2004 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - CBSE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2006 - MBBS पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2007 - AIEEE पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2008 - PMT पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - Law पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
2009 - RRB पेपर लीक - कांग्रेस सरकार
जानिए क्या था कांग्रेस का शिक्षा मॉडल?
आजादी के 30 सालों तक भारत का शिक्षा मंत्रालय mostly धर्म विशेष के नेता जैसे मौलाना अब्दुल कला��� आज़ाद, मौलाना मोहम्मद करीम छागला, पूर्व शिक्षा मंत्री हुमायूँ कबीर, सैय्यद नुरुल हसन।
क्या ये संयोग था?
आजादी के बाद नेहरू परिवार की रिश्तेदार रोमिला थापर ने अपने तरीके से इतिहास लिखा, मुगलों का मनचाहा महिमामंडल किया और शिक्षा की नींव को आक्रांताओं का गुलाम बना दिया गया।
और मजे की बात ये है कि ज्ञान आजकल कांग्रेस की वो नेता बांट रही है जो ना भारत के स्कूलों में पढ़ी है और 50 साल भारत में रह���े के बाद भी भारत की एक भाषा ठीक से ब���ल नहीं पाती!
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बीजेपी और कांग्रेस के बीच अंतर
जब अन्ना हजारे तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ भूख हड़ताल कर रहे थे, तो लोकसभा में बीजेपी की नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील किया था।
लेकिन कांग्रेस, जो अभी विपक्ष में है, इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण ��र रही है, जिससे लाखों युवा जुड़े हुए हैं।
एक राष्ट्रवादी पार्टी और सिर्फ़ किसी भी तरह सत्ता हथियाने की चाहत रखने वाली देशद्रोह��� पार्टी के बीच यही अंतर है।
1-मिस काल पर गैस सिलेण्डर।
2-आनलाइन बिलों का भुगतान।
3-यू पी आई पेमेन्ट।
4-डीजी लाॅकर।
5-ज��� औषधि केन्द्र।
6-आयुष्मान कार्ड।
7-नयी संसद भवन।
8-फ्री वैक्सीनेशन।
9-जन धन योजना।
10-सर्जिकल स्ट्राईक।
11-ऑपरेशन सिन्दूर।
12-तीन तलाक़ बिल।
13-आधार लिंक।
14-फास्ट टैग।
15-चिनाब ब्रिज।
16-जम्बू की सुरंग।
17-गंगा एक्सप्रेस-वे।
18-काशी कोरीडोर।
19-विश्वनाथ कोरीडोर। 20-केदारनाथ पुनर्निर्माण।
21-श्री राम मन्दिर निर्माणह
22-सुकन्या समृद्धि योजना।
23-शौचालयों का ��िर्माण।
24-रेलवे पटरियों का दोहरीकरण।
25-रेलवे स्टेशनों का विस्तार।
26-टिकट बुकिंग में दिन कम।
27-टिकट कैंसिलेशन सुविधा।
28-स्वर्णिम चतुर्भुज योजना।
29-भारत माला प्रोजेक्ट।
30-18 एम्स का निर्माणह
31-S I R
32-महात्मा गाँधी सेतु पुनर्निर्माण।
33-भूपेन हजारिका सेतु।
34-सेना का आधुनिकीकरणह।
35-मेक इन इण्डिया।
36-ड्रोन क्रान्ति।
37-किसानों के खाते में सीधे पैसे। 38-राशन डिजिटलाईजेशन।
39-फ्री राशन।
40-कन्या सु��ंगला योजनाह
41-G S T लागू करना।
42-G S T में भारी कटौती।
43-सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्ष।
44-तालाबों का निर्माण।
45-हर घर नल से जल।
46-22 घण्टे बिजली।
47-इनकम टैक्स में अभूतपूर्व छूट।
