पटना में छात्रों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किए जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज और आँसू गैस के गोले छोड़े जाना अत्यंत निंदनीय, अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य है।
20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज़ उठा रहे मासूम बच्चों और बच्चियों के साथ जिस प्रकार का बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया गया, उसके घाव अभी भरे भी नहीं थे कि अब पटना में छात्रों पर फिर से लाठियाँ बरसाई गईं और आँसू गैस के गोले छोड़े गए।
सरकार छात्रों की बात सुनने के बजाय उनकी आवाज़ को बल प्रयोग से दबाने की नीति पर चल रही है।
#संसद_मार्च #जंतर_मंत्र
बारिश की हर बूँद स्वीकार है, मगर मासूमों पर अन्याय स्वीकार नहीं, जिन्होंने अन्याय किया वो कितने ही ताकतवर क्यों ना हो, उनके पीछे कितनी बड़ी शक्ति क्यों ना हो, लेकिन जवाब देना ही होगा।
महापुरुषों के विचार ही मेरे संघर्ष की ताक़त हैं। जय भीम, जय भारत।
सोनम वांगचुक का हाल जानने पहुंचे भीम आर्मी चीफ चन्द्रशेखर रावण, कहा अगर कुछ कर नहीं सकते तो कुर्सी छोड़ क्यों नहीं देते धर्मेंद्र प्रधान।
अल्टीमेटम देते हुए कहा अगर सोनम वांगचुक जी को कुछ हुआ तो सरकार को भुगतना पड़ेगा, क्योंकि ये देश की धरोहर हैं।
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक जी से आज मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। साथ ही आंदोलनरत छात्र-छात्राओं से मिलकर उनका हौसला बढ़ाया तथा उनके लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति अपना समर्थन एवं एकजुटता व्यक्त की। आंदोलन में पहुँचे भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सभी साथियों का आभार।
रंगभेद, नस्लभेद व साम्राज्यवाद के खिलाफ आजीवन संघर्षरत रहे नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित भारत रत्न नेल्सन मंडेला जी की जयंती पर उन्हें शत शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
#NelsonMandelaDay
तीनों खबरें साफ बता रही हैं कि मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी के “निर्बाध बिजली आपूर्ति” वाले निर्देश हर साल की औपचारिकता बन चुके हैं, क्योंकि हर गर्मी में वही बिजली संकट, वही कटौती, वही ट्रिपिंग और वही प्रशासनिक दावे दोहराए जाते हैं।
थर्मल पावर इकाइयों का बंद होना, ट्रांसफॉर्मरों पर बढ़ता भार, कर्मचारियों की भारी कमी और कमजोर बिजली प्रबंधन ने पूरे संकट को और भयावह बना दिया है। जनता से भारी बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के नाम पर वसूली तो हो रही है, लेकिन बदले में अंधेरा और परेशानियां मिल रही हैं।
जब हालात हर साल वही हैं, तो इस बार के निर्देश भी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह जाएंगे।
और हाँ, अब बस मानसून आने दीजिए… फिर जलभराव रोकने और तैयारी के निर्देशों वाली खबरें भी आने लगेंगी, जबकि हर साल मुख्यमंत्री जी का अपना जिला गोरखपुर ही जलभराव और बदहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर बना रहता है।
विमानन क्षेत्र में क्रू सदस्यों हेतु 48 घंटे विश्राम नियम के समान अनुपालन तथा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित किए जाने के संबंध में माननीय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री @RamMNK जी को पत्र लिखा।
@mygovindia@MoCA_GoI
संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास महाराज जी की विचारधारा के प्रति अपना पुरा जीवन समर्पित करने वाले एवं मान्यवर साहेब कांशीराम जी के सहयोगी रहे, कौम के शहीद संत रामानंद महाराज जी के शहीदी दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि!
बीजेपी के “ट्रिपल इंजन” वालों विभिन्न नगर निगमों में सफाई व्यवस्था को निजी कंपनियों को सौंपने का निर्णय हजारों सफाई कर्मियों के रोजगार और अधिकारों पर सीधा प्रहार है। वर्षों से सेवा दे रहे इन कर्मियों को असुरक्षा और अनिश्चितता की स्थिति में धकेलना पूरी तरह अन्यायपूर्ण है।
आज सहारनपुर और कानपुर में हजारों सफाईकर्मी नगर की स्वच्छता व्यवस्था को संभाल रहे हैं, लेकिन प्रस्तावित नई व्यवस्था में आउटसोर्सिंग के माध्यम से शोषण को बढ़ावा मिलने की आशंका स्पष्ट है। यह कदम मेहनतकश वर्ग के हितों के खिलाफ है और उनके भविष्य को खतरे में डालता है।
हम @NagarVikas_UP से मांग करते हैं कि इस निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार किया जाए और सफाई कर्मियों के अधिकारों, रोजगार तथा सम्मान की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही कर्मचारियों के साथ संवाद कर एक न्यायपूर्ण और स्थायी समाधान निकाला जाए।
हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि हमारी सरकार आने पर संविदा व्यवस्था को समाप्त कर कर्मचारियों को नियमित किया जाएगा। विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों को स्थायी किया जाएगा और उन्हें न्यूनतम 25,000 रुपये वेतन सुनिश्चित किया जाएगा।
साथ ही मैनुअल सफाई को पूरी तरह समाप्त कर मशीन आधारित सफाई व्यवस्था लागू की जाएगी। सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, नियमित वेतन, दुर्घटना बीमा और कैशलेस इलाज की गारंटी दी जाएगी।
@UPGovt@aksharmaBharat@Smartsrenn@nagarnigamknp
मालवाहक वाहनों पर लगने वाला भारी टोल शुल्क आज ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ बन चुका है। डीजल, पेट्रोल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि ने ट्रांसपोर्टरों की कमर तोड़ दी है।
यदि सरकार ने समय रहते टोल शुल्क में छुट नहीं दी, तो माल भाड़े में वृद्धि अवश्यंभावी है। इसका सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ेगा और महंगाई और अधिक तेज़ी से बढ़ेगी, जिससे आम लोगों का जीवन और कठिन हो जाएगा।
इसलिए @MORTHIndia को चाहिए कि महंगाई पर नियंत्रण और परिवहन क्षेत्र को राहत देने के लिए मालवाहक वाहनों के टोल शुल्क में तत्काल छूट देने का ठोस और प्रभावी निर्णय ले।
@mygovindia@nitin_gadkari