स्वारा भास्��र - मुगलों के हमलों के दौरान जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं |
जाट एसोसिएशन - छोटी सी तरक्की के लिए मुगलों का बिस्तर करने वाली गंदगी को अक्सर जौहर करने वाली कायर लगती हैं |
और इस बात का उदाहरण हमको देने ��ी आवश्यकता नहीं कि वह कौन कौन गंदगी हैं जो तरक्की के लिए मुगलों का बिस्तर गर्म अब भी कर रही हैं |
📘 सरकारी स्कूल के बच्चों को 'Quality Education' या सिर्फ 'कामचलाऊ' इंतजाम? जवाब दीजिए सरकार!!
"नियम कागजों पर चाहे जितने कड़े हों, लेकिन अगर धरातल पर बच्चों को शिक्षक ही न मिलें, तो वो नियम किस काम के?" आज राजस्थान के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे युवाओं के सामने एक बड़ा संकट खड़ा है।
⚠️ 'क्वालिटी एजुकेशन' के नाम पर यह कैसा विरोधाभास?
* नियमों के फेर में खाली पड़े स्कूल: RPSC ने 40% न्यूनतम अंक का कड़ा नियम लागू किया। उद्देश्य था योग्यता तय करना, लेकिन इसका नतीजा यह हुआ कि हज़ारों पद खाली रह गए। आज प्रदेश के स्कूलों में लगभग 98 हज़ार शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।
* चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से अध्यापन का 'शॉर्टकट': अब इन खाली पदों की भरपाई के लिए शिक्षा विभाग स्कूलों के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से अध्यापन करवाने की तैयारी में है। जो कर्मचारी प्रशासनिक और दफ्तारी काम संभालते हैं, उन्हें बिना किसी विशेष शिक्षक चयन प्रक्रिया के सीधे चाक-डस्टर सौंप देना कहाँ की बुद्धिमानी है? क्या यह शिक्षक पद की गरिमा और शिक्षण की गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं है?
* विद्या संबल का 'अस्थाई' झुनझुना: स्थाई नियुक्तियां करने के बजाय 'घंटों के हिसाब से' (विद्या संबल योजना) गेस्ट फैकल्टी रखकर काम चलाया जा रहा है। बिना किसी स्थाई जिम्मेदारी और निरंतरता के बच्चों को वो 'Quality Education' कैसे मिल पाएगी जिसके वे हकदार हैं?
❓ सरकार से सीधे सवाल:
यदि सरकार का मानना है क��� 40% से कम अंक लाने वाले गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं दे सकते, तो फिर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और अस्थाई व्यवस्थाओं के भरोसे स्कूलों को छोड़ना किस प्रकार की 'Quality Education' है?
क्या सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले होनहार बच्चों को नियमित, प्रशिक्षित और स्थाई शिक्षकों से पढ़ने का समान अधिकार नहीं है?
यह प्रशासनिक विफलता हमारे बच्चों के भविष्य और युवाओं के रोजगार दोनों पर प्रहार है।
सरकार ��न कामचलाऊ पैंतरों को बंद करे और तुरंत सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी, स्थाई भर्तियां पूरी करे!
💬 अगर आप भी मानते हैं कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतरीन और स्थाई शिक्षा मिलनी चाहिए, तो इस पोस्ट को री-ट्वीट (RT) करके अपनी आवाज़ बुलंद करें और कमेंट में अपनी राय दें! 👇
#नहीं_चाहिए_विद्या_संबल
#RPSC #QualityEducation
Hello @alokrajRSSB sir ,this person @rathoreravina34 is claiming that she is an UDC in rajasthan secretariat and has been providing false information to the students
Can anyone who is government servant can provide the confidential information?
कट ऑफ का काला कारोबार भी अब बंद होने वाला है....... 😝😃
Rssb को भी परिणाम से पहले कट ऑफ का अनुमान बताने पर रोक लगा देनी चाहिए
बाड़मेर के एक फर्जी गुरुजी ने L 1 की कट ऑफ से पहले 5 घंटे vc में ज्ञान फेंका था फिर लाइव सेशन चलाया था 193 अच्छा आंकड़ा लगने लगा था और बाद में वीडियो डिलीट कर दिया
लाइब्रेरियन ग्रेड 3 में दो गुणा के बाद एक गुणा की कट ऑफ आस पास भी नहीं रही थी 🙂🙂
55 दिन बहुत होते हैं।
बाड़मेर में अंबाराम मेघवाल पिछले 55 दिनों से न्याय की उम्मीद में धरने पर बैठे हैं।
सवाल बाड़मेर कलेक्टर से क्या 55 दिन भी प्रशासन को सुनने के लिए काफी नहीं हैं?
एक नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए आखिर कितने दिन धरने पर बैठना पड़ेगा?
@BarmerDm@RajCMO@BhajanlalBjp@ashokgehlot51