48-धारा 370 का हटाना। 49-553 नये रेलवे स्टेशन। 50-1500 नये ओवर ब्रिज। 51-200 से अधिक बेकार कानून हटाना।
52-E D के रिकार्ड तोड भ्रष्टाचारियों पर छापे।
53-3000 रु में फास्ट टैग की वर्षभर की छूट।
54-E V M में VVPAT लागू करना।
55-कर्तव्य पथ मार्ग।
56-नोटों में सांस्कृतिक धरोहरों के चित्र।
57-नांलदा यूनिवर्सिटी का पुनर्निमाण।
58-तेजस का घरेलू उत्पादन।
59-सेल फोन निर्माण में आत्मनिर्भरता।
60-मुद्रा योजना।
61-उज्ज्वला योजना।
62-सुरक्षा बीमा।
63-390 नये विश्वविद्यालय
64-7 नये ीत
65-7 नये IIM
66-16 नये IIIT
67-300 नये मेडिकल कालेज।
68-पम्बन ब्रिज का निर्माण।
69-ऋषिकेश -कर्णप्रयाग रेलवे प्रोजेक्ट।
70-उत्तराखंड चारधाम सड़क निर्माण।
71-ब्रह्मोस उत्पादन फैक्ट्री।
72-असाल्ट रायफल निर्माण अमेठी।
73-वन्दे भारत आधुनिक ट्रेनें।
74-वक्फ बोर्ड प्रापर्टी पर कानून।
75-रेलवे में बायोट्वायलेट।
76-श्रम हित के श्रम कानूनों को लागू करना।
77-G RAM जी योजना लागू करना।
78-सड़कों के निर्माण में भारत चीन को पीछे छोड़ चुका है।
79-12 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ।
80-8 लाख से अधिक कार्मिशियल लाइसेंस आवन्टन।
81-80,000 नये पैट्रोल पम्प।
82-शौर्य स्थल का निर्माण।
83-रेल बजट का आम बजट में विलय।
84-9000 से अधिक नये स्कूल। 85-अवैध निर्माणों पर बुल्डोजर। 86-बार्डर पर फैन्सिंग।
87-आर्मी को आतंक के विरुद्ध खुली छूट।
88-विकास कौशल योजना।
89-विमुद्रीकरण।
90-टोल नाके समाप्त करके फास्ट टैग सुविधा।
91-चन्द्रयान।
92-मंगल मिशन।
93-मल्टी सैटेलाईट स्टैबिलाइजेशन।
94-बिहार में बाढ प्रभावित क्षेत्रों को कम करना।
95-लाईनें ख़त्म।
96-स्मार्ट सिटी विस्तार।
97-किसानों को यूरिया कोटिंग।
98-P F निकालना सुविधाजनक हुआ।
99-निजी और घरेलू क्षेत्रों में 5 कर���ड़ से अधिक नये रोज़गार का सृजन।
100-कृर्षि कानून पारित हुये होते तो दलाली भी ख़त्म होती और मण्डियों पर बहुत से बांग्लादेशियों के अवैध कब्ज़े भी ख़त्म हुये होते।
इसलिये भाजपा और मोदी जी के साथ डटकर खड़े रहिये, और विपक्ष की साज़िशों को समझिये।
युवाओं को बहुत अपनापन देने की जरूरत है, समय देने की जरूरत है, संवाद करने की जरूरत है:- मोहन भागवत (RSS प्रमुख)
इस बयान के 4 घंटे बाद धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो गया…….
“पेपर लीक पूरे देश की समस्या है। हमने इसे रोकने की कोशिश की, गहलोत जी ने भी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए।”
— प्रियंका गांधी, राजस्थान में पेपर लीक पर
इंडोनेशिया में PM का ऐतिहासिक स्वागत! 🇮🇳
अब कांग्रेसी ओवरटाइम करेंगे ताकि नेहरू का कोई पुराना वीडियो ढूंढ सकें या इस सम्मान को कम आंक सकें। असल में, इनसे नए भारत का वैश्विक डंका और बढ़ता रुतबा बर्दाश्त ही नहीं होता! 🔥
महज 13 साल की बच्ची के साथ 32 लोगों ने 5 दिन हैवानियत बहुत ही दर्दनाक और शर्मनाक है!
ऐस��� घटनाएं सिर्फ एक परिवार को नहीं बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती है!
दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिले और बच्चों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाये जाये!!