केजरीवाल जमानत मामले में एक मीडिया हाउस भी शामिल था
जिन लोगों को बरी किया गया उसमें एक मीडिया उसका भी नाम आ रहा है
अरविंद कुमार सिंह (इंडिया अहेड न्यूज में प्रोडक्शन कंट्रोलर),
मूथा गौतम (इंडिया अहेड न्यूज के प्रबंध निदेशक)
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 7073000520
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। 7073000520
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है 7073000520
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की ह
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरेजाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिला एफआईआर दर्ज की है
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी की है।हमने दावा किया और उन्होंने खारिज कर दिया। इसलिए हमने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।आपसे अनुरोध है
वर्ष 2010 में मेरे पिता ने ICICI बैंक से ऋण लिया था और वर्ष 2016 में मेरे पिता के निधन के बाद हमें पता चला कि उन्होंने मेरे नाम से मेरे जाली हस्ताक्षर के साथ गृह बीमा पॉलिसी जारी कर दी।हमने दावा दायर किया और उन्होंने दावा खारिज कर दिया।आपसे अनुरोध है कि कृपया हमारी मदद करें।