सुबह के 4 बजे। जब दुनिया सो रही थी, तब अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में ले लिया गया।
उनका गुनाह? वे इंडिया गेट पर चुपचाप बैठे थे - बोझिल कंधों के साथ, बिना किसी हंगामे के और सिर्फ़ इतना माँग रहे थे कि CBI जाँच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल न बनाया जाए।
कल मैं और प्रियंका इन माता-पिता से मिले थे।
जिस जाँच का नतीजा आया नहीं, उसके पहले ही नियुक्ति की जल्दी और सवाल पूछने वाले माँ-बाप को रात के अंधेरे में उठा लिया गया।
इस सरकार की पहचान यही है: पीड़ितों की आवाज़ दबा दो, सवाल करने वालों को हटा दो।
पर न्याय की लड़ाई न दबेगी, न रुकेगी।
कांग्रेस अंकिता भंडारी के परिवार के साथ खड़ी है, और खड़ी रहेगी - जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता।
#JusticeForAnkitaBhandari
आरएसएस,बीजेपी की स्टाइल में देखिये कैसे लक्ष्मी मानी जाने वाली बेटियों की पूजा की जा रही है।ये सत्ता में बैठे हिंसक अपनी आँखें बंद किए हुए हैं।ये किसी के सगे नहीं हैं।जिनके साथ ये सब हो रहा है क्या वे देश के नहीं हैं या हिन्दू नहीं हैं?
चार साल हो गए। इंसाफ देना ही नहीं था। राज्य में लगातार विरोध प्रदर्शन होता रहता है। अगर जी- प्रिंटर से नतीजों के प्रिंट निकाल लाने का गुमान नहीं होता तो कोई भी राजनीतिक दल राज्यपाल का पद नहीं देता। पहले इंसाफ करता। इसका क्या बचाव हो सकता है कि चार साल से राज्य की जनता अंकिता के इंसाफ को लेकर संघर्ष कर रही है। उत्तराखंड की जनता के उस हिस्से की दाद देनी होगी जो आए दिन इसे लेकर सड़क पर उतरती है। बड़ी बात है।
जंतर-मंतर किसी के पापा का नहीं है!
चाहे मोदी हों या शाह, जंतर-मंतर किसी की बपौती नहीं है! देश की जनता से वहाँ विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार हम किसी भी कीमत पर छीनने नहीं देंगे!
: IYC अध्यक्ष @UdayBhanuIYC जी
चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘VIP’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला।
जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है - उस महिला-विरोधी BJP से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती।
आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, India Gate पर बैठे हैं।
मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं - उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।
#JusticeForAnkitaBhandari
अंकिता भंडारी के माँ-बाप हिरासत में,
और VVIP दुष्यंत सीधा राजभवन में।
अगर दुष्यंत गौतम की राज्यपाल के पद से बर्खास्तगी नही हुई, तो अब कुछ इसी तरह पूरे देश की सड़कों पर Justice के लिए Democracy का तांडव होगा। और ये तांड़व तुम रोक नही पाओगे अमित शाह।
अमित शाह मोदीजी की पॉपुलेरिटी का बखान कर रहे हैं, मोदीजी की 'पॉपुलेरिटी' देखनी हैं तो आइए देश की सड़कों पर...हक़ीक़त पता चल जाएगी।
अमित बाबू, कभी आइए हमारी हवेली पर…..
आधी रात हो चुकी है,
शायद प्रधानमंत्री और गृहमंत्री चैन की नींद सो रहे होंगे।
लेकिन इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माँ-बाप आज भी बेटी के इंसाफ़ के लिए बैठे हैं।
और BJP के VVIP नेता दुष्यंत गौतम अंकिता भंडारी केस में अपनी संलिप्तता की वजह से मिले रिवार्ड के तहत सिक्किम में राज्यपाल की कुर्सी पर बैठने की तैयारी कर चुके है।
#JusticeForAnkitaBhandari
वो दिन आ रहा है जब हमारे लोकतंत्र की आवाज़ को दबाने वालों को कठोर न्याय का सामना करना पड़ेगा। चाहे वो नरेंद्र मोदी हों, अमित शाह हों, ज्ञानेश कुमार हों या कोई भी हवलदार।
मैं चाहता हूँ कि हर वो छात्र और युवा, जिसने पुलिस की हिंसा या ग़ैरक़ानूनी हिरासत झेली है, उसका पूरा रिकॉर्ड रखे - वीडियो या फोटो - ये ज़रूरी होंगे।
शांतिपूर्ण विरोध आपका अधिकार है। हम इसे किसी को छीनने नहीं देंगे।
देश के गृह मंत्री @AmitShah जी कहते है की ये सिर्फ आठ हजार लोग है!
नजर बहोत कमजोर हुई है इनकी!
नंबर चेक करो
या full body checkup करा लो!
न दिखना या न सुनाई देना एक बडी बिमारी की सुरवात है!
गृह मंत्री स्वास्थ्य ठीक करो!
@PMOIndia@RahulGandhi@RSSorg