भारतीय राष्ट्रवाद का निर्माण संवैधानिक देशभक्ति से होता है, जिसमे हमारी साझी विरासत और विविधता के प्रति प्रशंसा का भाव शामिल है। भारत की राष्ट्रीयता किसी एक भाषा, एक धर्म और एक दुश्मन पर आधारित नही है। यह 1.3 अरब लोगो का शाश्वत सर्वहितवाद है।
चाँद को जो दिलकशी से निहारते है,
वे जमीं को कब पहचानते है ।
तीरगी मे साया भी साथ छोड़ देता है,
जुगनू की मोहब्बत को हम जानते हैं ।।
✍️ नितिन "मुसाफिर "❤
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शुक्रिया❤ @mohd_ali_sahil
जी🙏
आरक्षण केवल गरीबी दूर करने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से वंचित समाज को प्रतिनिधित्व देने का संवैधानिक अधिकार है और जिन सभी वर्गों को आरक्षण का अधिकार मिला है, उनका यह अधिकार हमेशा अटल रहेगा। लेकिन आज की सच्चाई यह भी है क�� आर्थिक पिछड़ापन समाज में एक नई खाई और बड़े असंतोष का कारण बन रहा है। इसी आर्थिक हताशा का कुछ लोग अपनी राजनीतिक ताकत बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं और उन समाजों के खिलाफ जानबूझकर द्वेष फैलाते हैं जिन्हें संवैधानिक रूप से आरक्षण मिला हुआ है।
इस सामाजिक खाई और असंतोष को दूर करने के लिए मेरा दृढ़ मत है कि EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) की आय सीमा ₹8 लाख से बढ़ाकर ₹12-15 लाख की जानी चाहिए, जिस पर हमारा मंत्रालय और नीति आयोग गंभीरता से विचार भी कर रहे हैं। आर्थिक विषमता को हल किए बिना सच्चे सामाजिक सौहार्द की कल्पना नहीं की जा सकती। हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र पर निष्ठा से काम कर रही है, जिसका लक्ष्य यही है कि गरीबी की आड़ में समाज में नफरत न फैले और हर कमजोर नागरिक को उसका न्यायपूर्ण हक़ म��ल सके।
A big thank you 🙏 to all the supporters of PBKS for standing strong with us all through the rollercoaster ride of IPL 2026. From the highs to the lows & everything in between…. felt more wholesome with all of your love❤️ Till we meet again, all my love & best wishes 💕 #Ting