बस आप 8th तक के स्कूल को 10th तक कर दीजिए।
बस IP gupta से माँग क्या रखा गया, इस बात को गौर करना चाहिए। उस हालत में भी लोगों के बच्चों की पढाई का ध्यान है। ** विचार व्यक्त करने के तरीके से मै असहमत हूँ
ये क्या हो रहा था सहरसा में इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के अध्यक्ष और महागठबंधन के उम्मीदवार आई पी गुप्ता के साथ. ऐसे कोई बात करता है क्या ? धक्का-मुक्की/मां-बहन, क्या बचा ? यह बात भी समझ में नहीं आई कि जेडीयू के मधेपुरा सांसद दिनेश चंद्र यादव ने क्या अपने लोगों से ऐसा कहा था ? इंजीनियर आई पी गुप्ता की बेबसी भी वीडियो में दिखेगी.
@sonofmallah 🚨🚨
भूल मत जाइयेगा।
NDA सरकार ही है न
इतने अच्छे से बिन बीमारी मालिश करने वाले।
अभी तो इस सरकार को मालिश की आवश्यकता है ।
तो कोई कसर नहीं छोड़ियेगा, भरपूर ईलाज करना है इस सरकार का, इस चुनाव में।
🎒🎒.
@GarimaBharti19@yash1524 यदि restaurant में बहन के जगह पर दोस्त होते, तो पुलिस अधिकारी के व्यवहार को उचित ठहराया जा सकता था?
अगर लड़की वहाँ अकेली होती, यही पुलिस अधिकारी क्या करते?
यहाँ तो बहन कहने पर भी इस तरह का व्यवहार मिला सम्मान में !
Hey @bihar_police
What are you doing!
क्या restaurant में एक जगह बैठना अपराध है?
अगर नहीं तो officer का language ऐसा क्यों?
Election hai to kya, ghr me bhi khana chhod de kya?
ये police vale apne aap ko smjh kya rhe hai?
इस अधिकारी पर लिया गया action dikhna chahiye.
बिहार पुलिस के लोग अपने आप को सर्वे सर्वा समझने लगते हैं । फ़ैमिली पे क्या गुज़र रही होगी रक्षक ही भक्षक बन बैठा है । बिहार में सरकार हो ना हो लॉ एंड ऑर्डर की समस्या चिंताजनक है।
@hitman2580rohit@Kanchanyadav000 घोटाला करने वाले कोई भी हो सकते हैं। देश में सबसे अधिक घोटाला तो पढ़े लिखे डिग्रीधारियों ने ही किया हैं, चाहे उस रूप मेंलालू प्रसाद को ही क्यों न समझें। एक भी अशिक्षित भगौड़े का नाम गिना दीजिए।सभी घोटाले में पढ़े लिखे अधिकारी ही प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहते हैं।
@AnilYadavmedia1 छठ ही एकमात्र पर्व है जिसे मनाने के लिए मैं अपने परिवार को भी कहता हूँ। इसमें प्रकृति की पूजा का प्रावधान है जो इसे अन्य सब से विशिष्ट बनाता है। ना ही मूर्ति पूजा और ना ही मंत्र- उच्चारण।
जाति का भी कोई बंधन नहीं। सभी एक साथ मनाते हैं।
@Profdilipmandal वोट देने के लिए केवल योजना का लाभ लेना किसी के लिए पर्याप्त हो सकता है पर सबके लिए नहीं।
किसी का वोट लेने लिए मुर्गा- भात ही पर्याप्त होता है ( वहाँ तो कोई पार्टी या नेता ये नहीं कहती की वोट का कीमत इतना सस्ता क्यों?)
और भी बहुत सारे मुद्दे होते हैं जो वोट का निर्णय करते हैं।
@BJP4Bihar 2005 विधान सभा चुनाव में गुंडाराज( वास्तविक मुद्दा) , 2010 चुनाव मेंगुंडाराज ( बिहार के साथ छल)
2015 चुनाव में गुंडाराज ( बिहारियों को धोख़ा)
2020 चुनाव में गुंडाराज ( बिहारियों को मुर्ख समझना)
2025 मे भी गुंडाराज का डर, परिणाम..
बिहारियों द्वारा 15 सालों का बदला वसूली
@shekhar_br02 दिल्ली में छठ पूजा पर सरकारी छुट्टी, दिल्ली रेलवे स्टेशन पर छठ गीत, सूप और नारियल का उपहार, छठ पर्व को लेकर बयान पर बयान, ये सब तो बिहार चुनाव को परिभाषित कर ही रहे है ।
एक ये भी हो जाएगा, कोई आश्चर्य नहीं है..
