आज चेन्नई स्थित TNCC कार्यालय 'सत्यमूर्ति भवन' का दौरा कर नवनियुक्त प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री माणिकम टैगोर से मुलाकात की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूर्व अध्यक्षों श्री के. सेल्वापेरुन्थागाई, श्री के.वी. थंगाबालू व श्री ई.वी.के.एस. एलेंगोवन की उपस्थिति में तमिलनाडु पीसीसी के सभी अग्रिम संगठनों, विभागों व प्रकोष्ठों की बैठक को संबोधित किया।
दक्षिण भारत हमेशा से कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा है। जब 1977 में उत्तर भारत में कांग्रेस हारी, तब दक्षिण ने इंदिरा गांधी जी का साथ देकर देश को संदेश दिया, जिससे 1980 में कांग्रेस ने उत्तर भारत में भी क्लीन स्वीप किया। आज दक्षिण के सभी राज्यों में कांग्रेस सरकारें हैं और तमिलनाडु में 60 साल बाद सरकार में भागीदारी से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है।
आज देश में लोकतंत्र खतरे में है और श्री राहुल गांधी इसे बचाने की लड़ाई का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसे हमें और मजबूत करना है।
अयोध्या राम मंदिर में हुए 'चंदा चोरी' के मामले से देश का हर नागरिक व गांव-गांव की जनता आक्रोशित है। जनता की आस्था के साथ हुआ यह खिलवाड़ 2029 में एनडीए (NDA) की करारी शिकस्त का कारण बनेगा।
@INCTamilNadu
राजस्थान में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री जी के अपने गृह क्षेत्र भरतपुर में महज 30 मिनट के भीतर दो व्यापारियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलना साफ दिखाता है कि भाजपा सरकार का इकबाल खत्म हो चुका है। अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और कानून का डर शून्य।
जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे छोड़, सरकार आंखें मूंद कर बैठी है। आखिर प्रदेश इस लापरवाही की कितनी बड़ी कीमत चुकाएगा?
@RajCMO@BhajanlalBjp
जिन्होंने प्रधानमंत्री श्री @narendramodi को गुमराह किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
लोकसभा में 1 अगस्त 2024 को केन्द्र सरकार ने लिखित में माना कि 15 जुलाई 2024 तक बाड़मेर रिफाइनरी का 80.8% काम पूरा हो चुका था। दिसंबर 2023 तक राजस्थान में कांग्रेस सरकार थी जिसके दौरान इतना काम हुआ था।
ढाई साल में बारिश में टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं कर पाने वाली राजस्थान की भाजपा सरकार ने क्या जादू करके 6 महीने में 80% रिफाइनरी बना दी?
केन्द्र सरकार ने तो मार्च 2025 में काम पूरा करने का संसद में वादा किया पर आज इसके सवा साल बाद काम पूरा हुआ यानी डबल इंजन में भी रफ्तार धीमी रही।
सच्चाई यह है कि कोविड जैसी भीषण महामारी, लॉकडाउन और लेबर की भारी किल्लत के बावजूद हमारी सरकार ने एक दिन भी काम रुकने नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने काम ठप का रहने का बयान देकर रात-दिन पसीना बहाने वाले हजारों श्रमिकों, इंजीनियरों और अधिकारियों की मेहनत का घोर अपमान किया है।
राजनीतिक श्रेय लेने की भूख में सरकारी मंचों को झूठ का अड्डा बनाना और देश के प्रधानमंत्री का इस तरह गुमराह कर उनसे गलत बयान दिलवाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हास्यास्पद है।
जनता सब देख रही है। @PMOIndia
यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी सरकारी कार्यक्रमों में भी भाजपा नेता बनकर ही व्यवहार करते हैं। आज प्रधानमंत्री जी ने रिफाइनरी के उद्घाटन पर कहा कि 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार के दौरान रिफाइनरी का काम ठप रहा और भाजपा के ढाई साल में पूरा काम हुआ। ऐसी बातें सुनने में हास्यास्पद लगती हैं।
प्रधानमंत्री जी, आपको रिफाइनरी के काम से जुड़े लोगों से पूछना चाहिए था। वे आपको बताते कि कांग्रेस सरकार में कोविड जैसी मुश्किल परिस्थिति में भी यहां काम नहीं रुका और रिफाइनरी का 85% काम 2018 से 2023 के बीच पूरा हुआ। भाजपा सरकार ने तो बजट में अगस्त 2025 तक काम पूरा करने की घोषणा की थी जो करीब एक साल देरी से हुआ है।
