26 के उम्र के बाद पढ़ाई लिखाई में रुचि नहीं रह जाती। किताबें बोझ लगती है और ये जीवन नर्क महसूस होता है। इस उम्र तक जो नौकरी पा लिया या अच्छा कॉलेज पा लिया वो ठीक है, इसके बाद समाज और परिवार का दवाब आये या न आए, लेकिन अंदर अंतरात्मा से आवाजें आना अवश्य शुरू हो जाती है कि कब तक ये अनिश्चितताओं के खेल जैसी नौकरी या इसकी तैयारी के पीछे पड़े रहोगे। कब तक खुद को छलोगे। अकेले रह कर परीक्षाओं के लिए क्या मिला? जीवन में आज एक व्यक्ति नहीं है जिस से एक रुपये की मदद ले सकूं, एक खास मित्र नहीं जिस से कुछ सच में खुल कर साझा कर सकूं। जीवन कितना अजीब हो गया है। अब तो कुछ लिखने में भी अजीब लगता है, सोचता हूं जो पढ़ेगा वो गाली ही देगा और मन ही मन चुटिया बोलकर हँस देगा।
देखता हूं क्या कर सकता हूं। जीवन में सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक हर मुद्दों पर अंधेरा ही छाया है। कभी कभी लगता है काश पैसों का जखीरा होता तो पढ़ना नहीं पड़ता, इतना बेवजह अवसाद नहीं आता, किसी को कुछ प्रूफ करने का दवाब नहीं रहता। पर सच तो यही है कि जो अकेला है, वो जीवन भर अकेला ही रहेगा जब तक उसे मनपसंद की चीजें न मिल जाए।
"हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा" 🙏🚩
आज पावन धरा खाटूधाम में कलियुग के आराध्य देव, तीन बाणधारी श्री खाटू श्याम जी के श्रीचरणों में शीश नवाकर दर्शन-पूजन का सौभाग्य प्राप्त हुआ
खेती-किसानी की एकदम प्रैक्टिकल जानकारी रखते हैं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
ऐसी सटीक जानकारी तभी होती है जब आपने खेती की हो। भजनलाल जी खुद एक किसान परिवार में पैदा हुए हैं और उनका दावा है कि उन्होंने बैल से भी खेत जोता है।
सुनिए जयपुर के जमवारामगढ़ में किसानों के सहज सी बातचीत
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन रात भर बैठे बैठे ऊटपटांग ट्वीट करते रहते हैं।
पहले मुझे समझ में नहीं आता था कि वे ऐसा क्यों करते हैं लेकिन अब तो मैं बहुत आराम से समझ पा रहा हूं कि वे ऐसा क्यों करते हैं।
पहले मुझे उन पर गुस्सा आता था।
अब मुझे उनसे सहानुभूति सी होने लगी है।
अपने घर के आँगन में बनाए गए छोटे से स्विमिंग पूल के उद्घाटन पर नन्हे साथी सूर्यांश मुंडेल का मासूम आमंत्रण दिल को छू गया।
आज उसी प्यारे वीडियो के बाद उससे वीडियो कॉल पर बात करने का सुखद अवसर मिला… उसकी मासूम मुस्कान और उत्साह ने मन खुश कर दिया।
ढेर सारा स्नेह, आशीर्वाद और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ… ऐसे नन्हे सपने ही कल की बड़ी उड़ान बनते हैं।
हम इनके क्षेत्र की जनता है।इन्होंने जोजरी नदी में प्रदूषण के जरिये हमें मौत के मुंह में धकेला है।जोजरीनदी पर रिवरफ्रंट का झूठा वादा करके बैनर से उद्घाटन कर दिया ओर आज तक एक रूपया नहीं लगाया।
निकम्मे नेताजी के कार्यकर्ता परेशान नहीं होने चाहिए जनता भले ही मरती रहे।जोधपुर की जनता से आग्रह है की वे इनको हराकर इनकी राजनीति खराब कर दें।ओर IAS ओर RAS अधिकारियों को मिलकर इन्हें पूरा एक्सपोज़ कर देना चाहिए।
माननीय प्रधानमंत्री @narendramodi जी ये घमंड दिखाता है आप जनता की सरकार नहीं सिर्फ कार्यकर्ताओं की सरकार है।जनता इनके क्षेत्र में मर रही है।यहां तक कि पानी की सप्लाई में भी जोजरी का केमिकल आ रहा है।
राज्यसभा में AAP के सांसद राघव चड्ढा ने पैकेजिंग फ्रूट जूस का मुद्दा उठाते हुए कहा- "आपको लगता है कि आप फ्रूट जूस पी रहे हैं? फिर से सोचिए। बड़े फ़ूड ब्रांड सामने की तरफ़ चमकदार ‘ताज़े फल’ की तस्वीरों के साथ चीनी का पानी बेच रहे हैं। और पैकेट के पीछे छोटे से छोटे अक्षरों में सच्चाई छिपा रहे हैं, जिस पर लिखा है ‘तस्वीरें सिर्फ़ मार्केटिंग के मकसद से हैं।"
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