देश की राजधानी में देश की बेटी को सड़क पर गिराकर पीटा जा रहा है,
मासूम बच्चों पर हाथ उठाए जा रहे हैं, और सामने खड़ी पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है।
यह सिर्फ एक बहन या बेटी पर हमला नहीं है बल्कि इंसानियत और लोकतंत्र पर हमला है।
क्योंकि जब रक्षक ही तमाशबीन बन जाएँ, तो आम जनता न्याय के लिए किसके पास जाए?
#NirmalChoudhary
दिल्ली 📍
जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को बदनाम करने के लिए रेखा गुप्ता द्वारा कचरा फैलाया जा रहा है।
BJP अपने ही देश के नागरिकों को बदनाम करने के लिए क्या क्या करवा सकती है कोई नहीं जानता।
#JantarManatar#DelhiProtest
अभिजीत दीपके सोनम वांगचुक और सौरव दास धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा दिलवा कर ख़ुशी मना रहे है।
उधर दिल्ली में बजरंगदल जो एक दंगाई गिरोह है वो लगातार छात्रों की पीट रही है।
और दल्ली पुलिस मूकदर्शक बनी देख रही है
पत्रकार: सर, एक बात तो है कि भजनलाल जी की सरकार में पेपर लीक नहीं हो रहे हैं।
गोविंद सिंह डोटासरा: अरे भाई, पेपर तो हो ही नहीं रहे हैं। आप तो भजनलाल जी की वाणी बोल रहे हैं। बता दीजिए, उन्होंने अब तक कौन-कौन से पेपर करवाए हैं? आरपीएससी सदस्य कटारा को इन्होंने थोड़ी पकड़ा था। हमारी सरकार में ही उसे पकड़ा गया था।
दिया कुमारी जी… Curly Tails के साथ….
दाल बाटी चूरमा की व्याख्या करते हुए….
ये गुलाबी शहर वालों का चूरमा भी गुलाबी होता है क्या..??
वैसे हम खाते हैं भाटी दाल बाटी, या भवानी दाल बाटी…
और ये खा रहे हैं शाही दाल बाटी…😂😂
गुजरात के सूरत में CCTV वीडियो में महिला पुलिसकर्मी एक 90वर्षीय आदिवासी वृद्धा को घसीटते और थप्पड़ मारते दिख रही है। यह कानून नहीं, निर्दयता और सत्ता का दुरुपयोग है। हम इस बर्बरता की कड़ी निंदा करते है और दोषी पुलिसकर्मियो के तत्काल निलंबन की मांग करते है।
आज मैं अपनी प्रोफाइल पिक्चर (DP) बदलकर #SaveAravalli अभियान का हिस्सा बन रहा हूँ। यह सिर्फ एक फोटो नहीं, एक विरोध है उस नई परिभाषा के खिलाफ जिसके तहत 100 मीटर से कम ऊंचाई वाली पहाड़ियों को 'अरावली' मानने से इंकार किया जा रहा है। मेरा आपसे अनुरोध है कि अपनी प्रोफाइल पिक्चर बदलकर इस अभियान से जुड़ें:
अरावली के संरक्षण को लेकर आए इन बदलावों ने उत्तर भारत के भविष्य पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यह निर्णय हमारे अस्तित्व के लिए खतरनाक है क्योंकि:
1️⃣ मरुस्थल एवं लू के खिलाफ दीवार: अरावली कोई मामूली पहाड़ नहीं, बल्कि कुदरत की बनाई 'ग्रीन वॉल' (Green Wall) है। यह थार रेगिस्तान की रेत और गर्म हवाओं (लू) को दिल्ली, हरियाणा और यूपी के उपजाऊ मैदानों की ओर बढ़ने से रोकती है। अगर छोटी पहाड़ियाँ (Gaping Areas) खनन के लिए खुल गईं, तो रेगिस्तान हमारे दरवाज़े तक आ जाएगा और गर्म हवाएं तापमान को बढ़ा देंगी।