@narendramodi@PMOIndia
आज राजस्थान के लिए एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि प्रदेश की पहली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी का उद्घाटन आज होने जा रहा है।
मुझे संतोष है कि हमारी कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई परियोजना आज क्रियाशील होने जा रही है।
2008 में प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनने के बाद ही राज्य में रिफाइनरी लगाने के गंभीर प्रयास शुरू किए गए। यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के विशेष सहयोग के कारण राजस्थान को रिफाइनरी मिल सकी। इस दौरान पेट्रोलियम मंत्री रहे श्री मुरली देवड़ा और श्री वीरप्पा मोइली के साथ लगातार संपर्क रखकर एचपीएसीएल को रिफाइनरी के लिए सहमत किया गया।
वर्ष 2013 में कांग्रेस सरकार के दौरान यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी एवं पेट्रोलियम मंत्री श्री वीरप्पा मोइली ने रिफाइनरी का शिलान्यास किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि राजनीतिक कारणों से पांच साल तक रिफाइनरी का काम बन्द रहा जिससे इसकी लागत बढ़ती गई। 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद रिफाइनरी के काम को प्राथमिकता पर शुरू किया गया एवं कोविड जैसी विपरीत परिस्थिति के बावजूद लगभग 85 प्रतिशत काम कांग्रेस सरकार में पूरा किया गया।
कांग्रेस सरकार का विजन रिफाइनरी के साथ पेट्रो केमिकल जोन बनाने का था जिसमें रिफाइनरी से निकलने वाले बाई प्रोडक्ट्स के प्लास्टिक आधारित उद्योग लगें जिससे लाखों नए रोजगार पैदा होंगे। कांग्रेस सरकार के दौरान इसके लिए जमीन आवंटन भी किया गया परन्तु अभी यह ठंडे बस्ते में है। आज रिफाइनरी के उद्घाटन के साथ इस पेट्रो केमिकल जोन का काम तेजी से शुरू किया जाए और इसे राजस्थानी लोगों के लिए आरक्षित किया जाए जिससे बाहर के व्यवसायियों की बजाय स्थानीय लोगों को प्लास्टिक आधारित उद्योग लगाने एवं रोजगार में प्राथमिकता मिल सके।
राजस्थान में सरकारी भुगतान तंत्र पूरी तरह ठप हो चुका है। वित्तीय कुप्रबंधन के चलते आज कर्मचारी, पेंशनर, दुर्घटना पीड़ित परिवार, अस्पताल और छोटे ठेकेदार अपने वाजिब भुगतान के लिए भटक रहे हैं। प्रदेश के इतिहास में ऐसा संकट पहले कभी नहीं देखा गया।
RGHS का भुगतान अटकने से कैशलेस योजना में मरीजों को जेब से पैसे देने पड़ रहे हैं। चिरंजीवी/आयुष्मान दुर्घटना बीमा के स्वीकृत दावों का पैसा महीनों से पीड़ित परिवारों को नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी-GPF और सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी लंबित है।
इस संबंध में मैंने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा जी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे इस अनावश्यक संकट को गंभीरता से लें और समय रहते त्वरित निर्णय लेकर प्रदेश के लाखों परिवारों को राहत प्रदान करें।
@RajCMO
श्री @Sukhjinder_INC का परिवार पंजाब के सबसे सम्मानित परिवारों में से एक है। उनके पिता एवं पूर्व पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री संतोख सिंह रंधावा ने पंजाब में अशांति के समय बिना डरे देश की एकता, अखंडता का खुलकर पक्ष लिया। वह उन गिने-चुने राजनेताओं में से थे जिन्होंने उग्रवाद के खिलाफ सार्वजनिक मंचों से आवाज उठाई।
अपने पिता की इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए श्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी हमेशा देशविरोधी ताकतों के खिलाफ बेहद सख्त रवैया अपनाया है। पंजाब के गृह मंत्री के रूप में उन्होंने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई भी की।
जाहिर है, देशहित में खड़े रहने के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिलती रही हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी तरह से सरकार की नैतिक और संवैधानिक जिम्मेदारी है। इस गंभीर विषय को लेकर यदि वे केंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करते हैं, तो एक सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देना या उसका गलत प्रचार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अनुचित है।