बाकी त चुनाव हैंये है
@Bihar_se_hai आस्था का पर्व छठ पर दिल्ली में सरकारी छुट्टी बिहार वासियों के लिए तो अत्यंत हर्ष की बात हैं।
इसी तरह प्रत्येक वर्ष छठ पर्व पर सरकारी छुट्टी रहना चाहिए।
होगा या नही कह नहीं सकते!
पर इस बार की छुट्टी तो बिहार विधानसभा चुनाव से प्रभावित प्रतीत होती हैं।
बाकी त सब है ही।
@BJP4Bihar मान भी ले कि पंद्रह साल तक जंगलराज था, तो आप उसे खत्म करने के लिए 20 साल लगा दिए! 🤔
इस हिसाब से तो बिहार में उद्योग 75 वर्षों से नहीं आया है तो आपको उद्योग लाने के लिए 75 वर्षों से भी अधिक समय चाहिए?
क्या बिहारियों के पास इतना समय है ?
बाकी तो फेंकने की सीमा नहीं होती
@Profdilipmandal भले हीBJPकी सरकार ना बन पायी हो,काँग्रेस की सरकार हट तो गयी थी न।यहाँ भी धार्मिक ध्रुविकरण में पार्टी को मदद मिला।दंगा के पश्चात BJP के फायदे और और नुकसान को जाँचना हैं तो BJP को बिहार विधान सभा में दंगे के पहले और उसके बाद प्राप्त वोट% से तुलना कर लीजिए।दूध का दूध,पानी का पानी
अपने निकम्मे पन का कारण बिहार की युवा को बनाकर अपना पल्ला नहीं झाड़िये।बीस साल से तो बिहार का युवा आपके साथ भी है और एकजुट भी है।
इसके बाद भी बिहार विकसित राज्य नहीं बन पाया है तो उसके जिम्मेदार धर्म और समुदाय के ठेकेदार है जो अपने नीजि हितों को पुरा करने में लगे हैl
@BJP4Bihar आयुष्मान भारत के तहत licence प्राप्त करने वाले अस्पतालों की सूची को उनके मालिक के नाम के साथ प्रकाशित कर, प्रत्येक अस्पताल में ईलाज कराये गए मरीजों की खर्च राशि के आँकड़े को प्रकाशित कीजिए।
असलियत तो पता चल ही जाएगा...
बांकी तो बिहार की हालत ट्रेन से आये बिहारियों को पता है ही
@bharatsuraj01 आजादी के 78 वर्षों बाद भी जाति के कारण न्याय नहीं मिल पाना देश के लिए दुर्भाग्य हैं। राजनेता वोट तो डरा -धमका कर भी ले लेते है।उसके बाद उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है। मीडिया तो सत्ता के संरक्षण में पल बढ़ ही रहा है।काजल की कहानी बाहर आ गयी परंतु न्याय मिलना अभी भी बाकी है।
@AmitShahOffice@AmitShah बेशक सिवान आदरणीय राजेंद्र प्रसाद बाबू की जन्म भूमि हैं।
वहाँ के देव तुल्य जनता के दुखों को कम करने के लिए आपके द्वारा ऐसा कौन-सा विशेष प्रयास किया गया जो राष्ट्रपति जी की जन्मभूमि होने के कारण किया गया हो?
कोई विशेष प्रयास है तो बताइए....
@Profdilipmandal दंगा विशेष कर हिंदुओं और मुसलमानों के बीच होने से सबसे अधिक लाभ तो बहुसंख्यक सांप्रदायिक पार्टी को ही होता है। यहाँ भागलपुर दंगो में भी स्पष्ट रूप से BJP को ही फायदा पहुँचा था।
बाकी तो समझा ही जा सकता है।
@BJP4Bihar@narendramodi नौजवान को पुराने बातों से कुछ मिलने वाला नहीं हैं। मैं तो कहता हूँ कि नौजवान जो बीस सालों से देख और महसूस कर रहे हैं, उसी को देखकर निर्णय करे। किसी का सुनकर निर्णय करने से अच्छा हैं कि खुद का भोगे हुए पर निर्णय कर ले।
बाकी तो इतिहास जो है सो है ही।
#BiharPolitics