2️⃣ प्रदूषण से रक्षा: ये पहाड़ियाँ और यहाँ के जंगल NCR और आसपास के शहरों के 'फेफड़ों' (Lungs) की तरह काम करते हैं। ये धूल भरी आंधियों (Dust Storms) को रोकते हैं और जानलेवा प्रदूषण को कम करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं। दिल्ली और आसपास के इलाके में अरावली के बावजूद इतनी गंभीर स्थिति है तो अरावली के बिना कैसी स्थिति होगी, उसकी कल्पना करना भी वीभत्स है।
3️⃣ भूजल (Groundwater): अरावली हमारे लिए पानी का मुख्य रिचार्ज ज़ोन है। अरावली की चट्टानें बारिश के पानी को ज़मीन के भीतर भेजकर भूजल रिचार्ज करती हैं। अगर पहाड़ खत्म हुए, तो भविष्य में पीने के पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ेगा,जिससे वन्यजीव लुप्त होने की कगार पर आ जाएंगे तथा इकोलॉजी को खतरा होगा।
वैज्ञानिक सच यह है कि अरावली एक निरंतर शृंखला (Continuous Chain) है। इसकी छोटी पहाड़ियाँ भी उतनी ही अहम हैं जितनी बड़ी चोटियाँ। अगर दीवार में एक भी ईंट कम हुई, तो सुरक्षा टूट जाएगी।
📢 हमारी अपील:
हम केंद्र सरकार और माननीय सुप्रीम कोर्ट से विनम्र निवेदन करते हैं कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए इस परिभाषा पर पुनर्विचार (Reconsider) करें। अरावली को 'फीते' या 'ऊंचाई' से नहीं, बल्कि इसके 'पर्यावरणीय योगदान' (Ecological Impact) से आंका जाए।
#SaveAravalli
राजस्थान में अरावली पर्वत माला को बचाने के लिए लोग सड़कों पर हैं, लेकिन कॉरपोरेट दबाव में बिक चुकी मीडिया को यह संघर्ष दिखाई नहीं देता है। मीडिया की चुप्पी भी इस अपराध में भागीदारी है। #SaveAravalli
सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें लड़की अपने पापा से कुछ कहते नजर आ रही है!,😳😊
लड़की— पापा मेरा एक बॉयफ्रेंड है जो आपको बताने का टाइम अब आ गया है,
पापा— तो इसमें घबराने की क्या बात है सबका होता है हमारा भी और मम्मी का भी हुआ था।
लड़की— लेकिन पापा वह दूसरी जाति का है। 😱
पापा— किसी भी जाति का हो कोई दिक्कत नहीं,, हम सब इंसान ही है ना सभी जातियों में दो-चार परसेंट ही सही और गलत होते हैं हर मां-बाप की इच्छा होती है की बेटी जहां जाए वहां खुश रहे।
लड़की— पापा हम लोग 11 साल से साथ में हैं!.
पापा— यह तो हमें खुशी की बात है खुशी-खुशी बताओ देखा है मैंने लड़के को मुझे 10 साल से सब पता है मम्मी को भी 10 साल से पता है...
बताओ ऐसे मां-आप कहां मिलते हैं आज के समय में...See more
यह स्पष्ट है कि भाजपा की राजनीति का प्रमुख हथियार विपक्ष पर दबाव बनाना और डराने की राजनीति अपनाना रह गया है। जिस परिवार का इतिहास देशभक्ति, त्याग और शहादत से जुड़ा रहा हो, उनके ऊपर किसी भी तरह का दबाव डाला ही नहीं जा सकता। @RahulGandhi जी ने जो मुद्दे उठाए है, वे बिल्कुल उचित हैं और भाजपा के पास उनका कोई ठोस जवाब नहीं है।
नेशनल हेराल्ड का मामला पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद आरोपों पर आधारित है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि अंत में सत्य की विजय होगी।
@priyankagandhi@kcvenugopalmp@INCIndia