CJP कल करा सकती है
अपने ही किसी बड़े नेता की ���त्या 🚨
देश को गृहयुद्ध मे झोंकने के प्रयास मे कुछ भी करने पे उतारू हैं दिमाकी नक्सल कॉकरोच.. 🔥
आपकी राय ✍️
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
बीएनएसएस की धारा 163 लागू है; कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
: नूपुर प्रसाद, संयुक्त पुलिस आयुक्त
अखिलेश के पैर छूने चाहिए शिवम त्यागी को - भदौरिया
जवाब - उनमे वहीं खून है जिसने कारसेवकों का खून किया था उसके बाद मेरा खून खौल जाता है तो ये तो ना हो पाएगा
कभी Pushups लगवाते हैं अखिलेश, कभी उठक बैठक कभी दण्डवत लेता पड़ता है कार्यकर्ताओं को तब टिकट मिलता है
राहुल - मैंने महामहिम राष्ट्रपति से कहा के ज्ञानेश वोट चोरी कर रहे हैं
राष्ट्रपति जी ने कहा के मुझे सुबूत लाइए
राहुल - मैंने कहा पूरा भारत जानता है 🙏
कोई लॉजिक है इस बात का ???
नैरेटिव - भारत में आपातकाल लागू कर दिया गया है!
नहीं जागे तो याद रखना लास्ट में नुक़सान हिन्दुओं का होगा ये सब वामपंथी हिन्दुओ से नफ़रत करते है।
आगे आओ बोलो इन के ख़िलाफ़
राहुल गांधी की राजनीति आज विदेश के भरोसे चल रही है।
कभी लंदन में जाकर के कहना कि भारत के लोकतंत्र की शिकायत होनी चाहिए, कभी अमेरिका में जाकर भारत के लोकतंत्र में हस्तक्षेप की बात करना, कभी अपने दफ्तर में खड़े होकर के कहना कि "We have to fight the Indian state itself" और अब विदेशी अरबपतियों के puppet के रूप में राहुल गांधी नजर आ रहे हैं।
भारत एक संप्रभु देश है, भारत की नीतियां भारत की संसद में बनती हैं, X (Twitter) पर नहीं। भारत को अपने देश के लोगों के लिए जो हित में होगा, भारत की सरकार उस फैसले को करने का काम करेगी। पर एक साल पहले तक जो कांग्रेस पार्टी खुद स्टारलिंक के खिलाफ बोला करती थी, आज ऐसा क्या बदल गया कि वह स्टारलिंक के पक्ष में बोलने लगी?
एक साल के अंदर ही राहुल गांधी U-turn ले��र जो बात कह रहे हैं, मैं आज उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या वे भारत में अपना विश्वास खो बैठे हैं और राजनीतिक फंडिंग के लिए विदेशी धन्ना सेठों की ओर देख रहे हैं?
क्या विदेशी धन्ना सेठों के साथ सुर में सुर मिलाकर के वह भारत में अपनी राजनीति चलाने की योजना बना रहे हैं? राहुल गांधी के इस व्यवहार को देखकर आज ‘मीर जाफर’ की याद आ रही है, जिसने विदेशियों के साथ मिलकर के अपनों को कमजोर करने का काम किया था।
कोई भी जो विदेशी धन्ना सेठों का puppet बनकर भारत में इन नीतियों को प्रभावित करना चाहता है, देश की जनता उनके मंसूबों को देख रही है।
- श्री @SidharthYadavIN
@INCIndia पप्पू पगलैट की पीपीटी वाली मीटिंग थोड़ी ही थी
जो अल्ल बल्ल बक के निकल आओगे बिना सबूत के
और नहि चमचो के सामने बोलना था
फुल तैयारी से जाना। चाहिए
प्रधानमंत्री की कुर्सी कोई तुम्हारे दादा की पुस्तैनी कुर्सी नहीं है जिसे तुम भीड़ भुला कर छीन लोगे।
तीन-तीन बार हमने वोट देकर मोदी जी को उस कुर्सी पर बिठाया है इसलिए ऐसा सोचने की भी गलती मत करना।
दिल्ली पुलिस कानून से बंधी है, देश की जनता अराजकता को मिटाने के लिए स्वतंत्र है।
इस्लाम��स्ट गिरोहों और पोस्टमाडर्न अराजकतावादियों (वामपंथ की अवैध संतानें) का गठजोड़ विश्व शांंति व मानव सभ्यता के लिए सबसे बड़ा खतरा है.
दुनिया के हर संघर्ष, हिंसा, स्ट्रीट वायलेंस में ये पाए जाते हैं.
इनके पास निर्माण का कोई विचार नहीं है.
ये जो है, उसे नष्ट करना चाहते हैं.
आज जब telecom और digital technology का इतना महत्व है... तब इससे जुड़े security framework को भी... चाक-चौबंद करना आवश्यक है।
Phone की Security और Network की Security...
ये हम सभी की प्राथमिकता है: PM @narendramodi
ढाई घंटे का भा���ी जाम, पैर की सर्जरी के दर्द से करहाती 70 साल की बुजुर्ग मां और स्टेशन पर हजारों लोगों की छूटती ट्रेनें!
आखिर कब तक विपक्ष और कांग्रेस की गुंडागर्दी और सियासी नौटंकी के नाम पर दिल्ली के लोगों को ब��धक बनाया जाएगा?
एक ऑटो चालक का यह आक्रोश सिर्फ उसका नहीं, बल्कि उस हर दिल्लीवासी की चीख है, जो रोज की इस नौटंकी से तंग आ चुका है!
मालकिन आराम से सोफे पर बैठकर मोबाइल फोन चला रही है और मालकिन की पाली हुई चमचियां चिल्ला चिल्ला कर नारे लगा रही है मालकिन को खुश कर रही है और मालकिन उनकी तरफ ध्यान भी नहीं दे रही
चमचियों को पाला ही इसी काम के लिए जाता है
पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था तक तो ठीक था लेकिन ज्ञानेश कुमार का इस्तीफ़ा कहीं Cockroach Party को महंगा ना पड़ जाए ।
बंगलुरु में इतनी कम भीड़ देखकर लगता है कि कहीं GenZ ये ना कह दे - Dipku! It’s done bro!