EHCC अस्पताल, जयपुर में पूर्व उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनकड़ से मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी। यहां अमेरिका से आए डॉक्टर समीन शर्मा की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है। श्री धनकड़ की आज एंजियोप्लास्टी होगी।
मैं ईश्वर से श्री धनकड़ के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं।
बॉम्बे हाईकोर्ट के माननीय न्यायमूर्ति माधव जमदार की सख्त टिप्पणियों ने भाजपा सरकार के दमनकारी और अलोकतांत्रिक चरित्र को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। सरकार को इन टिप्पणियों पर केवल 'मनन' नहीं, बल्कि अपने कृत्य पर शर्म करनी चाहिए। लोकतंत्र में विरोध की आज़ादी ही उसकी आत्मा है, लेकिन भाजपा ने इसे 'बनाना रिपब्लिक' बना दिया है, जहां महज राजनीतिक नारेबाजी को भी बदले की कार्रवाई का आधार बना लिया जाता है। सत्ता के अहंकार में चूर भाजपा सरकारों की यह कायरतापूर्ण और तानाशाहीपूर्ण कार्रवाइयां लोकतंत्र पर कलंक हैं।
पिछले 12 वर्षों में देश में ऐसा माहौल बना दिया गया है जहां सरकार के विरोध को 'देशद्रोह' का रूप दे दिया जाता है। भाजपा नेता भूल गए कि UPA शासन में वे खुद कितनी आक्रामकता से विरोध करते थे और कांग्रेस उसे सामान्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया मानती थी। आज केवल सरकार की नीतियों के खिलाफ बोलने पर भाजपा शासित राज्यों में पत्रकारों, नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर FIR कर उन्हें महीनों-वर्षों तक जेल में बंद रखा जा रहा है।
यह सच को दबाने और देश में भय का माहौल बनाने की सोची-समझी साजिश है, जो लोकतंत्र की सरेआम हत्या है। सार्वजनिक जीवन में नेतृत्व करने वालों में आलोचना सुनने की सहनशक्ति होनी चाहिए। पुलिस और जांच एजेंसियों को भी यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी जवाबदेही सिर्फ और सिर्फ देश के संविधान के प्रति है, किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं।
It seems that the BJP, which talked about 'change, not revenge' in West Bengal, has handed over the state to miscreants after coming to power. The attacks on several party leaders, including Trinamool Congress MP Mrs. Mahua Moitra, confirm this fact.
Through such incidents, the BJP is sending a highly dangerous message to the country. The mistreatment meted out to them cannot be condemned enough. Every citizen who believes in the democratic system and all political parties should oppose such incidents in one voice. The time has now come for the Supreme Court to take suo motu cognizance of the violence that occurred after the assembly elections.
पश्चिम बंगाल में 'बदला नहीं, बदलाव' की बात करने वाली भाजपा ने ऐसा लगता है कि सत्ता में आने के बाद राज्य को उपद्रवियों के हवाले कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस की सांसद श्रीमती महुआ मोइत्रा समेत कई पार्टी नेताओं पर हुए हमले इसी बात की पुष्टि करते हैं।
ऐसी घटनाओं के माध्यम से भाजपा देश में एक बेहद खतरनाक संदेश दे रही है। उनके साथ हुए दुर्व्यवहार की जितनी निंदा की जाए, कम है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक और सभी राजनीतिक दलों को एक स्वर में ऐसी घटनाओं का विरोध करना चाहिए। अब समय आ गया है कि सुप्रीम कोर्ट को विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का स्वतः संज्ञान लेना चाहिए।
आज राष्ट्रीय चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) दिवस पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सीए प्रकोष्ठ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर देश एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।