रृंगार आरती दर्शन।
श्री हनुमानगढ़ी अयोध्याधाम।
दिनांक~ 21/06/2026 दिन रविवार
जय श्री राम -- जय बजरंगबली 🚩
99% लोग सुबह की धूप के असली फायदे नहीं जानते🌞
सिर्फ 15–20 मिनट की morning sunlight:
✅ Vitamin D बढ़ाए
✅ Mood बेहतर करे
✅ Sleep improve करे
✅ Immunity मजबूत बनाए
अगर आप सुबह धूप नहीं लेते, तो आप एक natural medicine miss कर रहे हैं।
Save करें और अपने परिवार के साथ share करें
गृह मंत्रालय के NCRB द्वारा निर्मित CrPI ऐप से फेस, आईरिस और DNA मैचिंग एक ही यूनिफाइड प्लेटफॉर्म पर आ पाएँगे और बायोमेट्रिक डेटाबेस की सारी जानकारी तक चंद सेकंड में पहुँच संभव होगी। यह अरेस्टेड और कन्विक्टेड व्यक्तियों के बायोलॉजिकल मेजरमेंट्स का रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ वीडियो एनालिटिक्स से इंटर-स्टेट क्राइम्स में कार्रवाई तेज करेगा। देशभर में 2,600 से अधिक एनरोलमेंट यूनिट्स के साथ सभी पुलिस स्टेशनों तक पहुँच रहा यह ऐप स्मार्ट पुलिसिंग के नए दौर की शुरुआत है।
गलत e-Challan आया है? घबराएं नहीं।
कभी-कभी तकनीकी या मानवीय त्रुटि के कारण गलत e-Challan जारी हो जाता है। यदि आपको लगता है कि e-Challan गलत है, तो संबंधित यातायात पुलिस कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं।
शिकायत/सुझाव हेतु:[email protected]
यातायात नियमों का पालन करें,सुरक्षित रहे
सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसले में चलने के अधिकार को संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार घोषित किया है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस एएस चंदुरकर की पीठ ने स्पष्ट किया कि फुटपाथों पर पैदल चलने वालों का हक, सड़कों पर मोटर वाहनों की आवाजाही से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, यह अधिकार संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) (देश में कहीं भी स्वतंत्र रूप से घूमने की आजादी) और अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) के तहत पूरी तरह संरक्षित है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि यदि सड़क मौजूद है, तो यह सुनिश्चित करना एक कर्तव्य होना चाहिए कि पैदल चलने वालों के लिए एक फुटपाथ सीमांकित हो और उसका रखरखाव किया जाए। यह एक लागू करने योग्य प्रवर्तनीय कर्तव्य है।
यह फैसला एक मोटर दुर्घटना मुआवजे के मामले से जुड़ा है, जिसमें एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। उसके पिता उसे सुबह 9 बजे स्कूल ले जा रहे थे, तभी पीछे से एक टैंकर लॉरी ने बच्चे को टक्कर मार दी, जिससे उसकी कमर और शरीर का निचला हिस्सा कुचल गया। गंभीर चोटों के कारण बच्चे की मौत हो गई। उस स्थान पर कोई फुटपाथ या पैदल यात्री क्रॉसिंग नहीं थी।
सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे के पिता को देय मुआवजे को बढ़ाकर 11,44,628 रुपये कर दिया और इसे दो महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, अदालत ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को रद कर दिया जिसने मूल रूप से दिए गए मुआवजे की राशि को कम कर दिया था।
पीठ ने कहा कि सीमांकित फुटपाथों पर चलने के अधिकार का उल्लंघन होने पर नागरिकों को मुआवजा और बहाली (रेस्टिट्यूशन) पाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ संवैधानिक और कानूनी उपायों का इस्तेमाल करने का अधिकार होगा। यह उपाय मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत उपलब्ध उपायों से स्वतंत्र (अलग) है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों के इस मौलिक अधिकार का हनन होता है, वे हर्जाने के लिए अधिकारियों पर कानूनी दावा ठोक सकते हैं और यह रास्ता मोटर वाहन अधिनियम के तहत दावों से पूरी तरह अलग है।
अदालत ने यह भी कहा कि सुरक्षित और आरामदायक फुटपाथों की कमी और मोटर वाहनों को उनसे ज्यादा अहमियत देना एक पुरानी समस्या बन चुकी है। पीठ ने इस बात पर ध्यान दिलाया कि भारतीय शहरों और कस्बों की प्लानिंग अक्सर वाहनों को ध्यान में रखकर की गई है, जिससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
अदालत ने शहरी विकास के मोटर चालित परिवहन के पक्ष में झुकने पर टिप्पणी करते हुए कहा कि पहिए के आविष्कार से बहुत पहले से मनुष्य पैदल चलता आ रहा है। अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत आवाजाही का प्राथमिक अधिकार पैदल चलने का अधिकार ही है। यह अधिकार वाहनों के उपयोग से पहले आता है और इसमें सुरक्षित तथा सीमांकित फुटपाथों तक पहुंच अनिवार्य रूप से शामिल होनी चाहिए।
#SupremeCourt #Walk #Footpath #DainikJagran
दिन की शुरुआत जैसी, सेहत की दिशा वैसी!
☀️सुबह की ये छोटी-छोटी आदतें पूरे दिन की ऊर्जा और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए, सुबह की शुरुआत ऐसी आदतों के साथ करें जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हों।
Healthy Morning | Morning Habits | Healthy Lifestyle
#MorningHabits #HealthyLiving #NHMUP
salasarofficial 🌄🌸🙏 सालासर बालाजी की मंगला आरती के दिव्य दर्शन । आज 19 जून, 2026 शुक्रवार 🙏🌸
भोर की पावन बेला में Salasar Balaji Mandir, Salasar Dham, Rajasthan से श्री सालासर बालाजी महाराज की दिव्य Mangla Aarti Darshan 1
सुबह की पहली किरण के साथ जब बाबा की मंगला आरती होती है, तो पूरा मंदिर भक्ति, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा से भर उठता है। 🙏✨
कहते हैं - जिसने सच्चे मन से सालासर बालाजी को पुकारा, बाबा ने उसकी हर कठिनाई दूर कर उसकी नैया पार लगाई | 🚩
✨ प्रार्थना है कि श्री सालासर बालाजी महाराज आपके जीवन से सभी संकट दूर करें, सुख-शांति और समृद्धि प्रदान करें, और जल्द ही अपने पावन धाम में दर्शन का बुलावा दें।
👇अगर आप भी सच्चे हनुमान भक्त हैं तो कमेंट में लिखें - “जय श्री सालासर बालाजी 🚩🙏
और इस दिव्य मंगला आरती दर्शन को अपने परिवार और मित्रों के साथ जरूर शेयर करें।
#salasarbalaji #salasardham #hanumanbhakt #salasarofficial #hanumantemple 🙏🌸
भोर की पावन बेला में Salasar Balaji Mandir, Salasar Dham, Rajasthan से श्री सालासर बालाजी महाराज की दिव्य Mangla Aarti Darshan 1
सुबह की पहली किरण के साथ